Tuesday, June 18, 2024

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भारत के गौरव के विषय वामपंथियों के काले दिवस

6 दिसंबर भारतीय समाज के लिए गौरव/शौर्य का दिन हैं। क्योंकि इसी दिन जन-जन के आराध्य अयोध्या पति प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था। भारतीयों ने इसे शौर्य दिवस के रूप में मनाया तो वामपंथियों ने खुलकर तो कांग्रेस ने लुकाछिपी करते हुए खून के आंसू बहाऐ!

Bollywood shall reinvent itself

Bollywood has miserably failed to project woman more than an object to spice the glam content of the movie. How many movies do we remember where we have heroine as a meaningful part of the whole story leave aside as the lead character.

A case of conditional feminism

Why is the definition of feminism so shallow that a woman would support another woman ONLY if her agenda is met? Are we giving the right environment to our future generations?

जो भविष्य में तख्त़ और SOTY-3 को 100 करोड़ की opening दिलाएंगे, उनके लिए जल में रहकर मगरों से बैर पाल रही है...

आज के पूंजीवादी समाज में केवल सराहना कर देना मात्र उपाय नहीं है, वित्तीय तौर पर सहयोग अति आवश्यक है।अलग-अलग किस्म के विज्ञापन, प्रचार या समीक्षाओं से सम्मोहित न होकर अपने दिमाग एवं दिल का इस्तेमाल करते हुए किसी भी कला को पहचानना और उसके आधार पर ही उसे सराहना या आर्थिक सहयोग प्रदान करना ही हमारी शैली होनी चाहिए।

A rebuttal to Rana Safvi’s article “No, Mughals didn’t loot India. They made us rich”

Rana's article starts with the usual ignorance of many bad deeds by conquerors to the good deeds of few and generalizing over the good deeds done by the few. She has comfortably chosen data from 1600 AD to 1870 AD to support her hypothesis.

जाति है कि जाती नही

जाति की राजनीति करने वाले सभी नेता ब्राह्मणवाद विचारधारा से ग्रसित हैं, क्योंकि वह समाज में एकीकृत भाव का निर्माण होने ही नहीं देना चाहते। बाकि समझ अपनी-अपनी।

Why the liberals need to build a new opposition

Were the liberals backing a lame duck?

Open letter to Swara Bhaskar and other empty vessels

Dear Swara Bhaskar, you say you are ashamed of being a Hindu, I, as a common Indian say, with all heavy heart, we are ashamed of calling you an Indian.

अभिनेता की राजनीती

हालिया दिनों में लोकसभा चुनाव के कारन बहुत सारे लोगों ने अपना वक्तव्य व्यक्त किया जिसमे कई अभिनेता भी हैं। स्वरा भास्कर, जावेद अख्तर का कन्हैया कुमार को समर्थन करना, कमल हसन का हिन्दू आतंकवाद को लेकर नाथूराम गोडसे को आतंकवादी कहना, अनुराग कश्यप का सरकार के खिलाफ अपने विचार रखना, रणवीर शोरी का सरकार के साथ खड़े होना ऐसे कई उदाहरण हैं।

An open letter to Swara Bhaskar

This not a troll but an attempt to debate the content.

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