Tuesday, June 22, 2021

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ram mandir

राम द्रोही राम के किस काम के

राममंदिर के लिए पिछले सदियों से चल रहा संघर्ष भव्य राम मंदिर के रूप में भारत के सामने प्रकट होगा। चाहे कितने ही असुर, राक्षस और दुष्ट प्रवृति के लोग राम काज में अड़ंगा लगाएं, भारत के इतिहास पुरुष मर्यादा पुरुषोत्तम का स्थान अयोध्या में पूरी भव्यता के साथ बनेगा।

हम अस्पताल के लिए लड़े ही कब थे?

यदि मंदिर नहीं बनता अस्पताल बनता तब यह लोग ताली बजाते और कहते कि देखा तुम हार गए फिजूल में समय बर्बाद किया और बलिदान दिए लेकिन मंदिर नहीं बना पाए। पहचानिए इनको और याद कीजिए यह वही लोग हैं जो अतीत में मंदिर निर्माण की तारीख भी पूछा करते थे।

Yes, I am not going to Vote for Modi now

You have disappointed me, Mr. Modi. I will not vote for you again now. I had voted you for Ram Mandir, Where is that?

Supreme Court surrendering to the mobs?

While this institute is supposed to be the most transparent and honest.

06/12/92 : हिंदुत्व की प्रबल पराकाष्ठा

उस दिन इस देश ने देखा कि अब कांग्रेस जैसे मुस्लिम सेक्युलर दल के सामने एक हिंदूवादी दल भाजपा का उदय हो चुका है। उस दिन देश ने वास्तव में महसूस की संघ और विहिप की मजबूत उपस्थिति और शक्ति।

Socioeconomic paradox of Indian Muslim community and the people responsible for it

Is the Islam practiced in India different then the Islam practiced in the rest of the world and especially the one followed in the land of the Caliph, the Caliphate?

Here’s why the idea of placing a time capsule beneath Ram temple should be taken seriously

Burying of a time capsule, if at all done, should bury the claim that Hinduism is the other face of Indian nationalism. Its time to change the narrative test Hindutva should become BJP’s achilles heel.

Why my village celebrated Diwali on 5th August

Ram Mandir has been a hot political issue since decades but should that reduce the glory of this auspicious day?

What the Ram Temple means to a Hindu

The difference between Hindu diversity and Christian or Muslim diversity - while the latter began as one and split with differences of opinion, we began as many and came together under one blanket, while retaining individual identities – the ultimate balancing act

आज न सिर्फ उत्सव मानना है अपितु कार सेवकों के बलिदान को याद कर प्रपंचों से भी लड़ना है

आज न सिर्फ राम मंदिर की आधारशिला रखी जा रही है, बल्कि नए भारत निर्माण के संकल्प का वास्तविक आगाज भी हो रहा है। आज से हर राम भक्त दायित्व है कि अपने धर्म के विरुद्ध रचे जाने वाले प्रपंच और मिथ्या दुष्प्रचार का खंडन करे तथा अपने धर्म और कार सेवकों के बलिदान की शुचिता बनाए रखे।

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