Monday, April 15, 2024
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सख्त रवीश का सख्त इंटरव्यू

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वो दरसल संप्रदायिकता के ख़िलाफ़ छिड़ी इस जंग को कमज़ोर नही करना चाहते थे इसलिए नीलकंठ बन आदर्श पत्रकारिता को उन्होंने अपने कंठ में ही रोक लिया ।  

आज भारतीय पत्रकारिता का सबसे सख़्त, हलख से जीभ निकाल देने वाला इंटर्व्यू देखा। और हम सब जानते है, ऐसा सख़्त इंटरव्यू रवीश जी के अलावा भला और कौन ले सकता है। वो आज अखिलेश यादव जी से प्राइवट चार्टर्ड प्लेन में बात कर रहे थे। उनसे पूछा विज्ञापनो में आप भाजपा से क्यू पिछड़ रहे है? इस पर अखिलेश जी ने प्राइवट हवाई जहाज़ में बैठे बैठे कहा की हमारे पास पैसा नही है।

अब यही से अंतर समझ आता है, इस अवसर पर यदि कोई गोदी मीडिया होता तो जवाब में कुछ पूँछता ही नही, लेकिन यहाँ रवीश जी थे। तुरंत उनके अंदर के पत्रकार की तीसरी आँख खुल गयी और उन्होंने अखिलेश की गर्दन दबोचते हुए अपने दाँत भींच कर पूँछा कि अबे लोहिया के तोतले समाजवादी ये प्लेन मे उड़ने का पैसा क्या तेरी बुआ दे रही है या टोंटी बेच के ख़ुद कमाया है?

इंटरव्यू यही नही रुका !

फिर इस बार चुनाव में मुलायम के कम प्रचार करने के प्रश्न पर भी जब अखिलेश ढोल-मोल जवाब देते दिखे तब फिर उनकी तीसरी आँख खुल गयी और इस बार तो उन्होंने लगभग प्लेन से बाहर ही फेंक दिया होता। पर उन्हें रामानन्द सागर में होने वाले चित्रण की तरह ही लिबरल लोक के सारे धर्मनिरपेक्ष देवी देवता करबद्ध मुद्रा में ब्रह्मांड में सहष्णुता (tolerance) के लिए विनती करते हुए दिखाई दिए और फिर वो शांत हो गए। वो दरसल संप्रदायिकता के ख़िलाफ़ छिड़ी इस जंग को कमज़ोर नही करना चाहते थे इसलिए नीलकंठ बन आदर्श पत्रकारिता को उन्होंने अपने कंठ में ही रोक लिया।

सब कुछ आनंदमय चल रहा था, गणेश विद्यार्थी जी भी अपने लोक में बैठे बैठे पत्रकारिता के इस नए लौकिक अवतार की दिव्य लीलाओं को देख मंद मंद मुस्कुरा रहा थे लेकिन तभी एक समस्या हो गयी।

दरसल जब रवीश जी की तीसरी आँख खुल रही थी तभी अलार्म बजा और मेरी भी दोनो आँखे खुल गयी। और समझ आया की ये तो मैं सपना देख रहा था।

निसंदेह इंटरव्यू तो सच में हुआ है लेकिन अब समझ नही आ रहा की क्या रवीश जी ने सच में ऐसे गर्दन पकड़ी थी या वो केवल सपना देखा था। मुझे इस शंका को दूर करने की ज़रूरत लगी नही क्यूंकि रवीश जी कोई गोदी मीडिया तो है नही इसलिए ये मान लेना उचित होगा की उन्होंने सच में बहुत कठोर इंटरव्यू लिया होगा।

विश्वास न हो तो आप ख़ुद ही देख लो उनका नया शो – “रवीश का रोड शो”।

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