Monday, August 10, 2020
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मोदी सरकार के वो फैसले जिससे वर्तमान ही नहीं बल्कि भविष्य कि राजनीति की भी तस्वीर बदल रही है

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नरेंद्र मोदी एक ऐसा नाम, एक ऐसा चेहरा, एक ऐसा नेता, एक ऐसी शख्सियत जिसके इर्द गिर्द भारतीय राजनीती घूमने गलती है, वो चाहे पक्ष हो या विपक्ष, सभी जानते है कि मोदी नाम का सहारा लिए बिना उनकी राजनीतिक गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकती है। पक्ष वाले सराहना करते है तो वहीं विपक्ष वाले आलोचना। 2014 का साल भारतीय राजनीतिक इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा, यही वो साल था जब बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार में आई, पर क्या ये इतना आसान था? बीजेपी की कमपस कहे जाने वाली आरएसएस ने मोदी नाम पे जोर दिया जिसके बाद ही उनको प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया गया। संघ ये जानती थी कि मोदी जी वर्तमान राजनीती में एक मात्र ऐसा नेता है जो हिंदुत्व और विकास का कॉकटेल पीला के सत्ता में बीजेपी को ला सकता है। और हुआ भी वही बीजेपी पहली बार पूर्ण बहुमत से सरकार में आ चुकी थी।

वर्षों से बीजेपी के जो मुख्य वादे रहे है, उसे पूरा करने का पहला मौका था, और सरकार उसपे तेजी से आगे बढ़ गईं, जिसके फलस्वरूप 2019 का चुनाव बीजेपी ने अकेले दम पे 303 सीटों के साथ दुबारा सत्ता में आ गईं, भारतीय राजनीति की ये पहली घटना थी जब किसी सांसद ने प्रधानमंत्री नहीं बनाया, बल्कि एक प्रधानमंत्री मोदी जी ने 350 एनडीए संसद को बनाया या उन्हें जीत दिलाई, ये है मोदी मैजिक, ये है नमो जादू भारतीय राजनीति में। इन 6 वर्षों में कई ऐसे फैसले किए गए जिन्होंने भारतीय राजनीति की वर्तमान स्थिति के साथ साथ भविष्य कि राजनीति की दिशा बदल दी जैसे- 1 ट्रिपल तलाक़ नारी सम्मान व नारी गरिमा की रक्षा की, 2 सर्जिकल स्ट्राइक जिसने दुनिया को बता दिया कि भारत का रुख क्या है अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए वो क्या कर सकता है, 3 एयर स्ट्राइक कर दुनिया को बता दिया कि इस्लामिक अतांकवाद को खत्म करके ही रहेंगे। 4 नागरिकता कानून में संशोधन कर बता दिया कि अपने हिन्दू भाईयो के लिए सरकार कितना तत्पर है और चिंतित है। 5 आर्टिकल 370 व 35 ए को मिटा कर देश की सीमाओं को व राज्यो को सुरक्षित किया। 6 राम मंदिर ये मुद्दा ना सिर्फ बीजेपी आरएसएस तक सीमित था, अपितु हर हिन्दू की दिल की से जुड़ा था उसका सम्मान किया।

1. ट्रिपल तलाक़

भारत नारी प्रधान देश फिर भी उसमे एक बड़े महिला वर्ग को समुदाय के नाम पे सोषण किया जा रहा था, और हमरे देश के बु्धिजीवी इसे स्वीकार कर रहे थे। जिस देश में नारी शक्ति का रूप होती है, शक्ति की आराधना करना हो तो हम मां दुर्गा की पूजा करते है, जिस देश में धन की आशा से मां लक्ष्मी की पूजा करते है, जिस देश में विद्या, ज्ञान, संगीत की आशा से मां सरस्वती की आराधना करते है, उस देश में एक नारी को धर्म के आधार पे इस्लामिक नियमो के आधार पे तलाक़ दे दिया जाता है, वो भी एक मैसेज से? और सरकार उसका सम्मान करती है, जी हा याद कीजिए राजीव गांधी जी की सरकार कांग्रेस की सरकार वो कांग्रेस जो खुद को सेक्युलर बताती है, 1986 में राजीव गांधी सरकार ने शाह बनो के पक्ष में आए फैसले को पलट दिया, वो फैसला जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने दिया था। शाह बनो के पति ने शादी के 14 साल बाद एक नई महिला से निकाह कर लिया, और शाह बनो को तलाक़ दे दिया, शाह बनो ने कानूनी लड़ाई लड़ी और जीत भी गई, एमपी हाई कोर्ट ने फैसला दिया की उनके पति को 178 रुपए प्रति माह शाह बनो को जीवनयापन के लिए देना होगा, बाद में इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने भी मान्यता दी। जिस से देश भर में एक विशेष वर्ग के लोग जो शरिया कानून को मानते है उनमें गुस्सा भर गया, जिसे देखते हुए, 1986 में संसद में इस फैसलों को पटल दिया गया। जिस से नाराज़ होकर कांग्रेस के तत्कालीन गृह राज्य मंत्री डॉक्टर आरिफ मोहम्मद खान ने पार्टी व पद से इस्तीफा दे दिया, आरिफ मोहम्मद खान जी एक सुधारवादी मुस्लिम है। ट्रिपल तलाक़ से लड़ाई मुस्लिम नारियों की 22 अगस्त 2017 तक जारी रही, 22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक़ को गैर कानूनी करार दिया।। और सरकार को आदेश दिया कि इस पर कठोर कानून बनाया जाए। जुलाई 2019 ट्रिपल तलाक़ पे कानून बन गया है, और मुस्लिम महिलाओं को एक न्याय दिलाया मोदी सरकार ने जिसके लिए वो वर्षों से लड़ रही थी।

