Thursday, May 30, 2024

TOPIC

Mocking Hinduism

वो इधर की उधर लगाने वाले विदूषक कब बन गए, पता चला क्या?

अपने इतिहास के प्रति हमारी अरुचि, अनभिज्ञता और अनास्था ने आदि प्रजापति ब्रह्मा के मानस पुत्र देवर्षि नारद, जिनके लिए श्रीमद्भागवत गीता में स्वयं श्री कृष्ण कहते हैं मैं देवर्षियों में नारद हूँ को आज एक अधम विचार वाले, परिवारों को नष्ट करने वाले व्यक्ति के रूप में घटिया चुटकुलों का नायक बना दिया है.

पाताललोक के बहाने मृत्युलोक पर हिन्दुओं के प्रति सिनेमाई घृणा का पोस्टमार्टम

पाताललोक अपराध की दुनिया पर आधारित एक वेब सीरीज है। यहां अपराधी हैं, पुलिस है, राजनेता और उनके दाएं-बाएं हाथ हैं, आम आदमी है और मुसलमान हैं। आपको लग रहा होगा कि सिर्फ इतना होने पर विवाद क्यों?

Secularism around us

Secularism is what WE define: Liberals.

वटवृक्ष कथा और प्राइम का वेबसिरीज ‘पाताल लोक’

आमेजन प्राइम पर हाल में ही एक वेब सिरीज रिलीज़ हुआ है ‘पाताल लोक’। इस वेब सिरीज़ में एक कुतिया का नाम ‘सावित्री’ रखा गया है।

What Hindus must realize in the era of soft-Hindutwa politics

Victory of true Hinduism and Hindutwa means the victory of India, its tradition, culture, spiritual essence, tolerance, unity in diversity, universal brotherhood etc. BJP promotes only such Hinduism or nationalism in India.

Shikara 2: The fillum returns (but not Kashmiri Pandits)

Fillum has no religion, it has only box-office collection: A satirical take!

हम हिन्दू व सहिष्णुता

आदिकाल से भारत भूमि ने हमेशा संकट से घिरे हुओं को स्वयं पर घाव झेल कर भी शरण दी। किन्तु आज इसके मूल धर्म व संस्कृति पर ही असहिष्णुता का मिथ्या आरोप।

The “Liberal World” is a scam and we all have been tricked

The flag-bearers of liberalism, those suffering from the "holier than thou" syndrome strive to convince us that they are minority-friendly, but are they?

How did Hindutva become dangerous?

They're are afraid because they could successfully wipe out all other civilisations and cultures without any problem but Hindutva survived the onslaught of torture, rapes and even mass murders for a thousand years

I am a Hindu and my religion made me human!

Mr. Yechuri please read Ramayana and Mahabharata once, they clearly condemns violence and wars. It is the last choice against Adharma.

Latest News

Recently Popular