Saturday, February 27, 2021
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aryaninnag

धोखा देकर उनके बलोचिस्तान को फिर से गुलाम बना दिया

चीन सामरिक दृष्टि से भारत और अन्य देशों से निपटने के लिए एक 200 किमी लंबी सुरंग ग्वादर बंदरगाह के पास बना रहा है। सच्चाई ये है कि, यह बलूचिस्तान के विकास नहीं, भारत पर दबाव बनाने की चीन व पाकिस्तान की ही मिलीजुली रणनीति का एक हिस्सा है। यह सुरंग अरब सागर में बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को चीन में काशघर से जोड़ेगी।

परिवाद/Complaint/FIR, पुलिस व सामान्य नागरिको के अधिकार

अपने क़ानूनी अधिकारों को जानना और उसका सदुपयोग करना हर भारतीय का अधिकार है और ये अधिकार उनसे कोई नहीं छीन सकता! हमारे संविधान का अनुच्छेद १४, १५, १६, १९ व् २१ हमारे अधिकारों की न सिर्फ घोषणा करते हैं अपितु उनकी पैरवी भी करते हैं।

बंगाल में किसकी सत्ता: भाजपा या कांग्रेसी “दीदी”?

कांग्रेसीयों को भी शर्मसार कर देने वाली मुस्लिम तुष्टिकरण की निती को अपनाकर दीदी ने संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 व 21 की धज्जियां उड़ाते हुए सनातनधर्मीयों को बरबादी की ओर ढकेल दिया, यहाँ तक की बंगलादेशी घुसपैठियों का ताण्डव भी सनातनधर्मी सहने के लिये मजबूर हो गये!

एक और खूंखार चेहरा “बोको हराम”

बोको हराम अरबी शब्द है जिसका मतलब है 'पश्चिमी शिक्षा हराम' है। बताया जाता है कि मुस्लिम मौलवी मोहम्मद यूसुफ़ ने नाइजीरिया में शरिया क़ानून को मानने वाली सरकार के गठन के इरादे से ये संगठन बनाया था।

आखिर उस “चायवाले” के व्यक्तित्व में ऐसा क्या विशेष है?

गुजरात की धरती से एक सूर्य (उस "चायवाले") का उदय हुआ और देखते ही देखते अपने "गुजरात मॉडल" वाले राजधर्म से सम्पूर्ण सनातनधर्मियों के मस्तक पर दस्तक देने लगा और सनातनधर्मियों ने भी इस अवसर को अपने दोनों हाथो से लिया और वर्ष २०१४ से लेकर आज तक वो उस व्यक्तित्व के साथ पूरे स्वाभिमान के साथ जुड़े है और सदैव जुड़े रहेंगे, क्योकि ये जोड़ निस्वार्थ देशप्रेम, धर्मप्रेम व सांस्कृतिक व ऐतिहासिक अभिमान से प्रेरित है"।

कृषि सुधार विधेयक, २०२० और किसानो की शंका

2014 के पश्चात देश के भाग्य का नया सूर्योदय हुआ और एक जिम्मेदार, ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ सरकार ने देश की बागडोर सम्हाली, तब देश के अन्नदाताओं की स्थिति व आय पर विशेष ध्यान दिया गया और कई महत्वपूर्ण योजनाओं को कागज के पन्नो से उतारकर धरातल पर ला क्रियान्वयन किया गया।

क्या आयुर्वेदिक चिकित्सको को सर्जरी अर्थात शैल्य क्रिया से वंचित किया जा सकता है?

जिनके पुर्वज महर्षि सुश्रुत निर्विवाद रूप से संपूर्ण विश्व में "शैल्य चिकित्सा" के जनक माने जाते हैं व जिन्होने संपूर्ण विश्व को आयुर्वेद का उपहार देते हुये शैल्य क्रिया की नीव रखी!

“अवमानना (Contempt), न्यायालय की अवमानना व सर्वोच्च न्यायालय”

अदालत के लिए केवल एक आवश्यकता यह है कि उसके द्वारा ऐसी प्रक्रिया का पालन किया जाए, जो न्यायसंगत है, न्यायपूर्ण है और न्यायालय द्वारा तय किए गए नियमों और उस पर व्यक्त किये गये जनता के भरोसे के अनुसार है।

Difference between love marriage and love Jihad & Uttar Pradesh prohibition of unlawful conversion of religion ordinance, 2020

Here is why Uttar Pradesh Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Ordinance, 2020 is complying with the orders of Hon’ble Allahabad High Court. This Ordinance is Constitutional, legal and valid Ordinance and it is establishing the soul of Articles 14, 15, 19 and 21 of the Constitution of India.

प्राण व दैहिक स्वतंत्रता अनुच्छेद 21

हमारे सनातन धर्म की मूल भावना "जीयो और जीने दो" तथा "सभी जीवो को अपना जीवन अपनी ईच्छा से जीने का अधिकार है" में निहित है मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने भी अपने संपूर्ण जीवन काल मे प्रत्येक जीव के प्राण व दैहिक स्वतंत्रता को अमुल्य व सर्वोपरि मानकर प्रतिष्ठित किया

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