Saturday, June 15, 2024
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शिक्षित, अशिक्षित या सिर्फ ढोंग

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AKASH
AKASH
दर्शनशास्त्र स्नातक, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी परास्नातक, दिल्ली विश्वविद्यालय PhD, लखनऊ विश्वविद्यालय

23 मई को 17वीं लोकसभा के परिणाम आये। मोदी नाम की सुनामी में पूरा विपक्ष बह गया। बंगाल जैसा राज्य जहाँ चुनाव राजनीतिक हत्यायों के बिना सम्पन्न नहीं हो सकता वहां भी इस बार बीजेपी ने अपने कई कार्यकर्ताओं को गंवाते हुए 18 सीट पर जीत दर्ज की।

पूरा भारत जहाँ इस जीत को लोकतंत्र की जीत बता रहा है। वहीँ लिबरल सुलग उठे हैं। उनके लिए केरल और तमिलनाडु में बीजेपी का न जीत पाना ही ख़ुशी दे रहा है। कल से सोशल मीडिया में एक पोस्ट लगातार घूम रही है कि शिक्षित लोगों के स्टेट केरल में बीजेपी को कोई सीट नहीं मिली। तो उनके शिक्षितपने की औकात कितनी है वो देख लेनी चाहिए।

क्या वो भारत के दो राज्यों के अलावा जितने भी राज्य हैं उनके लोगों को वह लोग शिक्षित नहीं मानते? क्या वो 543 सीट में से 60 सीटों की राय को अहम मानते है या भारत का भविष्य उनके हिसाब से 10 करोड़ की जनसख्या वाले राज्य तय करेंगे?

केरल एक ऐसा राज्य है जहाँ पश्चिम बंगाल के बाद सबसे ज्यादा पोलिटिकल मर्डर हुए हैं। आये दिन वहां से खबर आती है कि कम्युनिस्टों ने किसी की हत्या कर दी। इसमें ऐसा नहीं है कि सिर्फ दूसरी पार्टी के लोग ही मारे जाते हैं इसमें नुकसान कम्युनिस्टों का भी होता है। क्या शिक्षित लोग विचारधारा के नाम पर किसी के जीवन को छीन लेते हैं ? क्या शिक्षित लोग विचारधारा के नाम पर बच्चों को बिलखता हुआ देखना पसंद करते हैं? शायद यह शिक्षित लोगों की निशानी नहीं है!

केरल एक ऐसा राज्य है जहाँ से सबसे ज्यादा लोग आतंकी विचारधारा से प्रभावित होते हैं। भारत में सबसे ज्यादा ISIS (इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरिया) में शामिल होने वाले लड़ाके केरल से ही आते हैं। अभी हाल ही में श्रीलंका में हुए आतंकी हमले में जिन आतंकियों का नाम सामने आया है उनमे से कुछ केरल से भी हैं। सिमी (आतंकी संगठन) जो अलीगढ में स्थापित हुआ था उसका सबसे ज्यादा प्रभाव केरल में ही देखा गया था। इस संगठन को 2001 में बैन कर दिया गया था। PFI, जिसके नेताओं में अधिकतर सिमी के ही लोग हैं उनके द्वारा 2013 में एक आतंकी ट्रेनिंग कैम्प कन्नूर में चलाया गया था। इस कैम्प को चलाने के लिए 21 PFI कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। वैसे ध्यान रहे ये वही कन्नूर है जहाँ से अभी केरल के मुख्यमंत्री आते हैं।

केरल, वो राज्य है जहाँ से ही हदिया लव जिहाद का केस सामने आया था। जहाँ अखिला अशोकन को प्यार के जाल में फंसा कर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया था। एक कमिटी VOICE of JUSTICE के अनुसार 2014 तक करीब 3000 से ज्यादा लव जिहाद के केस हुए हैं।

केरल, वो राज्य जहाँ हिन्दुओं को अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए कोर्ट जाना पड़ा। वहां की सरकार शबरीमला में सैकड़ो सालों की संस्कृति को नष्ट करने के लिए लगातार अड़े रही। भक्तों पर लाठीचार्ज करवाया गया। पतनमथिट्टा से चुनाव लड़े बीजेपी प्रत्याशी के. सुरेन्द्रन के खिलाफ सबरीमाला वाले मामले में ही केवल 240 केस रजिस्टर हुए हैं। यहाँ की सरकार ने सबरीमाला में महिलाओं से एक दीवार बनवाई जिसमें मुस्लिम महिलाओं को भी शामिल किया गया था। केरल ही वो राज्य है जहाँ सड़क पर बीफ पकाकर खाया गया था। केरल ही वो राज्य है जहाँ 2014 में किस ऑफ़ लव नाम का कैम्पेन चलाया गया था।

केरल, वो राज्य जहाँ कुल जनसँख्या की २७ प्रतिशत आबादी मुस्लिम है। जिसे भाजपा का घोर विरोधी समुदाय माना जाता है। तब भी वहां भाजपा ने 14 सीटों पर लड़कर 5 प्रतिशत से ज्यादा अपने वोट शेयर में वृद्धि की है।

जिस तरह पश्चिम बंगाल में भाजपा को अछूत समझा जाता था शायद अब वह दिन दूर नहीं जब केरल में भी भगवा लहरा रहा हो।

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दर्शनशास्त्र स्नातक, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी परास्नातक, दिल्ली विश्वविद्यालय PhD, लखनऊ विश्वविद्यालय
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