Monday, October 18, 2021

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Ayodhya Verdict

Jerusalem, Ayodhya and the hypocrites

Next time when a liberal, or Islamist or any type of anti Hindu shames you for Ram mandir, remind them of Al-Aqsa mosque and the history of wars and violence for 2 milleniums and ask them what is their stance on it

Ram Mandir Bhoomi Pujan- A step towards civilizational resurgence

The Ram mandir movement is civilizationally important as it brought in not only the mainstream Hindu voices but also many subaltern voices that did not have a voice in the broader national discourse. It is after a long time that people stood up for something casting aside their caste and even religious divisions.

मोदी को न राम से बड़ा बताया है और न ही जय श्रीराम का उदघोष साम्प्रदायिक है

हिन्दू धर्म में तुलसीदास और सूरदास जैसे कई कवियों ने भगवान कृष्ण और राम के लिये वात्सल्य भाव का प्रयोग किया है। आज भी वैष्णव सम्प्रदाय में भगवान की वात्सल्य भाव से पूजा की जाती है तथा उन्हें परिवार के एक बालक की तरह ही देखा जाता है।

आज न सिर्फ उत्सव मानना है अपितु कार सेवकों के बलिदान को याद कर प्रपंचों से भी लड़ना है

आज न सिर्फ राम मंदिर की आधारशिला रखी जा रही है, बल्कि नए भारत निर्माण के संकल्प का वास्तविक आगाज भी हो रहा है। आज से हर राम भक्त दायित्व है कि अपने धर्म के विरुद्ध रचे जाने वाले प्रपंच और मिथ्या दुष्प्रचार का खंडन करे तथा अपने धर्म और कार सेवकों के बलिदान की शुचिता बनाए रखे।

Here is why Hindus must be happy with Muslim devotees expressing their will to attend the Bhūmi Pūjan at Ayodhya

Hindus must evolve from sensationalist proclivities to reason and objectivity, for only the tempered and equanimous shall lead the Hindus in this desired resurgence.

Rise of a new era

Modern generations will never know how much it cost to our ancestors, Karsevaks and the ones who have struggled for this since decades.

राम ही दर्शन हैं

अयोध्या में मंदिर निर्माण के पक्ष में आये सुप्रीम फैसले ने पश्चिमी शिक्षा से अलंकृत भारतीय लोगों की कलई खोल दी है।

मोदी सरकार के वो फैसले जिससे वर्तमान ही नहीं बल्कि भविष्य कि राजनीति की भी तस्वीर बदल रही है

कुछ ऐसे कार्य है, कुछ कैसे फैसले है, जिन्होंने सरकार की मंशा साफ कर दी। सबको ज्ञात हो गया को सरकार अपने किए वादों को निभाने से पीछे नहीं हटेगी। ये ऐसे कार्य थे जिन्होंने भारतीय राजनीति में तुष्टिकरण की राजनीति को खत्म कर दिया।

राम मंदिर बनाएंगे और डेट भी बताएंगे

जो कल तक कहा करते थे,राम मंदिर बनाएंगे लेकिन डेट नहीं बताएंगे उनके लिए आज काफी बुरी खबर है क्योंकि राम भक्तों के द्वारा भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया गया है।

When Allah striven for Ram Mandir

A living legend and with the truest and the purest form of secularism: K K Muhammed (ASI)

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