Saturday, July 24, 2021
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manumaharaj01

हिंदुस्तान में कोविड 19 टीकाकरण की प्राथमिकता सूची हिन्दू दर्शन के अनुरूप

भारत हिन्दू राष्ट्र की तरफ कदम दर कदम बढ़ रहा है। कुछ अपवाद और अड़चन को छोड़ दें तो वर्तमान में टीकाकरण की प्राथमिकता इसी क्रम में दिखाई देती है।

राष्ट्रवादियों की सरकार के 7 वर्ष पूर्ण होने पर जानिए 7 उपलब्धियां

सरकार के सात साल पूरे होने पर आइए जानते हैं ऐसे ही सात फैसलों के बारे में, जिन्होंने न सिर्फ सुर्खियां बटोरी बल्कि हर भारतीय पर असर डाला।

बेलगाम इंटरनेट मीडिया पर नकेल कितनी जरूरी?

यह वक्त की माँग हैं कि बेलगाम इंटरनेट मीडिया पर लगाम जरूरी हैं। भारत जैसे विशाल उपभोक्ताओं वाले नेटवर्क से भारी भरकम मुनाफा कमाने वाली इन दिग्गज विदेशी कम्पनियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिये।

2021 के अंत तक सबको लग जायेगी वैक्सीन, सरकार ने रोडमेप किया पेश

इस साल के अंत तक 18 वर्ष की आयु से अधिक के सभी लोगो को कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज़ लग जाएंगे। जुलाई तक 51.6 करोड़ वैक्सीन के डोज़ की उपलब्धता होगी।

दृढ़ संकल्प, सजगता, धैर्य व सामूहिक प्रयासों से कोरोना संकट पर निश्चित ही विजय प्राप्त होगी– डॉ. मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत ने कहा कि दृढ़ संकल्प, सतत प्रयास व धैर्य के साथ भारतीय समाज कोरोना पर निश्चित ही विजय प्राप्त करेगा.

निधि समर्पण अभियान में 5.45 लाख स्थानों पर 12.47 करोड़ परिवारों से किया संपर्क – डॉ. मनमोहन वैद्य

कोरोना काल और श्रीराम मंदिर जनसंपर्क अभियान में ध्यान में आया कि संघ को जानने की समाज में उत्सुकता बढ़ी है। इसलिए स्थान-स्थान पर संघ परिचय वर्ग की योजना बनेगी।

शिव का अभिषेक क्यों और कैसे करें?

रुद्राभिषेक अर्थात रूद्र का अभिषेक करना यानि कि शिवलिंग पर रुद्रमंत्रों के द्वारा अभिषेक करना। जैसा की वेदों में वर्णित है शिव और रुद्र परस्पर एक दूसरे के पर्यायवाची हैं। शिव को ही रुद्र कहा जाता है।

आत्मकल्याण ही जीवन का लक्ष्य

कौन अपना कौन पराया?

संघ कार्य व्यक्ति निर्माण का कार्य है, यह एक धीमी प्रक्रिया है, इसकी गति बढ़ाना सम्भव ही नहीं

संघ पर प्रश्न खड़े करने वाले निष्क्रिय निठल्ले और परिस्थितियों से विवश, नकारात्मक लोग हैं, भले ही वे #सक्रिय जैसे दिखते हैं। हजारों वर्षों के राष्ट्र जीवन में इनकी औकात ही क्या है? वेद, उपनिषद और गीता के सामने तुम्हारी एक किताब का अस्तित्व ही क्या है?

वीरता व शौर्य के प्रतीक महाराजा सूरजमल: जिन्होंने 80 युद्ध लड़े, लेकिन कोई राजा नहीं हरा पाया

भारतीय राज्य व्यवस्था में सूरजमल का योगदान सैद्धांतिक या बौद्धिक नहीं अपितु रचनात्मक तथा व्यावहारिक था। मुसलमानों, मराठों, राजपूतों से गठबंधन का शिकार हुए बिना ही उसने अपने युग पर एक जादू सा फेर दिया था।

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