2. सर्जिकल स्ट्राइक

दिन 18 सितंबर 2016 उरी सेक्टर जम्मू कश्मीर हमरे जवान सो रहे है, तभी अचानक से उनपे हमला हो जाता है, ये एक आत्मघाती हमला था, जिसमें हमारे सोते हुए 23 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। इस एक हमले ने पूरे देश को हिला दिया था, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गईं, की सरकार देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। इसकी जांच जम्मू कश्मीर पुलिस करने लगी, 20 सितंबर को नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी ने इन्वेस्टिगेशन का चार्ज अपने हाथो में के लिए। 21 सितंबर पाकिस्तान ने अपने सारे एयरलाइन कैंसल कर दी जो जम्मू कश्मीर को आने वाली थी, क्यों की इस हमले के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े थे, जैश ए मोहम्मद ने इसकी जिम्मेवारी ली। 24 सितंबर आर्मी व सुरक्षा एजेंसी की पीएमओ में मीटिंग हुई, ये वो वक्त था जब सर्जिकल स्ट्राइक का फैसला लिया जा चुका था, सरकार ने व रक्षा विशेषज्ञ ने हर पहलू को देखा, हमला करने के लिए हर विकल्प को परखा, वो चाहे हवाई मार्ग से हो, जल मार्ग से हो, जो थल सेना के द्वारा पर मंशा सिर्फ एक थी, एक सटीक और जोरदार हमला बोलना। सभी वाहा से निकाल के अपने अपने मिशन में जुट गए। 25 सितंबर ये वो दिन था जब ऐसे घातक जवानों को चुना गया इस मिशन के लिए जो अपने पीछे अपने पैरों के निशा भी नहीं छोड़ते है। आर्मी ने एक अचूक व अभेद प्लान बनाया जिसके लिए जरूरी था कि दुश्मन को नजदीक जाके 24 घंटा निगरानी रखें वो अपना सही समय चुने हमले का, और साथ ही एलओसी पार करने का सबसे आसान रास्ता चुन और एक सैफ एग्जिट और फास्ट एग्जिट को भी चुने । सेना ने बिल्कुल ऐसा ही किया और 28 सितंबर ये वो दिन था जब भारत अपना इतिहास बदलने जा रहा था, भारत दुनिया को दिखाने जा रहा था कि अपने जवानों कि सुरक्षा सुनश्चित करने के लिए वो कितना कठोर कदम उठा सकता है। इस ऑपरेशन में 150+ अतंकवादी मारे गए और सेना बिना किसी नुकसान के भारत वापस आ गई। ये वो समय था जब हर भारतवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।

3. एयर स्ट्राइक

14 फरवरी 2019 ये वो तारीख है, जिस दिन पाकिस्तान परास्त आत्मघाती हमलावरों ने भारत को सबसे बड़ा चोट दिया। जिसमे हमारे 44+ वीर जवान वीरगति को प्राप्त हुए। कई गंभीर रूप से घायल हुए, इस एक घटना ने पूरे देश को हिला दिया था, तब सरकार ने इसका सटीक और अचूक जवाब देने का जिम्मा दिया भारतीय वायु सेना को, और सेना ने उम्मीद से बढ़ के काम किया। 26 फरवरी का वो सुबह कैसे कोई भूल सकता है, जब 14 मिग विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुस का कहर बरपाया था। दुनिया ने देखा कि भारत कि सीमाओं से खेलने वाले को क्या मिला। वायु सेना ने उनको सीधे 72 हुरो के पास भेज दिया। तिलमिलाहट में पाकिस्तान की दो विमानों ने भारत में घुसने की कोशिश की 27 फरवरी को पर बाज की तरह चौकना हमरे वायु सेना ने उसे मार भयागा, कितू एक दुर्घटना हो गईं, एक मिग विमान दुरभाग्यपूर्ण घटना की वजह से नीचे पाकिस्तानी सीमा में गिर पड़ा। जिसमे हमारे पायलट अभिनंदन वर्धमान 28 फरवरी को पाक सेना के कब्जे में आ गए, और पाकिस्तान को देखिए घुटने पे चल के अना पड़ा हमारे जवान को सह सम्मान हमे वापस करने। भारतीय वायु देना ने इस ऑपरेशन में 350+ आतंकवादियों को मार गिराया। ये वो लम्बा था जब भारत में विश्व भर में अपना परचम लहराया रहा था।

