Saturday, May 25, 2024
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भारतीय रूपए का ECS से UPI तक का सफर: PART-2

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Nagendra Pratap Singh
Nagendra Pratap Singhhttp://kanoonforall.com
An Advocate with 15+ years experience. A Social worker. Worked with WHO in its Intensive Pulse Polio immunisation movement at Uttar Pradesh and Bihar.

मित्रों पिछले अंक में हमने देखा कि किस प्रकार चेक, ATM, ECS, IMPS, नेफ्ट और RTGS से लेन देन में अभूतपूर्व विकास हुआ और जनता को अनेक सुख सुविधाओं का लाभ उठाने का अवसर प्राप्त हुआ, परन्तु विकास का क्षेत्र अभी भी खुला हुआ था। आइये इस अंक में हम उस पर चर्चा और परिचर्चा करते हैं।

अब मित्रों यंहा तक तो सबकुछ ठीकठाक चल रहा था परन्तु Beneficiary को जोड़ने वाला सिस्टम बना ही रहा तथा इसके साथ ही हर RTGS, NEFT या IMPS पर आपको कुछ निर्धारित शुल्क बैंक को देना ही पड़ता था, अत: नकद लेन देन के बाजार पर कब्जा करने हेतु शोध, चर्चा और परिचर्चा होती रही और अंतत: वर्ष २०१६ में UPI (Unified Payments Interface) प्रणाली का जन्म हो गया।अब आपका बैंक आपके छोटे से चल ध्वनि यंत्र अर्थात मोबाइल फोन के अंदर समा गया। UPI (Unified Payments Interface) प्रणाली का जन्म देने वाला भारत दुनिया का एकमात्र देश है, इसकी टेक्नोलॉजी पूर्णतया स्वदेशी है और ये तकनिकी दुनिया में किसी के पास नहीं है।

UPI (Unified Payments Interface): यूपीआई एक तत्काल (Instant) रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली है, जो दो बैंक खातों के बीच एक मोबाइल इंटरफेस के माध्यम से तुरंत नकदी स्थानांतरित करने में मदद करती है। इस प्रकार, यूपीआई एक ऐसी अवधारणा है जो विभिन्न बैंक खातों को एक ही मोबाइल ऐप से जुड़ने की अनुमति देती है। भारत के राष्ट्रीय भुगतान निगम ने RBI और IBA (इंडियन बैंक एसोसिएशन) की देखरेख में इस प्रणाली की स्थापना की।

UPI प्रणाली कार्य कैसे करती है:- यूपीआई सेवा का उपयोग करने के लिए उपयोगकर्ताओं को अपनी पसंद का वीपीए (वर्चुअल पेमेंट एड्रेस) बनाना होता है।

उपयोगकर्ता को अपने बैंक खाते को इस  वीपीए से भी जोड़ना होता है और जुड़ने के पश्चात VPA ग्राहक का वित्तीय पता बन जाता है, और उन्हें पैसे भेजने या प्राप्त करने के लिए IFSC कोड, लाभार्थी खाता संख्या या नेट बैंकिंग पासवर्ड और उपयोगकर्ता आईडी जैसी जानकारी वापस लेने की आवश्यकता नहीं होती है। पुल एंड पुश के लिए ग्राहक के वर्चुअल एड्रेस का उद्देश्य अतिरिक्त सुरक्षा को मजबूत करना है। ग्राहक को इस जानकारी में बार-बार पंच करने की आवश्यकता नहीं है, और कोई साख साझा करने की आवश्यकता नहीं है। इस प्रणाली की सहायता से केवल बार कोड को स्कैन करके भुगतान किया और लिया जा सकता है।

यह पैसे ट्रांसफर करने, बिल भुगतान करने, खरीदारी भुगतान करने और बहुत कुछ करने का एक सुरक्षित, स्थिर, त्वरित और सीधा तरीका प्रदान करता है। यह उपयोगकर्ताओं को अपने बैंक खाते से सीधे किसी व्यक्ति के बैंक खाते में धन हस्तांतरित करने में मदद करता है। यूपीआई लेनदेन उपयोगकर्ताओं के पूर्ण बैंक विवरण के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं द्वारा भुगतान शुरू करने के बाद अन्य गोपनीय जानकारी की मांग नहीं करते हैं।

UPI आईएमपीएस (तत्काल भुगतान सेवा) के माध्यम से तत्काल धन हस्तांतरण की सेवा प्रदान करता है और यह प्रणाली एनईएफटी (NEFT) प्रणाली से अधिक तीव्रता वाली होती है। लोग चौबीसों घंटे और सभी सार्वजनिक अवकाशों पर यूपीआई का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि यह पूरी तरह से डिजिटल है।

