Tuesday, October 4, 2022
HomeHindiभ्रष्ट देशद्रोहियों से निपटने में मोदी सरकार नाकाम?

भ्रष्ट देशद्रोहियों से निपटने में मोदी सरकार नाकाम?

Also Read

RAJEEV GUPTA
RAJEEV GUPTAhttp://www.carajeevgupta.blogspot.in
Chartered Accountant,Blogger,Writer and Political Analyst. Author of the Book- इस दशक के नेता : नरेंद्र मोदी.

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के सुपुत्र कार्ति चिदंबरम लन्दन भाग गए हैं. लन्दन भागने के बाद कार्ति चिदंबरम पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले के आधार पर उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग (धनशोधन) का एक मामला दर्ज किया है.

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब कोई व्यक्ति पहली बार देश छोड़कर भागा हो. इससे पहले ललित मोदी और विजय माल्या भी लन्दन भाग चुके हैं और इन दोनों को भी सरकार पकड़कर वापस लाने में पूरी तरह नाकाम रही है.

कार्ति चिदंबरम पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी, भ्रष्ट या अवैध तरीके से फायदा उठाने, सरकारी अधिकारी को प्रभावित करने तथा आपराधिक आचरण का आरोप लगाया गया है. सवाल यह उठ रहा है कि पी चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम और लल्लू यादव पर जो हालिया छापेमारी हुई है, क्या उसके मद्देनज़र सरकार और सरकारी एजेंसियों को पहले से ही इस बात का अंदेशा नहीं हो जाना चाहिए था कि यह सब लोग या इनमे से कोई भी व्यक्ति देश छोड़कर भाग सकता है. क्या सरकार ललित मोदी और विजय माल्या के भागने से कोई भी सबक लेने को तैयार नहीं है? जब इतने बड़े पैमाने पर छापामारी किसी व्यक्ति पर की जा रही है तो जाहिर है कि उसकी पूरी और पक्की खबर सरकारी एजेंसियों के पास पहले से रही होगी. अगर खबर पहले से थी, तो इन लोगों के पासपोर्ट जब्त क्यों नहीं किये गए. क्या हमारी सरकारें छापामारी करके इस बात का इंतज़ार करती रहती हैं कि जब यह व्यक्ति देश छोड़कर भाग जाएगा, फिर उसके खिलाफ मामला दर्ज़ किया जाएगा, ताकि यह भी लगे कि सरकार कार्यवाही कर रही है और अपराधी का भी बाल-बांका न होने पाए.

हालांकि पी चिदंबरम का यह कहना कि उनके बेटे कार्ति चिदंबरम जल्द ही वापस लौटेंगे, लेकिन खुद पी चिदंबरम कब तक भारत में रहेंगे, फिलहाल तो उसी पर संशय बना हुआ है.

सोनिया, राहुल, लल्लू, चिदंबरम, माया, मुलायम जैसे लोगों ने कोई नया कारनामा नहीं किया है. इनके किये गए पुराने कारनामे ही वक्त-वेवक्त इन्हे भारी मुसीबत में डालने के लिए काफी हैं. लेकिन वह मुसीबत आने से पहले ही होता यह है कि जब तक भी इन जैसे लोगों पर कोई सरकारी एजेंसी अपना शिकंजा कस्ती है, उससे पहले ही यह देश छोड़कर जा चुके होते हैं. यह सब एक सोची समझी साज़िश के तहत नहीं होता है, इस पर यकीन करना मुश्किल लगता है. अगर सरकार की नीयत साफ़ है तो ऐसे सभी लोगों के पासपोर्ट जब्त क्यों नहीं कर लेती, जिन पर इस तरह के संगीन आरोप लगे हुए हैं, ऐसे लोगों को सिर्फ उन्ही देशों कि यात्रा करने की इज़ाज़त मिलनी चाहिए, जहां से इन्हे वापस बुलाना आसान हो.

सरकार का निकम्मापन सिर्फ इसी मामले में दिखाई नहीं दे रहा है. कश्मीर में सरकार जो कुछ भी कर रही है, वह किसी भी समझदार व्यक्ति के गले नहीं उतर रहा है. हुर्रियत के आतंकवादियों को पाकिस्तान सरकार पैसा भेज रही है, उस पैसे से पत्थर बाज़ों को भुगतान किया जा रहा है. हुर्रियत के इन्ही लोगों पर खुद हमारी सरकार भी करोड़ों रुपया पानी की तरह बहा रही है. जिन लोगों के देशद्रोही होने में किसी को भी संदेह नहीं है, उन्हें हमारी सरकार जनता से वसूले गए टेक्स के पैसों से ऐयाशी करवा रही है. हुर्रियत,मुफ्ती और अब्दुल्ला बाप बेटे कब तक इस देश की जनता के खून पसीने की कमाई पर गुलछर्रे उड़ाते रहेंगे, इसका जबाब भी मोदी सरकार को जल्द से जल्द देना है.

  Support Us  

OpIndia is not rich like the mainstream media. Even a small contribution by you will help us keep running. Consider making a voluntary payment.

Trending now

RAJEEV GUPTA
RAJEEV GUPTAhttp://www.carajeevgupta.blogspot.in
Chartered Accountant,Blogger,Writer and Political Analyst. Author of the Book- इस दशक के नेता : नरेंद्र मोदी.
- Advertisement -

Latest News

Recently Popular