Sunday, January 24, 2021

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Akhilesh Yadav

Opposition politics and world’s largest Corona vaccination program

The statement which made me write this article is from Samajwadi Party leader Akhilesh Yadav’s latest Statement as ‘When will the COVID vaccine reach the poor people?’

कोरोना वैक्सीन और सेकुलर मित्र

इस्लाम नहीं मानता कि पृथ्वी गोल है और सूर्य के चक्कर काटती है। किसी ने क्या कर लिया उनका, और क्या बिगड़ गया उनका ऐसा मानने से? पाकिस्तान में दोनों तरह की साइन्स पढ़ाई जाती है: पृथ्वी के गोल और सूर्य के चारो ओर घूमने वाली भी, और उसके चपटी और स्थिर होने वाली भी, जिसको जो मानना हो, माने। यह होता है असली लोकतन्त्र!

उत्तर प्रदेश भगवा-गढ़ बना रहेगा

2012 में मुलायम ने चुनाव जीतकर अखिलेश को मुख्यमंत्री पद दे दिया था। उसके बाद धुआंधार तरीके से बैक-टू-बैक तीन चुनाव अखिलेश ने अकेले दम पर हारे हैं। ये अलग बात है कि इस बात का कभी घमंड नहीं किया।

सख्त रवीश का सख्त इंटरव्यू

रविश जी के सख़्त और तीखे सवालों से भागे अखिलेश जी

From corruption to casteism: The Samajvadi manifesto

While the SP faces internal disturbances, their Manifesto presents a rather vague and unclear socialist strategy.

जो नाम ले जाति का, उसके मन में खोट

हाल ही में समाजवादी पार्टी ने अपना चुनावी घोषणा-पत्र जारी किया जिसमें लिखा है कि अगर उनकी सरकार दिल्ली में बनी तो ऊँची जाति वाले अमीर लोगों से अलग से कर वसूला जायेगा।

Is SP-BSP Gathbandhan a mistake based on Pure Airthmetic?

Both SP and BSP parties are two different side of a coin, which was not supposed to be at one side, Both parties did hate politics for decades against each other.

Is Akhilesh Yadav the real force behind the Congress’ Priyanka move?

Giving an official role to Priyanka is a tactical move with an immediate goal to create hurdles for Mayawati while having almost no impact on Akhilesh.

United India Rally: Does Mahagathbandhan have a future?

Failures of alliances like Janata Dal and VP Singh's govt., are a grim reminder of how a coalition government formed of unlikely allies for a shallow goal is bound to fail.

SP is the low hanging fruit for BSP after entry of Shivpal into UP fray

Instead of opposing or abusing Narendra Modi or BJP, Mayawati must exploit the present opportunity in UP and must grow her political stature and relevance.

Latest News

The historic and hopeful January 20, 2021

Let January 20 serve as a stark reminder for the world at large that the democracy may have been halted temporarily but it has returned with greater hope and not fear.

खालसा पंथ की सिरजना के पीछे का ध्येय और गुरु गोबिंद सिंह जी

गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा स्थापित खालसा पंथ और उनकी बलिदानी परंपरा के महात्म्य को समझने के लिए हमें तत्कालीन धार्मिक-सामाजिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि और परिस्थितियों पर विचार करना होगा।

कश्मीरी हिन्दूओ का नरसंहार और 31 साल का इंतजार

19 जनवरी 1990 का वो दिन कोई भी कश्मीरी हिन्दू कभी नहीं भूल सकता। 19 जनवरी 1990 का वो दिन न सिर्फ भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए एक काला दिन है।

धार्मिक आतंकवाद

समाज का एक धड़ा है जो कि शकुनि और मंथरा से भी लाखों गुना कपटी और क्रूर है, जो धर्मनिपेक्षता, उदारवादिता और बुद्धिजीविता का नक़ली मुखौटा लगाये आपकी मानकिसकता पर क़ब्ज़ा कर आपके आत्मसम्मान और पहचान को अपंग बनाये बैठा है।

Tale of India’s greatest test victory in Australia

Finally the Indian flag hung around one of the unbreached fortresses at Gabba. The haughtiness which Australians displayed on the field was put down to dust by fearless Indians.

Recently Popular

Daredevil of Indian Army: Para SF Major Mohit Sharma’s who became Iftikaar Bhatt to kill terrorists

Such brave souls of Bharat Mata who knows every minute of their life may become the last minute.

गुप्त काल को स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है

एक सफल शासन की नींव समुद्रगप्त ने अपने शासनकाल में ही रख दी थी इसीलिए गुप्त सम्राटों का शासन अत्यधिक सफल रहा। साम्राज्य की दृढ़ता शांति और नागरिकों की उन्नति इसके प्रमाण थे।

5 Cases where True Indology exposed Audrey Truschke

Her claims have been busted, but she continues to peddle her agenda

Girija Tickoo murder: Kashmir’s forgotten tragedy

her dead body was found roadside in an extremely horrible condition, the post-mortem reported that she was brutally gang-raped, sodomized, horribly tortured and cut into two halves using a mechanical saw while she was still alive.

सामाजिक भेदभाव: कारण और निवारण

भारत में व्याप्त सामाजिक असामानता केवल एक वर्ग विशेष के साथ जिसे कि दलित कहा जाता है के साथ ही व्यापक रूप से प्रभावी है परंतु आर्थिक असमानता को केवल दलितों में ही व्याप्त नहीं माना जा सकता।