यह एक मोबाइल ऐप  के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों तक पहुंच की अनुमति देता है। वर्चुअल भुगतान पते का उपयोग करता है, जो अद्वितीय बैंक आईडी है।

मोबाइल मनी आइडेंटिफ़ायर या MMID के साथ IFSC कोड, खाता संख्या और फ़ोन नंबर का उपयोग करता है। एमपिन (MPIN) या मोबाइल बैंकिंग के लिए पिन (व्यक्तिगत पहचान संख्या) हर लेनदेन को सत्यापित करने के लिए प्रदान किया जाता है। कुछ बैंक विभिन्न Android उपकरणों के लिए अपना स्वयं का UPI प्रदान करते हैं। बैंक यूपीआई योजना के लिए शुल्क ले सकते हैं या नहीं भी ले सकते हैं। मर्चेंट भुगतान, इन-ऐप लेनदेन, बिजली बिलों के भुगतान, ओटीसी भुगतान और बारकोड के आधार पर भुगतान के लिए अच्छा है। कोई भी व्यक्ति सीधे मोबाइल एप से शिकायत कर सकता है।

खैर बात केवल यहीं तक नहीं रुकी है, बात इससे निकल कर बहुत आगे तक जा चुकी है अब भारत सरकार ने RuPAY नामक क्रेडिट कार्ड को बाजार में उतारकर MASTER CARD और VISA CARD के बाजार को कब्जे में करने के पथ पर आगे बढ़ चुकी है। जी हाँ मित्रों अभी तक आप अपने बैंक खाते को UPI से जोड़कर लेन देन किया करते थे परन्तु अब आप RuPAY क्रेडिट कार्ड को इस UPI से जोड़कर लेन देन कर सकते हैं। अब यंहा पे मामला ये है कि सम्पूर्ण विश्व में क्रेडिट कार्ड के बाजार में visa card या master card  नामक दो अमेरिकी कंपनियों का दबदबा है जो हर लेन देन पर २% का MDR अर्थात Merchant Discount Rate के रूप में शुल्क वसूलते हैं, जो की एक बहुत बड़ा वित्तीय बाजार है।

आप केवल इसे एक उदहारण से समझ ले कि वर्ष २०१६ में अपनी स्थापना के तीन साल बाद, UPI ने अक्टूबर २०१९ में 1 बिलियन लेनदेन की सीमा को पार कर लिया। अक्टूबर २०२० तक, यह प्रति माह २ बिलियन से अधिक लेनदेन तक बढ़ गया और अगले १० महीनों के दौरान, यूपीआई ने प्रति माह ३ बिलियन से अधिक लेनदेन किए।एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, कैलेंडर वर्ष २०२२ में यूपीआई का उपयोग करके १२५.९४ ट्रिलियन रुपये के लगभग ७४ बिलियन लेनदेन किए गए। प्लेटफॉर्म ने २०२१ में कुल ७१.५४ ट्रिलियन रुपये के ३८ बिलियन से अधिक लेनदेन को संभाला। परिणामस्वरूप, एक साल में इस प्लेटफॉर्म पर लगभग ९० प्रतिशत अधिक लेनदेन हुआ और उनके औसत मूल्य में ७६ प्रतिशत की वृद्धि हुई।

अब भारत सरकार ने RuPay क्रेडिट कार्ड को बाजार में  दिया है और सबसे बड़ी बात ये है की रसिया, जापान, सिंगापूर के साथ करीब १० से १५ देशो ने भारतीय क्रेडिट कार्ड को मान्यता दे दी है। और UPI के माध्यम से भुगतान करने वाला यह प्रथम क्रेडिट कार्ड होगा जो पूर्णतया सुरक्षित होगा अत: तनिक कल्पना कीजिये यदि भारत के क्रेडिट कार्ड होल्डर मास्टर कार्ड या वीसा कार्ड के स्थान पर RuPAY क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने लगे तो उस २% MDR पर तो RBI का कब्जा होगा अर्थात भारत का पैसा भारत में और इससे रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होता चला जायेगा और फिर विश्व की अर्थव्यवस्था का मालिक अकेले डॉलर नहीं अपितु Rupay भी होगा। हाल ही में जब मशहूर पंजाबी गायक श्री मीका सिंह ने क़तर नामक इस्लामिक राष्ट्र में भारतीय रुपये में व्यापार करते अपना विडिओ सोशल मिडिया पर डाला तो देखते ही देखते लोगो के मध्य चर्चा का केंद्र बिंदु बन गया और पड़ोसी देशों जैसे चीन तथा पाकिस्तान के पैरों  तले जमीन ही खिसक गयी।

क्यों आगे बढ़ रहा हैं ना भारत की अभी भी कोई संशय है।

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