Monday, October 18, 2021

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Congress slandering RSS

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्र सेवा में बढ़ते कदम

राष्ट्र को परमवैभव पर ले जाने के जिस उद्देश्य को लेकर विजयादशमी के दिन नागपुर में प्रखर राष्ट्रवाद की भावना से ओतप्रोत डा. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी।

भारत के निर्माण में संघ का योगदान

गांधी जी ने ए.ओ. द्वारा गठित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को समाप्त करने की बात भी कही थी। स्वतंत्रता संग्राम में किसी व्यक्ति विशेष या पार्टी का कोई योगदान नहीं है, आजादी की लड़ाई में सभी का रक्त शामिल है।

कोरोना काल में भी देशभर में सेवा कार्य में जुटा हुआ है संघ

कोरोना की प्रथम लहर की भांति दूसरी लहर में भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक अनुषांगिक संगठन सेवा भारती सहित अन्य सबन्धित संगठन व संस्थाओं के माध्यम से प्रभावित परिवारों व जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध करवाने के कार्य में जुटे हुए हैं।

RSS: Perspective with unbiased lenses

Should we call RSS Swayamsevaks as religious fanatics if they are following the principles of Sanatana Dharma and serving society without any prejudice, rich or poor, black or white, no religious and caste discrimination?

Why I went to a Shakha!

Once ashamed of having attended a Shakha once, this is how I gained respect for RSS!

राजनीतिक लाभ लेने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान विद्या भारती की कट्टरपंथियों से तुलना करना अशोभनीय

देश में शिक्षा के नाम पर राजनीति करना यह आमचलन हो गया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विद्या भारती से जुड़े स्कूलों की तुलना पाकिस्तानी कट्टरपंथी मदरसों से करना कतई सोभनीय नही है.

संघ कार्य व्यक्ति निर्माण का कार्य है, यह एक धीमी प्रक्रिया है, इसकी गति बढ़ाना सम्भव ही नहीं

संघ पर प्रश्न खड़े करने वाले निष्क्रिय निठल्ले और परिस्थितियों से विवश, नकारात्मक लोग हैं, भले ही वे #सक्रिय जैसे दिखते हैं। हजारों वर्षों के राष्ट्र जीवन में इनकी औकात ही क्या है? वेद, उपनिषद और गीता के सामने तुम्हारी एक किताब का अस्तित्व ही क्या है?

26/11 : संघ और हिंदूओं को बदनाम करने के लिए कांग्रेस का सबसे घटिया प्रयास

Hinduism is a complex, inclusive, liberal, tolerant, open and multi-faceted socio-spiritual system of India called “Dharma”. Due to its innumerable divergences, Hinduism has no concept of ‘Apostasy’.

Why we need RSS

In every crisis, you will notice one organization always at the forefront is RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh) without any selfish motive, religious discrimination, photo-op, just work relentlessly for the benefit of society out of belongingness.

People must learn from RSS

RSS is roved to be a rock that has protected India and Indians against any calamity.

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