Friday, December 4, 2020
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इंद्रभूषण मिश्र

लेखक ,कवि व पत्रकार तमाम ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से लेखन , न कलम झुकती है न कलम रुकती हैं।

भारतीय इतिहास के एक स्वर्णिम अध्याय का नाम है वीर सावरकर

जिसके भाई को जेल भेज दिया गया हो, पत्नी और भाभी बेघर हो गईं हो, ससुर की नौकरी छीन ली गई हो, वह इन मुसीबतों में भी अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटा, बल्कि मुसीबतों के पहाड़ को चीरता चला गया। उस त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्त का नाम है सावरकर।

कीबोर्ड का सच्चा सिपाही संजय द्विवेदी: पत्रकारिता के छात्र से पत्रकारिता विवि के कुलपति तक का सफर

कहते हैं कि सबको सबकुछ नहीं मिलता है लेकिन कुछ बिरले लोग होते हैं जो अपनी मेहनत के बलपर बहुत कुछ अर्जित...

छत्तीसगढ़ में जानलेवा होता वायु प्रदूषण, लोगों के जीवनकाल में कम हो गए 3.8 वर्ष

शिकागो विश्वविद्यालय, अमेरिका की शोध संस्था ‘एपिक’ द्वारा तैयार ‘वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक’ का नया विश्लेषण दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति राज्य के नागरिकों की ‘जीवन प्रत्याशा’ (Life Expectancy) औसतन 3.8 वर्ष कम करती है।

पुस्तक समीक्षा ः कूड़ा धन – कूड़े – कचरे का ढेर समस्या नहीं, संभावनाओं का अंबार है

दीपक चौरसिया ने इस पुस्तक में कूड़े कचरे का अर्थशास्त्र समझाया हैं। उनका मानना है कि दुनिया में कूड़ा कबाड़ जैसी कोई चीज नहीं है। अगर कुछ कूड़ा कबाड़ है तो वह हमारी सोच के कारण है।

प्रियंका जी ‘ठोक के बजाने’ का मतलब भी समझा दीजिए

आपकी दादी ने भरसक प्रयास किया हमारा गला घोंटने का, हमें कुचलने का। अब आप प्रयास कर रही हैं। बढ़िया है, आपको शुभकामनाएं।

70 साल का दंश खत्म, देश के लिए एक नई सुबह का आगाज़

अलगवाद, आतंक और हिंसा की मार झेल रहा कश्मीर अब भारत का सिरमौर बनेगा, विकास की नई गाथा लिखी जाएगी।

माखनलाल विवि का सत्रारंभ: मोदी को बताया लोकतंत्र और पत्रकारिता के लिए संकट

सोची समझी रणनीति के तहत मोदी विरोधियों को उद्बोधन के लिए बुलाया गया था। नए छात्रों को पत्रकारिता की चुनौतियों से निपटने की बजाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी को चुनौती के रूप में पेश किया गया। पूरे सत्र के दौरान मोदी को खलनायक के रूप में पेश किया गया।

वैश्विक मंच पर मजबूती से उभरता भारत, अलग- थलग पड़ता पाक

कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आईसीजे फैसला सुना रहा था तब पाकिस्तान को मुंह छिपाने की जगह नहीं मिल रही थी।

माखनलाल पत्रकारिता विवि में मोदी को गरियाने वालों को दी जा रही है नौकरी

माखनलाल पत्रकारिता विवि में अब नौकरी के लिए नए मानक तय किए गए हैं। विवि ने उन लोगों को नौकरी दी जा रही है जिन्हें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गरियाने में महारथ हासिल है, जिन्होंने मोदी को गरियाने में पीएचडी की हो।

Latest News

NEP 2020: Revamping higher education and challenges ahead

Hope the government will implement NEP successfully in the higher education system and achieve all its goals in the predicted time. Thus, India will restore its role as a Vishwaguru.

Domestic violence: A grave concern

Domestic violence occurs when one person tries to dominate and control another person in a family-like or domestic relationship. Domestic violence involves...

Justin Trudeau’s unwarranted support to Farmers protests, was made on behest of Khalistani secessionists?

One has to wonder why Canadian PM has to make these unwarranted statements and the underlying aspect is, his coalition government is hanging with the support of the New Democratic Party which is a socialist far left political party and its leader is none other than Khalistani supporter Jagmeet Singh Dhaliwal.

BJP and the need for the saffron party to win GHMC

many, are making fun of this, that just to fight Owaisi brothers and the KCR, BJP had to put their full force in this election, but how many of us have realized the depth of this move by BJP?

Overview of voting trends of Muslims in Bihar election 2020

by observing the overall data, one can conclude that non-Muslim votes are divided into Muslim and non-Muslim candidates while Muslim votes are only divided among Muslim candidates.

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एक सफल शासन की नींव समुद्रगप्त ने अपने शासनकाल में ही रख दी थी इसीलिए गुप्त सम्राटों का शासन अत्यधिक सफल रहा। साम्राज्य की दृढ़ता शांति और नागरिकों की उन्नति इसके प्रमाण थे।

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