Thursday, April 22, 2021
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manumaharaj01

निधि समर्पण अभियान में 5.45 लाख स्थानों पर 12.47 करोड़ परिवारों से किया संपर्क – डॉ. मनमोहन वैद्य

कोरोना काल और श्रीराम मंदिर जनसंपर्क अभियान में ध्यान में आया कि संघ को जानने की समाज में उत्सुकता बढ़ी है। इसलिए स्थान-स्थान पर संघ परिचय वर्ग की योजना बनेगी।

शिव का अभिषेक क्यों और कैसे करें?

रुद्राभिषेक अर्थात रूद्र का अभिषेक करना यानि कि शिवलिंग पर रुद्रमंत्रों के द्वारा अभिषेक करना। जैसा की वेदों में वर्णित है शिव और रुद्र परस्पर एक दूसरे के पर्यायवाची हैं। शिव को ही रुद्र कहा जाता है।

आत्मकल्याण ही जीवन का लक्ष्य

कौन अपना कौन पराया?

संघ कार्य व्यक्ति निर्माण का कार्य है, यह एक धीमी प्रक्रिया है, इसकी गति बढ़ाना सम्भव ही नहीं

संघ पर प्रश्न खड़े करने वाले निष्क्रिय निठल्ले और परिस्थितियों से विवश, नकारात्मक लोग हैं, भले ही वे #सक्रिय जैसे दिखते हैं। हजारों वर्षों के राष्ट्र जीवन में इनकी औकात ही क्या है? वेद, उपनिषद और गीता के सामने तुम्हारी एक किताब का अस्तित्व ही क्या है?

वीरता व शौर्य के प्रतीक महाराजा सूरजमल: जिन्होंने 80 युद्ध लड़े, लेकिन कोई राजा नहीं हरा पाया

भारतीय राज्य व्यवस्था में सूरजमल का योगदान सैद्धांतिक या बौद्धिक नहीं अपितु रचनात्मक तथा व्यावहारिक था। मुसलमानों, मराठों, राजपूतों से गठबंधन का शिकार हुए बिना ही उसने अपने युग पर एक जादू सा फेर दिया था।

नेपाल में भारत की कूटनीतिक जीत

कम्युनिस्ट पार्टी में दिक्कत चीन के लिए बुरी खबर है। नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टी के सत्ता में आने के बाद से ही भारत विरोधी सेंटिमेंट्स को हवा मिलनी शुरू हो गई थी। अगर नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टी कमजोर होती है तो भारत के साथ रिश्ते फिर से बेहतर होने की उम्मीद है।

फेक न्यूज़ के आसरे अब कांग्रेस

उ.प्र.विधानसभा चुनाव को ज्यादा समय नहीं बचा है। इसलिए कांग्रेस का गाय के प्रति स्नेह और समर्पण बढ़ना स्वाभाविक हैं। क्योंकि उ.प्र.में कांग्रेस के पास वाड्राईन के अलावा मुख्यमंत्री उम्मीदवार भी नहीं है।

संघ नींव में विसर्जित पुष्प

संघ के निर्माता डा. केशवराव हेडगेवार जन्मजात देशभक्त थे। बचपन से ही उन्हें नगर में घूमते हुए अंग्रेज सैनिक, सीताबर्डी के किले पर फहराता अंग्रेजों का झण्डा यूनियन जैक तथा विद्यालय में गाया जाने वाला गीत ‘गाॅड सेव दि किंग’ बहुत बुरा लगता था।

भारत के गौरव के विषय वामपंथियों के काले दिवस

6 दिसंबर भारतीय समाज के लिए गौरव/शौर्य का दिन हैं। क्योंकि इसी दिन जन-जन के आराध्य अयोध्या पति प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था। भारतीयों ने इसे शौर्य दिवस के रूप में मनाया तो वामपंथियों ने खुलकर तो कांग्रेस ने लुकाछिपी करते हुए खून के आंसू बहाऐ!

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