Tuesday, June 18, 2024
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पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे

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पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

याद करो पानीपत को, हिन्द स्वराज्य की हुतात्माओ को,
भर रहा था हिन्दू समाज अंगड़ाई, अब्दाली की थी शामत आई,
आशा थी हिन्दू पुनरुत्थान की, जिहाद के भारत से प्रयाण की,
नहीं हुआ एकजुट हिन्दू समाज, बन गया फिरंगी साम्राज्य का भाग।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

२०१४ में समय ने करवट बदली, मोदी नेतृत्व में सत्तारूढ़ हुई हिन्दू शक्ति।
राष्ट्रीय चेतना का हुआ जागरण, लुटेरों पर छाया सूर्य ग्रहण।
देश कर रहा नूतन उत्थान,चोरों का सुनिश्चित है महाप्रयाण।
माईकल कर रहा नित नवीन उद्गार, जाना पड़ेगा मां बेटे को जाना पड़ेगा कारागार।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

भटक रहे दर दर मां बेटे, लोकतंत्र रक्षा की नित दुहाई ये देते।
बंद हुई लुटियंस दलालों की कमाई, राजदीप राडिया की नौकरी पर बन आई।
माल्या, नीरव कर गए विदेश प्रयाण, ढूंढ रहे कोई सुरक्षित स्थान।
लक्षिताक्रमण से यवनी पाक हुआ परास्त, तेजोमय नरेन्द्र का करना चाह रहा सूर्यास्त।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

कन्हैया, खालिद का किया मानमर्दन, वामपंथी भी कर रहे भारत मातृ वंदन।
पंच वर्ष में हुए नूतन विविध कार्य, छा गए विमुद्रीकरण व लक्षित प्रहार।
जन धन से हुआ दरिद्र कल्याण, रायसिना की फोन बैंकिंग पर लगी लगाम।
नमामि गंगे से रखा मां गंगा का ध्यान, महाकुंभ में दृष्टिगत हुआ इसका प्रमाण।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

उज्जवला से दूर हुआ गृह प्रदूषण, मातृ शक्ति को किया कोटि कोटि नमन।
आयुष्मान से सरल हुआ निर्धनोपचार, दरिद्र नारायण का सर्वकार करे विचार।
पूर्वोत्तर की हुई त्वरित प्रगति, जनाकांक्षाओं में हुई अभिवृद्धि।
झोला छाप की दुकानों में आई मंदी, एमेनस्टि ने संघ भाजपा को माना अघोषित प्रतिद्वंद्वी।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

महिषासुरी आतंक का हुआ दमन, औवेसी, मुफ्ती, राहुल कर रहे गहन चिंतन।
विमुद्रीकरण से हुआ भ्रष्टाचार भंजन, सप्त समुद्र दूर से कोलाहल मचाए रघुराम रंजन।
वस्तु सेवा कर ने किया आर्थिक एकीकरण, मुद्रास्फीति पर हुआ सम्पूर्ण नियंत्रण।
वंशवाद भतीजावाद का कांग्रेस में हुआ एकाधिकार, प्रियंका को गर्व से प्रदत्त किए सर्वाधिकार।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

बूआ भतीजे नित नये षड्यंत्र रचते, पंथनिरपेक्षवाद इसको यह कहते।
ममता, माया, और अखिलेश, कर रहे महागठबंधन का श्रीगणेश।
सबरिमला में मचा हुआ है रक्तातंक, वाममार्गि प्रतिदिन मचा रहे हड़कंप।
कश्मीर में आ गए जिहादी, मुफ्ती फारुख की है पूरी तैयारी।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

ना आए मोदी तो होगा आत्मघात, भावी पीढ़ियों पर होगा भयंकर वज्र पात।
उत्तर पूर्व में सत्तारुढ़ होगा अजमल, ब्रह्मपुत्र में प्रवाहित होगा हलाहल।
मणि और दिग्गी रचेंगे नूतन प्रपंच, समाचार पत्रों में छायांकित होगा भगवा आतंक।
पुनः होगा साध्वी प्रज्ञा का चीरहरण, शंकराचार्य का दीप निशा में होगा अपहरण।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

योगगुरु पर श्याम रजनी में होगा लाठी भंजन, NDTV इसे कहेगा लोकतंत्र रक्षण।
सशस्त्र सेनाओं में होगा धर्माधारित गणन, दूभर हो जाएगा राष्ट्रभक्तो का जीवन यापन।
भारतीय भाषाओं का होगा अवधान, पर अंग्रेजी का बढ़ेगा मान।
राष्ट्रद्रोही प्रसारण तंत्र बनेगा सरकारी वाणी, हिन्दू कार्यकर्ताओं को याद आएगी नानी।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

बरखा रानी रचेगी नूतन प्रपंच, मंत्रीमंडल गोपनीयता को करेंगी भंग।
सीमा पार से होगी २६/११ की पुनरावृत्ति, अटृहास करेंगे हाफिज ओर बग़दादी।
अबला सुन्नदा की चढ़ाई जाएगी बलि, संयुक्त राष्ट्र में भाषण देंगे कांग्रेसी महाबली।
शर्म अल शेख पुनः पुनः दोहराया जाएगा, सियाचिन, कश्मीर, आसाम हाथ से निकल जाएगा।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

ड्रेगन डैनों में जाएगा हिमगिरि, मातृभूमि का व्यापार करेंगे कांग्रेस राज दरबारी।
कहा जाएगा इसे कूटनीति, अक्षम्य है ये शतुरमुर्ग प्रवृति।
महिषासुर दिवस का होगा पुनः आयोजन, मां दुर्गा का होगा अवलंबन।
जेएनयू में लगेंगे ये नारे, अफजल तुम्हें देश पुकारे।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

आतंकी माना जाएगा हर हिन्दू को , मुस्लिम व इसाई जपेंगे मक्का और वेटिकन को।
गोमांस बनेगा राजकीय आहार , शाकाहार का होगा सम्पूर्ण बहिष्कार।
प्रतिदिन होंगे आतंकी प्रहार, गजवा ए हिन्द का होगा स्वप्न साकार।
होगें नित्य माओवादी प्रतिघात, सर्वत्र होगी भारत विच्छेद की बात।
पानीपत नहीं दोहराएंगे,फिर फिर मोदी को लाएंगे।

लें समस्त देशवासी ये प्रण, मोदी जीते २०१९ का महारण।
मां भारती के गौरव का हो रक्षण, आर्य भूमि का हो विश्व वंदन।
दस दिशाओं में हो आर्य संस्कृति का प्रसार, हिमगिरि तुल्य हो इसका विस्तार।
हर भारतीय यह करे विचार, नोटा ना डालें इस बार।
पानीपत नहीं दोहराएंगे, फिर फिर मोदी को लाएंगे।

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