Thursday, June 4, 2020
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AKASH

दर्शनशास्त्र स्नातक, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी परास्नातक, दिल्ली विश्वविद्यालय PhD, लखनऊ विश्वविद्यालय

मैं दूरदर्शन और नास्टैल्जिया

समाज की सबसे छोटी परन्तु संगठित इकाई परिवार ख़त्म हो चुकी है। इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो हम जिस विश्वगुरु राष्ट्र की कल्पना करते है वह ख़त्म हो जाएगी।

नानाजी: अनुकरणीय पुरुष

जेपी के पीछे साये की तरह खड़े रहने वाले नानाजी देशमुख संघ प्रचारक थे और जेपी के समाजवादी विचारों के इतर उनकी विचारधारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर आधारित थी।

हिंदू आतंक को साबित करने का नया अड्डा नेटफ्लिक्स

किसी ने कहा है कि फिल्में (साहित्य) समाज का दर्पण होती है। अगर यह नॉरेटिव आज सेट हो गया तो आगे आने वाली पीढ़ी हमें सिर्फ हिंदू आतंकवादी के नाम से जानेगी।

जाति है कि जाती नही

जाति की राजनीति करने वाले सभी नेता ब्राह्मणवाद विचारधारा से ग्रसित हैं, क्योंकि वह समाज में एकीकृत भाव का निर्माण होने ही नहीं देना चाहते। बाकि समझ अपनी-अपनी।

पर्यावरण संरक्षण की असली मिसाल- धोनी

एक आदमी जो टिकट कलेक्टर से ट्राफी कलेक्टर बन गया, लेकिन हमेशा आरोपों के साये में घिरा रहा।

लुटियंस दिल्ली को समझ में न आने वाली फिल्म- कबीर सिंह

सोफे पे बैठने वाले सरस शराबी लोग कबीर सिंह का कहीं सिर्फ इसलिए तो विरोध नहीं कर रहे कि बॉलीवुड धीरे-धीरे मोदी के समर्थन में आ रहा है और शाहिद भी मोदी को पसंद करते हैं और ऐसा अर्जुन रेड्डी और कबीर सिंह के रिव्यू को देखकर भी लग सकता है।

शिक्षित, अशिक्षित या सिर्फ ढोंग

सोशल मीडिया में एक पोस्ट लगातार घूम रही है कि शिक्षित लोगों के स्टेट केरल में बीजेपी को कोई सीट नहीं मिली। तो उनके शिक्षितपने की औकात कितनी है वो देख लेनी चाहिए ।

कृषि प्रधान व्यवस्था का त्यौहार- बिहू

बिहू शब्द बी+शू शब्द से बना है जिसमे बि का अर्थ होता है पूछना और शू का अर्थ है पृथ्वी पर शांति और समृद्धि।

इमरान और उनके बचकाने तर्क

19 फ़रवरी को जब इमरान पुलवामा को लेकर कैमरे के सामने आते हैं तो अपने देश को defend करने के लिए उन्हें 6 मिनट के विडियो में भी कई कट लेने पड़े। इस विडियो में इमरान कुछ अलग नहीं कर पाए। यहाँ भी वह वही शब्द बोले जो उन्हें पाकिस्तानी सेना और ISI की तरफ से उनको दिए गये।

AMU: अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी या आतंकी मुस्लिम यूनिवर्सिटी?

एक तरफ पूरा देश पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों की शहादत को याद कर रहा था वहीँ दूसरी तरफ आतंकी मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्र बसीम हिलाल अपने आतंकी बाप को बधाई देने में जुटा था। इसने अपने ट्वीट में लिखा था How the Jaish यह सीधे तौर पर भारत के विरोध को प्रदर्शित करता है।

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आजादी मिली सिर्फ भारत के लेफ्ट में

हमें तो आप के इतिहासकारों ने इस बात की भी आजादी नहीं दी की हम महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी के बारे में किताबों में पढ़ सके उसमें भी तो आपने भारत पर अत्याचार और चढ़ाई करने वालों की जिंदगी के बारे में लिख दी कि वो ही इस महान देश के कर्ता धर्ता थे।

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भारत के इन सेक्युलर, लिबरल और वामपंथियों को यह रास नहीं आया कि भगवा धारण करने वाला एक हिन्दू सन्यासी कैसे भारत के सबसे बड़े राज्य का प्रशासक हो सकता है। लेकिन यह हुआ।

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Corona and a new breed of social media intellectuals

Opposing an individual turned into opposing betterment of your own country and countrymen.

Why peaceful borders with India pose a threat to Pakistan’s sovereignty

Although a religion may have some influence on the culture of the society as a whole but it can never disassociate an individual from the much broader way of life which defines culture. Indonesia is a great example of the above stated distinction.

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