Wednesday, August 12, 2020

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Law against fake news is need of the hour: Media can’t hide anymore behind the freedom of speech

Article 19.1.a b which deals with freedom of speech and expression is universally applicable to all the citizens, including journalists. There is no special provision under the constitution for freedom of speech to the media.

Why Ram Mandir

generation or two, Bharatiyas have resisted, sacrificed and survived one invasion after another. The reclaiming of this ancient site and building a grand temple is a civilization accepting the challenge of the competing invasive cultures and declaring in one voice that we are here to stay.

Gandhi, Godse, and “Freedom at midnight”

Someone like Dominique Lapierre and Larry Collins cannot be expected to understand the mental and emotional state of the Indian Hindus and Sikhs in 1947.

Two nation theory after independence

Two Nation Theory was the basis of partition of India. Partition was accepted based on the assumption that the Muslims staying back in India because they rejected the Two Nation theory. However, later decades proved that Two Nation Theory is not only subscribed by a large section of Indian Muslims but also being nourished by the appeasement politics.

Siyavara Ramachandra ki Jai

In this moment of victory, we should not forget that despite Hindus being a majority in this land could not have achieved this feat without a million sacrifices made by section of devotees of Sri Ram. One

बिहार: कोरोना,बाढ़ और चुनाव

मौर्यकालीन बिहार जो उस समय देश का सबसे शक्तिशाली और समृद्ध क्षेत्र हुआ करता था, आचार्य चाणक्य ने कल्पना भी नहीं की होगी कि विदेशी आक्रांता और देशी राजनीति उनके बिहार को गरीबी, अशिक्षा, बीमारी, अपराध, भ्रष्टाचार और जातिवाद से इस तरह संक्रमित कर देगी।

What Ashok Gehlot’s got which Sachin Pilot has not?

Sachin Pilot has what Rahul Gandhi has - Legacy and age on his side! And also what Rahul lacks - Merit! More than anybody, He is a threat to the Gandhi Dynasty.

Politicians-Criminals-Bureaucratic nexus: Saga of crime – punishment, political administration of UP

criminal is never dependent on political shade but interdependent on the three-round circles: politicians-criminals-bureaucratic nexus.

गहलोत vs पायलट: राजस्थान में सियासी घमासान, देखे आंकड़ों का खेल

बागी पार्टी नेता पर चाबुक का वार करते हुए, कांग्रेस ने मंगलवार को पायलट को राजस्थान के उप मुख्यमंत्री और पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख के पद से बर्खास्त कर दिया। पार्टी ने उनके वफादारों विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को भी राज्य मंत्रिमंडल से हटा दिया।

Some men just want to watch the world burn: Instigators Motto

When some people just try to instigate people against each other, they reveal their true colours that they are not for anyone but are against everyone but themselves. Such people make me remember the quote Some men just want to watch the world burn.

वह फ़ैसला जिसने रातों रात बदल दी इंदिरा गांधी की तस्वीर; इमरजेंसी की घोषणा में राज नारायण बनाम इंदिरा गांधी केस का बड़ा हाथ

24 जून को और 25 जून 1975 को देशभर में इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर दी। देश के इतिहास में यह अबतक का सबसे कठोर निर्णयों में सबसे ऊपर था।

सत्ता की भूखी कांग्रेस भारत विरोधी हो जाए तो आश्चर्य न किया जाए; कांग्रेस की कुंठा का विश्लेषण

2014 के बाद से कांग्रेस सत्ता से दूर हो जाती है और यह ध्यान देने योग्य विषय है कि सत्ता से दूर रहने वाली कांग्रेस, सत्ता में रहने वाली कांग्रेस से अधिक घातक हो जाती है।

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ऑपइंडिया के लिए आपके लिखे लेख

सांस्कृतिक सूत्र, जिनमें पिरोयी हैं विविधता की मनकाएं

क्या श्री राम जन्मभूमि पर भव्य राष्ट्र मंदिर के निर्माण के भूमि पूजन के उजास से आलोकित इस स्वाधीनता दिवस पर उन सांस्कृतिक सूत्रों पर बल देना समीचीन नहीं होगा जिन्होंने हमें बहुविध होने पर भी एकात्मता प्रदान की है?

मोदी विरोधी मित्र को उत्तर

70 साल से जो मुद्दे नासूर बन कर हमें चुभ रहे थे उसका निवारण भी मोदी सरकार ने ही किया चाहे तो 370 हो 35ए हो या राममंदिर हों। जिन मुद्दों पर आजतक सभी राजनीतिक दल बोलने से भी डरती थी, उन मुद्दों को हल करने का काम मोदी सरकार ने किया है।

मोपला में हुआ हिंदुओं का नरसंहार और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुए दंगे

यह महज एक हिंदू-मुस्लिम दंगा नहीं अपितु नियोजित सोद्देश्य हिंसा थी उन लोगो ने देखते ही देखते मोपला के 20 हजार से भी ज्यादा हिन्दूओ को काट दिया। जिसमें अनगिनत हिंदू जख्मी हुए और हजारो का धर्म-परिवर्तन हुआ।

शिक्षा नीति या आत्मनिर्भर भारत

अब पांचवी कक्षा तक की शिक्षा मातृ भाषा में होगी अब ये सबसे प्रमुख बदलाव हैं क्योंकि हम या आने वाली पीढ़ी कहीं ना कहीं अपनी मातृभाषा से दूर होते जा रहें हैं, और अगर ऐसा चलता रहता तो हम अपने जड़ों को भूल जाते।