4. 370 & 35ए

दशकों से घाटी में हमारे जवान मारे गए, करीब 80,000 से ज्यादा आम नागरिकों की जाने गई, 7,000 से ज्यादा हमारे सैनिक मेरे गए। 90के दशक में कश्मीरी पंडितों का नरसंहार हुआ, भारत में रहते हुए भी अलग संविधान दिया गया, क्या ये भारत की संप्रभुता पे प्रश्न चिन्ह नहीं उत्पन कर रहा था? 5 अगस्त 2019 को भारत के गृह मंत्री अमित शाह जी ने इसे हमेशा हमेशा के लिए हटाने का काम किया। जिस से जम्मू कश्मीर में राजनीतिक की धारा पटल गई, जम्मू कश्मीर को दो भागो में बांट दिया गया और उस से पूर्ण राज्य का दर्जा वापिस ले लिया गया। सही मायनों में इसी दिन जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा बना। वो जम्मू कश्मीर जो भारत के माथे का टीका है। उसे उसकी असली पहचान मिली तो मोदी जी की सरकार में, और अभी वाहा आमूलचूल परिवर्तन देखे जा रहे है।

5. नागरिकता संशोधन अधिनियम

 

दिन 11 दिसंबर 2019 को नागरिकता अधिनियम 1955 में सुधार किया गया और नया कानून बनाया गया, जिसमे पाकिस्तान, अफगनिस्तान, बंगलादेश में जो हिन्दू समाज के लोग है जिनपर धार्मिक उत्पीड़न हो रहा है, उनको भारत में नागरिकता दिया जाएगा। फिर क्या था, देश में अफवाओं का जोर हो गया, जगह जगह दंगे हुए, किस लिए हुए ये किसी को नहीं पता था। किसी पूर्व नागरिक की नागरिकता नहीं जा रही थी इस से, फिर हमारे देश में मुस्लिम समाज हिंसक क्यों हुई, क्यों की इस कानून ने इस्लामिक उम्मा के सिद्धांत को चुनौती दे दिया, और हर हिन्दू को सम्मान का जीवन दिया जिनकी बहू बेटियों का बलात्कार हुए पाकिस्तान में क्यों की वो हिन्दू थे। उनको भारत में सम्मानपूर्वक जीवन यापन का हक दिया। 20% आबादी गायब हो गई, या तो मार दिए गए या धर्म परिवर्तन करा दिया गया। उनको इंसाफ देने का काम किया भारत सरकार ने, मोदी जी की सरकार ने किया, तो हलचल तो होनी ही थी।

6. श्री राम मंदिर

वर्षों से हिन्दुओं की आस्था को चोट पहुंचाने का काम किया गया था। हिन्दू समाज अपने आराध्य देव श्री राम जी के मंदिर के लिए कब से लड़ाई लड़ रही थी। इस लड़ाई को लडने में कई नेताओं ने अपना योगदान दिया, चाहे वो, आरएसएस के नेता हो, बालासाहेब ठाकरे हो, अशोक सिंघल हो, बीजेपी पार्टी के रूम में वो लड़ाई लड़ी, एक लम्बी लड़ाई लड़ी। एक ऐसी लड़ाई जो इस कोर्ट से उस कोर्ट में जाते जाते 70 साल गला दिए। आखिरकार वो दिन आया 9 नवंबर 2019 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला दिया की वो पूरी भूमि राम लला के मंदिर निर्माण के लिए दी जाती है। और सरकार को आदेश दिया कि 3 महीनों के अंदर एक ट्रस्ट बना के मंदिर निर्माण का कार्य शुरू किया जाए। ये वो दिन था जब अनगिनत रामभक्तो को स्वर्ग की अनुभूति हुई, ना जाने इस लड़ाई में कितने राम भक्तो ने अपनी जान गवाई है। सरकार ने ट्रस्ट का निर्माण किया “श्री राम जनमभूमि तीर्थ क्षेत्र” और मंदिर निर्माण के लिए 400 करोड़ का फंड दिया। वो दिन अब दूर नहीं जब भगवान राम का मंदिर निर्माण कार्य पूर्ण होगा और विश्व को एक नया तीर्थ क्षेत्र का दर्शन होगा। और वो दिन भी दूर नहीं जब, काशी और मथुरा में भी मंदिर निर्माण कार्य शुरू होगा।

ये कुछ ऐसे कार्य है, कुछ कैसे फैसले है, जिन्होंने सरकार की मंशा साफ कर दी। सबको ज्ञात हो गया को सरकार अपने किए वादों को निभाने से पीछे नहीं हटेगी। ये ऐसे कार्य थे जिन्होंने भारतीय राजनीति में तुष्टिकरण की राजनीति को खत्म कर दिया। ये वो समय है जब हिन्दू समाज जागृत हो उठा है। जिसके लिए मोदी जी को अनेक बधाई।

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