Monday, August 15, 2022
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भारतीयों के लिए वरदान, अग्निपथ योजना

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Sampat Saraswat
Sampat Saraswathttp://www.sampatofficial.co.in
Author #JindagiBookLaunch | Panelist @PrasarBharati | Speaker | Columnist @Kreatelymedia @dainikbhaskar | Mythologist | Illustrator | Mountaineer

4 साल का अनुशासनकाल युवा की जिंदगी की दिशा तय करने वाला साबित होगा। रोमांच के साथ आर्मी की जॉब है। रहना खाना, इलाज वगैरह सब फ़्री है।

मतलब जो उम्र नुक्कड़ों पर चाय, सिगरेट में निकल जाती है, उन 4 सालों में 23 लाख 43 हज़ार 160 रुपये कमाने का सुनहरा अवसर है। आप 17 से 23 साल की उम्र के लड़के अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना को जॉइन ज़रूर कीजिए। समझिए मोदी जी सरकारी पैसों से 4 साल आपको आर्मी की ट्रेनिंग देंगे। साथ मे इतने सारे पैसे भी, जॉब वैसे भी नहीं है। 12 वीं या ग्रेजुएशन करने के बाद सीधे अग्निपथ के रास्ते पर चले जाइए। यही आपका भविष्य है। आर्थिक रूप से स्वतंत्र होकर जिस भी क्षेत्र में रुचि हो, जाने के अवसर खुले रहेंगे।

24-25 की उम्र में रिटायरमेंट के बाद, इन पैसों से कोई बिजनेस शुरू कर लीजिएगा या नहीं तो इंडियन आर्मी की ट्रेनिंग के साथ होने से हर क्षेत्र में प्राथमिकता रहेगी। आर्मी का अनुशासन आपके बहुत काम आएगा। लाइफ जैसी अभी चल रही है, उससे बेहतर तय है। तो आप अग्निपथ योजना के विरोध का हिस्सा मत बनिए बल्कि ये समझिए कि आपके और देश के भविष्य के लिए एक सुनहरा अवसर है।

अपना भविष्य सुरक्षित कीजिए और सोचिए 24 के उम्र में 0 से आर्मी ट्रेनिंग के साथ कुल मिला कर 11 लाख रूपये सैलरी के रूप में मिलने वाला पूरा पैसा अगर आप ख़त्म भी कर देते हैं तो रिटायरमेंट के वक़्त मिलने वाला 11 लाख 71 हज़ार रुपिया कम नहीं है।

हम अभी भी इस योजना में कमियां ढूंढ रहे है……जो देश और युवाओं के सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है । देश में 50% लोग ऐसे हैं जो पूरी उम्र में इतना पैसा नहीं कमाते जो 4 साल में अग्नीपथ से आयेंगे l साथ ही भविष्य उन लोगो को ही प्राथमिकता मिलेगी जो #अग्निवीर होंगे इसकी भी शुरुआत यूपी से हो गई है…..

सेना सिर्फ रोजगार का साधन नही है। रोजगार के लिए बहुत विकल्प है और न ही हर कोई सैनिक ही बन सकता है। अनुशासनहीन वैसे भी सेना के लिए अयोग्य है अग्निपथ कोई निमंत्रण पत्र नही है ये वास्तव में आग में चलने का माद्दा रखने वाले वीरों के लिए ही बनाया गया है। अग्निपथ के माध्यम से चुने हुए 25% अग्निवीर सेना के मोती होंगे बाकी के 75% जिनमे माद्दा होगा देश के अर्धसैनिक बलों, सिविल सेवाओं में प्राथमिकता पाएंगे।
मतलब देश की बाकी सरकारी नौकरियाँ भी धीरे धीरे जवाईयो से मुक्त होकर कर्मठ लोगो से सुसज्जित होंगी।

अग्निपथ योजना क्या है

1:- उम्र 17 वर्ष 6 माह से 21 वर्ष

2:- योग्यता सीनियर सेकेंडरी

3:- पहले की तरह फिजिकल टेस्ट

4:- सेवा अवधि 4 वर्ष

5:- प्रशिक्षण अवधि 6 माह

6:- प्रथम वर्ष वेतन 30 हजार रुपये महीना जिसमें 9 हजार की कटौती होगी, मतलब 21 हजार प्रति माह मिलेंगे, द्वितीय वर्ष 33000 रुपये मिलेगे जिसमे 10000 रुपये प्रति माह कटौती होगी, 23 हजार प्रति माह मिलेंगे, तृतीय वर्ष 36 हजार रुपये मिलेंगे, जिसमे 11000 कटौती होकर 25000 हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे, चौथे वर्ष 40 हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे, जिसमे से 12000 रुपये महीना कटेंगे, 28 हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे।

7:- 4 साल सेवा अवधि बार रिटायरमेंट पर सेवा निधि पैकेज बतोर 11 लाख 71 हजार रुपये मिलेंगे।

8:- 4 साल की सेवा अवधि उपरांत योग्यता मापदंडों के हिसाब से 25 % जवानों को स्थायी रूप से सेना में नियुक्ति दे दी जाएगी, बाकी 75 % जवानों को अग्निवीर कौशल प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिसके बेस पर प्राइवेट कम्पनियों में जॉब की प्राथमिकता मिलेगी, साथ ही
खुद का व्यवसाय करने के लिए मिनिमम ब्याज दरों पर नॉन सिक्योर लोन दिलाया जाएगा।

9:- तीनों सेनाओं में प्रतिवर्ष 50 हजार जवानो की भर्ती की जाएगी,!!

किसी के बहकावे में मत आना…. बहुत ही बेहतरीन योजना है, कुछ सेफ्टी डिपार्टमेंट को छोड़ दे तो 22, 23 वर्ष से तो बेरोजगार रोजगार के लिए अप्लाई करना शुरू करते है, जबकि अग्निपथ योजना में तो 18, 19 में लगा बच्चा 22, 23 में तो फ्री हो जाएगा, मतलब बाद में वो अपने खर्चे पर अच्छी जॉब की तैयारी कर सकता है। बच्चे अक्सर 18, 20, 22 की उम्र में ही गलत संगत मे पड़कर भटक जाते है, जबकि इस उम्र में तो वो देश सेवा कर रहा होगा। फिजिकल फिट रहेगा, आर्थिक
परेशानी नही होगी, इसलिए मित्रों भारत सरकार बहुत ही कारगर योजना लेकर आई है। ज्यादा से ज्यादा युवा फायदा उठाए ।

अग्नि पथ द्वारा रोज़गार , ट्रेनिंग और पैसा देने की बजाय 4 साल की ट्रेनिंग का एक कोर्स शुरू किया जाता, जिसकी फीस 5 लाख रूपया होती और 4 साल बाद हाइएस्ट रैंक लाने वाले 25 प्रतिशत को सेना की भर्ती में प्राथमिकता का वादा होता तो विरोध करने वाले लोग एडमिशन करा रहे होते और उस पैसे से देशहित के अनेक कार्य हो सकते थे …

आज जहां देश में हर काम की योजना को विरोध के रूप में खड़ा करके देश में अशांति फैलाने वाले गद्दारों से अब सावधान होने की जरूरत है पहचानने की जरूरत है।।

सम्पत सारस्वत बामनवाली
समीक्षक, प्रसार भारती दिल्ली

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