Tuesday, November 24, 2020

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Ravish Kumar

“माल है क्या?” देश में माल की कमी से जूझता ड्रगवुड, प्रधानमंत्री क्यों है खामोश

2014 से पहले मुझे बराबर मेरा माल मिलता था लेकिन जब से आपकी सरकार आई है तब से धीमे धीमे माल की कमी से मुझे जूझना पड़ रहा है। साल 2017 तो मेरे लिए इतना खराब रहा कि नशा पाने के लिए मात्र फोन से ही काम चलाना पड़ता है।

टिक टॉक और रेबीज़ कुमार का दर्द

शुरुआत मोदी सरकार कुछ नहीं बोली लेकिन जब इसका फायदा सीधे तौर पर माइनॉरिटी पीपल अर्थात पंचरवालों को मिलने लगा जिससे भाजपा और संघ परेशान थी और समय -समय पर टिक टोक को बैन करने की साजिश रचने लगे जिसमें एक साजिश #Youtube_Vs_TikTok भी थी।

आबादी: समस्या या बहाना?

जब सीमित संसाधनों वाले भारत देश को विकास की तरफ ले जाना था, तो जहां इंदिरा गांधी ने 'हम दो हमारे दो' की बात की, जिससे आबादी की बढ़ोत्तरी में कमी आए, तब उत्तर भारत के वामपंथी सोच के तथाकथित सोशलिस्ट नेता अपने-अपने वोट-बैंक के लिए 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी (संसाधन लेने में, टैक्स भरने में नहीं)' का राग अलाप रहे थे।

आरोग्य सेतू एप पर रवीश की प्राइम टाइम (व्यंग्य)

जहां देश कोरोना के संकट से जूझ रहा था, मजदूर भूख से तड़प रहे थे, दिहाड़ी मजदूर दूसरे प्रदेशों में फंसे होने के कारण आत्महत्या करने को विवश थे और प्रधानमंत्री मंत्री लोगो को अपने मोबाइल में app install करने को विवश कर रहे थे। क्या यही लोकतंत्र है..??

अदना सा पत्रकार: हें हें हें

शाम आठ बजे और कुछ टीआरपी जैसे समाजवादी कारणों से अब नौ बजे, प्राइमटाइम में अधोमुखी मेरूरज्जु से निहुरा हुआ एक अदना...

Why Ravish Kumar is more dangerous than other contemporary news anchors

Anchors like Ravish Kumar who declare themselves neutral and inert to any political influence are the most dangerous ones because they can camouflage their political narratives as news by decorating it with false but sensational information, relatable characters and conventional ‘Governments don’t care about poor’ sentiments.

भारत में प्रमाणपत्रवाद (सर्टीफिकेशनलिज़्म) का सफर

भारत में आप को भक्त, संघी, चड्डी, अन सेक्युलर के प्रमाणपत्र राह चलते मिल जाएँगे. सिर्फ़ आपको आपके स्पष्ट विचार रखने हैं।

रवीश जेल क्यूँ जाना चाहते हैं?

रवीश का प्राइम टाइम के दर्शक एकदम मूर्ख होते हैं. वो प्राइमटाइम पहले टीवी पर देखते हैं. फिर यूट्यूब पर इसके बावजूद, जब भी किसी भक्त से भिडंत होती है तो हर बार उन्हें धोबिया पछाड़ का सामना करना पड़ता है.

रविश कुमार- 19 साल की लड़की ने पाकिस्तान जिंदाबाद क्या कहा कि मंच पर घबराहट मच गई

रवीश कुमार का लगभग प्रत्येक प्राइम टाइम "It suites my agenda" वाले मॉडल पर आधारित होता है जिसमें वे उन सभी खबरों को प्राथमिकता देते हैं व बार बार करते है जो उनके राजनीतिक महत्वाकांक्षा को सूट करती हैजबकि हर उन अन्य खबरों पर वाइट वाश करते है जो उनके Selected narrative के अनुकूल नहीं होती है।

Rahul Gandhi’s lies on being willing to ‘help’ attacked RSS members exposed

Rahul Gandhi says, we will protect everyone, if even RSS members say that they are being attacked, we will help them too. But Congress' history shows its constant support to killers

Latest News

अस्थिर और बौखलाए पाकिस्तान का विधुर विलाप

बीते सप्ताह पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी एवं आईएसपीआर के डायरेक्टर जनरल बाबर इफ्तिखार ने एक प्रेस वार्ता के दौरान भारत पर तंज कसते हुए यह आरोप लगाया के भारत, पाकिस्तान को अस्थिर करने की मंशा रखने के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। यह वैसा ही है जैसा फिल्म वेलकम में उदय भाई का कहना कि मजनूं उनकी एक्टिंग स्किल्स से जलता है।

प्लास्टिक एक घातक हथियार

क्या आपने कभी प्लास्टिक प्रदूषण के नकारात्मक प्रभावों के बारे में सोचा है कि हम अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण पर दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं?

A deliberate attempt of Varanasi

A city beyond imagination, a city where India starts and ends. A city of magical moments and experience of life.

The second childhood

Statistics show that old age homes in India are increasing rapidly. According to 2020 study, over 39 thousand senior citizens in India received institutional assistance.

Why has “Dangal” become the highest grossing Hindi film?

Dangal won many awards such as Filmfare Awards, Mirchi Music Awards, News 18 Movies Awards, Zee Cine Awards, National Film Awards, Star Screen Awards, and many more.

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Republic’s democracy gets vanquished in inequity

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गुप्त काल को स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है

एक सफल शासन की नींव समुद्रगप्त ने अपने शासनकाल में ही रख दी थी इसीलिए गुप्त सम्राटों का शासन अत्यधिक सफल रहा। साम्राज्य की दृढ़ता शांति और नागरिकों की उन्नति इसके प्रमाण थे।

सामाजिक भेदभाव: कारण और निवारण

भारत में व्याप्त सामाजिक असामानता केवल एक वर्ग विशेष के साथ जिसे कि दलित कहा जाता है के साथ ही व्यापक रूप से प्रभावी है परंतु आर्थिक असमानता को केवल दलितों में ही व्याप्त नहीं माना जा सकता।

The story of Lord Jagannath and Krishna’s heart

But do we really know the significance of this temple and the story behind the incomplete idols of Lord Jagannath, Lord Balabhadra and Maa Shubhadra?

Daredevil of Indian Army: Para SF Major Mohit Sharma’s who became Iftikaar Bhatt to kill terrorists

Such brave souls of Bharat Mata who knows every minute of their life may become the last minute.