Saturday, February 27, 2021
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aryaninnag

मोदी से ज़्यादा योगी से क्यों भयभीत है आतंकी?

अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर जो विपक्ष प्रधानमंत्री को अंधाधुंध गलियों की बौछार करता है वही उस विपक्ष में किसी की औकात नहीं की वो योगी जी को एक गाली दे दे, वो नहीं देंगे, क्योंकि वो जानते है 24 घण्टे के अंदर उन पर मुकदमा होगा औऱ अगले ही कुछ दिनों में वे जेल में होंगे।

कब तक विरोध प्रदर्शन के नाम वतन के साथ गद्दारी को बर्दाश्त करते रहेंगे हम

लोकतंत्र और असंतोष साथ साथ चलते है, लेकिन असंतोष व्यक्त करने वाले प्रदर्शनों को अकेले निर्दिष्ट स्थानों पर होना चाहिए।

ब्लैक लाइव्स मैटर तो “व्हाइट लाइव्स मैटर” क्यों नहीं?

राष्ट्रवादी अमेरिकीयों के सपने को चुनाव में धाँधली के जरिये चकनाचूर कर देने वाले उन सफेदपोशों नें ब्लैक लाइव्स मैटर के नाम पर हुए दंगो को सही ठहराने की कोशिश की पर वही लोग नीचता की पराकाष्ठा को पार करते हुए अमेरिकी संसद पर हुए राष्ट्रवादीयों को शांतिपूर्ण आंदोलन को घरेलू आतंकवाद की उपमा दे रहे हैं।

चीन की मक्कारी व अहंकार को चूर करता अमेरिका का “तिब्बतियन निति व् समर्थन अधिनियम २०२० (Tibetan Policy and Support Act)”

इतिहास गवाह है की राजनीतिक दृष्टि से तिब्बत कभी चीन का अंग नहीं रहा। ७ वीं शताब्दी तक मध्य एशिया के एक भू-भाग पर तिब्बत का आधिपत्य रहा। चीन का तिब्बत के साथ सम्बंध ७ वीं शताब्दी में हुआ, वह भी चीन की पराजय के रूप में।

चीन में उइगुर मुसलमानों के कीड़े मकोड़ो से बदतर हालात पर इसलामी राष्ट्रों की घातक चुप्पी

आइये उइगुर मुसलमानों की लाचारी व चीन के द्वारा उनको दी गयी नर्क से भी बदतर और सड़ी गली जिंदगी पर एक दृष्टि डालते हैं।

भारत का वामपंथ इतना पिछड़ा और पिछलग्गू क्यों?

कभी भी भारत के वामपंथियों को मार्क्स, लेनिन, माओ या फिर कास्त्रो के मध्य खुद की औकात बनाते नहीं पाया।

अहमदी मुसलमानों से इतनी नफरत क्यों?

इस्लाम के सभी अनुयायी खुद को मुसलमान कहते हैं लेकिन इसलामी क़ानून (फ़िक़ह) और इसलामी इतिहास की अपनी-अपनी समझ के आधार पर मुसलमान कई पंथों या फ़िरक़ों में बंटे हैं।

आखिर मुंबई उच्च न्यायालय ने क्यों माना की प्रवर्तन निदेशालय को सुने जाने का अधिकार (Locus standi)नहीं है!

मुंबई उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि पुलिस की क्लोजिंग रिपोर्ट को चुनौती देकर सुने जाने का ED के पास locus standi नहीं है! इये जानने का प्रयास करते हैं कि पहले निचली अदालत ने फिर सत्र न्यायालय नें तत्पश्चात मुंबई उच्च न्यायालय ने, फैसला किन तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया!

क्या होता है राजद्रोह? क्या कहता है सर्वोच्च न्यायलय?: 124A (IPC)

९ फरवरी २०१६ को एक आतंकवादी की मौत पर मातम मानते हुए जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में " भारत तेरे टुकड़े होंगे ", "भारत की बर्बादी" "पाकिस्तान जिंदाबाद" के जो नारे लगाए जा रहे थे वो "राजद्रोह" की श्रेणी में आते हैं या नहीं?

नापाकियों से आज़ादी चाहे सिंध का वैभव

पाकिस्तान में चारो ओर आजादी की चिंगारी अब तेजी से भड़क रही है। बलूचिस्तान और लाहौर में आजादी को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के बाद अब स्वतंत्र सिंधुदेश की मांग को लेकर सिंधु समुदाय के हजारों लोग कराची की सड़कों पर उतर आए।

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