विशेष: टुकड़े टुकड़े गैंग को दें चोट, वादों पर नहीं मजबूत इरादों वाली सरकार को दें वोट

देशभर में लोकसभा चुनाव का शंखनाद हो गया है। सभी सियासी दल अपने–अपने समीकरण साधने में लगे हैं। हर कोई हर मुमकिन कोशिश कर रहा है कि वह ऐन केन प्रकारेण किसी तरह सत्ता हासिल कर लें। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही प्रमुख दलों ने अपने–अपने घोषणा पत्र जारी कर दिए हैं। कांग्रेस के घोषणा पत्र में एक तरफ टुकड़े -टुकड़े गैंग और अलगवादियों को समर्थन हैं। कांग्रेस ने देशद्रोह कानून खत्म करने, जम्मू कश्मीर में सेना की संख्या कम करने संबंधी वादें किए हैं। मतलब अगर कांग्रेस की सरकार सत्ता में आती है, या आप अगर कांग्रेस को वोट करते हैं तो आपको ध्यान रखना होगा कि आपके वोट का परिणाम क्या होगा। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद देश का विरोध करना आम बात हो जाएगी। सेना का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा, देश की एकता और अखंडता खतरे में पड़ जाएगी।

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कई लोक- लुभावने वादे भी किए हैं। जिसमें न्याय योजना पर मुख्य रुप से फोकस किया जा रहा है। कांग्रेस की पूरी कोशिश है कि वह न्याय योजना के बल पर सत्ता हासिल करें। इसके लिए वह जोर शोर से प्रचार कर रही है। राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज न्याय के माध्यम से वोटरों को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अगर हम कांग्रेस सरकार के काम काज और नीतियों की विवेचना करें तो यह बात साफ होता है कि कांग्रेस ने देश की आजादी से लेकर अब तक कई लोक लुभावने वादे किए, गरीबी हटाओं का नारा दिया, लेकिन सब जुमला साबित हुआ। हाल ही में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में किसानों को कर्ज माफी का प्रलोभन दिया, लेकिन अभी तक कांग्रेस ने अपना वादा नहीं निभाया। कर्ज माफी के नाम पर किसानों के साथ छलावा किया गया।

कांग्रेस ने वाद किया था कि वह सरकार में आती है तो युवाओं को रोजगार देगी, सहायता राशि देगी। लेकिन वह इस वादे को पूरा करने की बजाए अपने नेता के बेटे को अनुकंपा पर डिप्टी कलेक्टर बना दिया। उसी तरह शिक्षा की बात करें तो कांग्रेस ने सत्ता हासिल करते ही शिक्षण संस्थानों को राजनीति का अड्डा बना दिया। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अपराध और लूट की घटना आम बात हो गयी है। मध्य प्रदेश के सतना में महीने भर के भीतर सात बच्चों का अपहरण कर हत्या कर दी गई। लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इतना ही नहीं अभी सीएम कमलनाथ के रिश्तेदारों यहां आईटी की दबिश पड़ी है। 281 करोड़ से अधिक नकदी बरामद होने की संभावना है। सिर्फ तीन महीने की सरकार में आखिर इतनी भारी मात्रा में कालाधन कहां से आए कमलनाथ के रिश्तेदारों के पास, यह अपने आप में कांग्रेस के इरादों पर सवाल खड़ा करता है।

वहीं दूसरी तरफ अगर हम बीजेपी के घोषणा पत्र की बात करें तो बीजेपी ने वादों से अधिक अपने इरादों पर फोकस किया है। बीजेपी हमेशा से कहती है कि उसके लिए देश सबसे पहले है। संकल्प पत्र में भी बीजेपी ने इस बात पर फोकस किया है कि उसके लिए देश ही सबसे पहले है। अगर बीजेपी के घोषणा पत्र और पिछले पांच साल के काम काज पर गौर किया जाए तो यह बात सामने आती है कि बीजेपी लोक लुभावने वादें करने की बजाए अपने इरादों पर अधिक अटल है। बीजेपी ने संकल्प पत्र में देश के सर्वांगिण विकास पर जोर दिया है। जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और सुरक्षा को प्रमुखता से जगह दी गई है। बीजेपी ने कहा है कि अब वह किसान निधि के माध्यम से देश के सभी किसानों को 6 हजार सलाना राशि देगी।