मंदिरों के देश में न्याय मांगते मंदिर

आइए जानते हैं कुछ प्रमुख मंदिरों के बारे में जो आज मस्जिद का रूप लिए हुए हैं और न्याय मांग रहे हैं।

मोदी को न राम से बड़ा बताया है और न ही जय श्रीराम का उदघोष साम्प्रदायिक है

हिन्दू धर्म में तुलसीदास और सूरदास जैसे कई कवियों ने भगवान कृष्ण और राम के लिये वात्सल्य भाव का प्रयोग किया है। आज भी वैष्णव सम्प्रदाय में भगवान की वात्सल्य भाव से पूजा की जाती है तथा उन्हें परिवार के एक बालक की तरह ही देखा जाता है।

Shekhar Gupta loses the Burqa of neutrality: Ends up peddling Congress agenda

Before BJP advent, elections were won by diving Hindus along caste lines in UP. With Congress trying to make a comeback in UP, more and more attempts will be made to pitch castes against castes.

लूट की दुकान: राजीव गाँधी फाउंडेशन

राजीव गाँधी फाउंडेशन की अध्यक्ष सोनिया गाँधी हैं और राहुल गाँधी, प्रियंका वाड्रा, चिदंबरम और मनमोहन सिंह इसके अन्य ट्रस्टी हैं. इस ट्रस्ट ने सभी नियमों कानूनों को ताक पर रखकर न सिर्फ विदेशी संस्थाओं से दान लिया है, बल्कि प्रधान मंत्री नेशनल रिलीफ फण्ड, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभिन्न सरकारी कंपनियों से भी काफी मात्रा में दान लिया है.

NDTV continues it’s hypocritical legacy

After publishing the report at 5:35 PM IST, NDTV edited the report around 6 hours later and carefully changed ‘fed’ to ‘ate’ and from Malappuram to Palakkad district.

The politics and commerce of anti-Hindu content in mass media

In the past few years in India, we have come across an unusual situation where a number of mass media outlets seem to be “two timers” as in one branch of the organization will support the nationalist narrative and the other will support the leftist narrative.

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The curious case of Shah Faesal

Shah Faesal, is a UPSC civil services topper and a staunch campaigner of Pakistan sponsored "Kashmiriyat" and vocal anti-Indian.

Covid opens up urban development challenge, how we respond to it, is up to us

This is the time when we should start focusing on creating employment opportunities in tier 3 and tier 4 cities and even in rural areas, so people can find the employment near their homes and don’t need to migrate to metros in search of employment.

Job data; faster PM Narendra Modi acts on it, the better: It should also capture migrants’ data

Transparency and availability of data was a big hallmark of Narendra Modi 1.0 government, with various information available on dashboard and a click of a button, similarly this would be a game changing achievement for Narendra Modi 2.0.

Law against fake news is need of the hour: Media can’t hide anymore behind the freedom of speech

Article 19.1.a b which deals with freedom of speech and expression is universally applicable to all the citizens, including journalists. There is no special provision under the constitution for freedom of speech to the media.

Why Ram Mandir

generation or two, Bharatiyas have resisted, sacrificed and survived one invasion after another. The reclaiming of this ancient site and building a grand temple is a civilization accepting the challenge of the competing invasive cultures and declaring in one voice that we are here to stay.

Awakening of the sleeping Hindu giant

An Ode to the Resurrection of the Hindu self-esteem & pride.

शिक्षा की भारतीय पद्धति

भारत सोने की चिड़िया कहलाता था। क्यों? क्यों कि भारत समृद्ध सुखी सुशिक्षित और सुसंस्कारी था। यहाँ की शिक्षा पद्धति व्यवहार और कौशल से परिपूर्ण थी, साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को प्रत्येक कार्य नैतिकता और धार्मिकता से सम्पन्न करना सिखाया जाता था।

Gandhi, Godse, and “Freedom at midnight”

Someone like Dominique Lapierre and Larry Collins cannot be expected to understand the mental and emotional state of the Indian Hindus and Sikhs in 1947.

स्वतंत्र भारत में दो राष्ट्र का सिद्धांत

स्वतंत्र भारत में, कई मुस्लिम अभी भी दो राष्ट्र के सिद्धांत में उसी तरह विश्वास रखते हैं, जैसा कि जिन्ना द्वारा समझाया गया था। इसी के चलते वे अलग राष्ट्र नायकों, अलग ऐतिहासिक प्रेरणा स्रोत और अलग युद्धों में जीत का गौरव महसूस करना उन्होंने जारी रखा है जबकि ये राष्ट्रवादी गुण हैं और इन्हें किसी व्यक्तिगत मान्यताएँ, परंपराएँ और धार्मिक साहित्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता है।

अयोध्या के बाद मथुरा मेंं भी मंदिर बनाने के मांग के बीच आया HeTA के नये कैंपेन का बिलबोर्ड, कहा इस जन्माष्टमी चमड़ा मुक्त...

रक्षाबंधन की तरह ही जन्माष्टमी पर भी HeTA के नये कैंपेन का बिलबोर्ड सामने आया, कहा कृष्ण का अनुसरण करते हुए गाय को अपना दोस्त मानें और इस जन्माष्टमी चमड़ा मुक्त बनें।