इसके साथ ही किसानों और छोटे व्यापारियों को 60 साल बाद पेंशन देगी। 2014 से लेकर अभी तक के बीजेपी सरकार के कामों की विवेचना की जाए तो बीजेपी की प्रतिबद्धता साफ झलकती है। पिछले पांच साल में बीजेपी ने जिस तरह से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों में काम किया है वह पिछले साठ सालों में नहीं हो पाया है। बीजेपी ने गरीब, मध्यम और उच्च वर्ग सभी के लिए विकास किया है।

बीजेपी सरकार के कुछ प्रमुख काम –

भ्रष्टाचार मुक्त सरकार– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की खास बात ये है कि सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार से दूर रहे हैं। जिस तरह पिछली सरकार 2-जी स्कैम, कोयला स्कैम, कॉमनवेल्थ स्कैम, चॉपर स्कैम, आदर्श स्कैम के आरोपों में घिरी रही, उससे उलट मोदी सरकार में भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं हुई।

जन-धन योजना- इस योजना के तहत 31.31 करोड़ लोगों को फायदा भी मिला है। बताया जाता है कि आर्थिक जगत के क्षेत्र में ये दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। इसने एक सप्ताह में सबसे अधिक 1,80,96,130 बैंक खाते खोलने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया।

उज्जवला योजना– यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है, जिनके पास गैस कनेक्शन नहीं था और उन्हें खाना बनाने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। आंकड़ों के मुताबिक चार करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को इसका लाभ मिला।

आयुष्मान भारत योजना – इस के जरिए देश के 10 करोड़ परिवार मतलब 50 करोड़ लोगों को इलाज की सुविधा दी गई है। इस स्कीम में गरीबों को 5 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस मिलता है।

मुद्रा योजना– यह युवाओं के लिए वरदान साबित हुई। प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) एक गैर-कार्पोरेट, गैर-कृषि लघु-लघु उद्यमों को 10 लाख तक की ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजना है। इसके माध्यम से 10 करोड़ से अधिक लोगों ने लोन लिया है और रोजगार स्थापित किया है।

देश की सुरक्षा – देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करने का काम मोदी सरकार ने किया। पूरी दुनिया के अंदर यह संदेश गया है कि भारत को कोई हल्के में नहीं ले सकता है। भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक के माध्यम से यह संदेश दिया कि भारत अब चुप रहने वाला नहीं है। यह भी पहली बार हुआ कि भारत को दुनिया के सभी प्रमुख देशों ने एक स्वर में अपना समर्थन दिया। वैश्विक मंच पर भी भारत को एक अलग पहचान मिली है।

पहल योजना- डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर्स के रूप में सब्सिडी सीधे बैंक खातों में जमा कराए जाने को लेकर फैसला किया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये हुआ कि अब गरीबों के खाते में सीधे राशि पहुंचती है। बिचौलियों का खान बंद हो गया।

किसान निधि योजना – इस योजना के तहत देश के सभी किसानों के खाते में सीधे 6 हजार प्रतिवर्ष राशि दी जाती है। करोड़ों किसानों को इसका लाभ मिल गया है। शेष किसानों को जल्द ही राशि भेजी जाएगी।

इस तरह पीएम ने अंटल पेंशन योजना, गरीब कल्याण योजना, अंत्योदय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्टार्ट अप इंडिया, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना आदि के माध्यम से देश को सबल बनाने का काम किया है। इसलिए इस बार के चुनाव में देश को यह तय करना होगा कि वह लोक लुभावने वादों के प्रलोभन में फंसेगी या एक मजबूत इरादों वाली सरकार का चयन करेगी।

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