Tuesday, October 4, 2022
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समझिये रुस और यूक्रेन विवाद, विवाद की जड़ है अमेरिका? अब तक की पूरी कहानी

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बात 100 साल पुरानी है जब 1991 में सोवियत संघ का विघटन हुआ तो यूक्रेन सहित 15 नए देशों का गठन हुआ, सही मायनों में यूक्रेन को साल 1991 में आजादी मिली हालांकि, यूक्रेन शुरू से ही समझता है कि वह रूस से कभी भी अपने दम पर मुकाबला नहीं कर सकता और इसलिए वह एक ऐसे सैन्य संगठन में शामिल होना चाहता है जो उसकी आजादी को महफूज रख सके इसके लिये नाटो से बेहतर संगठन कोई और नहीं है जो यूक्रेन की रक्षा कर सके। यूक्रेन के पास न तो रूस जैसी बड़ी सेना है और न ही आधुनिक हथियार, यूक्रेन में 1.1 मिलियन सैनिक हैं जबकि रूस के पास 2.9 मिलियन सैनिक हैं, यूक्रेन के पास 98 लड़ाकू विमान हैं, रूस के पास करीब 1500 लड़ाकू विमान हैं, रूस के पास यूक्रेन की तुलना में अधिक हमलावर हेलीकॉप्टर, टैंक और बख्तरबंद वाहन भी हैं।

विवाद का असली विलेन है अमेरिका :-
रूस और यूक्रेन के विवाद में अमेरिका की अहम भूमिका है, अमेरिका ने अपने 3000 सैनिकों को यूक्रेन की मदद के लिए भेजा है और उनकी तरफ से यह आश्वासन दिया गया है कि वे यूक्रेन की मदद के लिए हर संभव प्रयास करेंगे लेकिन सच्चाई यह है कि मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, यूक्रेन का इस्तेमाल सिर्फ अपनी छवि मजबूत करने के लिए कर रहे हैं पिछले साल अमेरिका को अफगानिस्तान से अपनी सेना वापस बुलानी पड़ी थी इसके अलावा ईरान में अमेरिका कुछ हासिल नहीं कर पाया और तमाम प्रतिबंधों के बावजूद उत्तर कोरिया लगातार मिसाइल परीक्षण भी कर रहा है इन घटनाओं ने अमेरिका की सुपर पॉवर इमेज को नुकसान पहुंचाया है यही वजह है कि जो बाइडेन यूक्रेन-रूस विवाद के साथ इसकी भरपाई करना चाहते हैं।

अमेरिका के अलावा ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों ने भी यूक्रेन का समर्थन किया है, इन देशों का समर्थन कब तक चलेगा यह एक बड़ा सवाल है क्योंकि यूरोपीय देश अपनी गैस की एक तिहाई जरूरत के लिए रूस पर निर्भर हैं अब अगर रूस इस गैस की आपूर्ति बंद कर देता है तो इन देशों में भयानक पॉवर क्राइसिस होगा।

पुतिन ने हमले रोकने से इनकार किया: मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन पर हमले रोकने के लिए एक बार फिर कहा है, लेकिन पुतिन अभी ऐसा नहीं करेंगे। मैक्रों ने ट्वीट किया, ‘‘इस समय तो उन्होंने इससे इनकार किया है।’’ फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने पुष्टि की कि उन्होंने गुरुवार को पुतिन से फोन पर बात की थी और कहा कि वह संवाद जारी रखेंगे ताकि और अधिक मानवीय त्रासदी न हो। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ‘‘हमें हालात बदतर होने से रोकने चाहिए।’’

यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा संयंत्र में लगी आग :
यूक्रेन के जापोरीझझया परमाणु ऊर्जा संयंत्र में आग लग गई है यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने जापोरीझझया परमाणु ऊर्जा संयंत्र में आग लगने की खबर की पुष्टि की है स्थानीय समयानुसार दोपहर 2.30 बजे के बाद जारी एक ट्वीट में दिमित्रो कुलेबा ने कहा, “रूसी सेना यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र जापोरीझझया एनपीपी पर हर तरफ से गोलीबारी कर रही है। आग पहले ही लग चुकी है। अगर यह उड़ा, तो यह चेर्नोबिल से 10 गुना ज्यादा विस्फोट होगा! रूसियों को तुरंत गोलीबारी बंद करनी चाहिए और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्निशामकों को लगाना चाहिए।”

यूक्रेन में रूसी मेजर जनरल आंद्रेई सुखोवत्स्की की मौत, NEXTA का दावा :

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के आठवें दिन रूसी मेजर जनरल की यूक्रेन में मौत हो गई. न्यूज एजेंसी NEXTA का दावा है कि यूक्रेन में रूस के मेजर जनरल आंद्रेई सुखोवत्स्की की मौत हो गई है वहीं, यूक्रेन की ओर से रूस को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा भी किया गया है। KyivPost के मुताबिक, KyivPost की ओर से दावा किया गया है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के आठवें दिन यूक्रेन ने रूस के 30 प्लेन, 374 ऑटो मोबाइल्स टेक्निक्स, 42 MLRS, 900 AFV, 31 हेलीकॉप्टर, 90 आर्टिलेरियन सिस्टम, 2 कटर, 217 टैंक, 11 एंटीएयर डिफेंस, 3 यूएवी का नुकसान उठाना पड़ा है साथ ही दावा किया गया है कि अब तक 9000 रूसी सैनिक भी मारे गए हैं।

एक भारतीय की मौत और एक घायल :
केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने बताया है कि यूक्रेन में एक और भारतीय को गोली लगी है, जिसका इलाज चल रहा है। पौलेंड बॉर्डर पर भारतीयों को लेने गए जनरल वीके सिंह ने कहा कि मुझे आज सूचना मिली कि कीव से आ रहे एक छात्र को गोली लगी है और उसे बीच में ही वापस ले जाया गया है। वही पहले एक छात्र की मौत हो चुकी है।

जो बाइडेन की रूस से अपील :
यूक्रेन को न्यूक्लियर प्लांट पर रूसी मिसाइल से हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) ने अपने यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमिर जेलेंस्की से फोन पर बात की, दोनों नेताओं के बीच सैन्य, आर्थिक और मानवीय सहायता पर भी बात हुई है न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार, जो बाइडेन ने रूस से यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर आपातकालीन राहत पहुंचाने वालों को अनुमति देने का आग्रह किया है।

खेरसन शहर पर रूस का कब्ज़ा :
यूक्रेन के खेरसन शहर पर रूस ने कब्जा कर लिया है खेरसन के गवर्नर ने यह जानकारी दी है।

पोलैंड से तीन दिन में करीब 1400 भारतीय नागरिक देश लौटे :
पोलैंड में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने कहा कि “हमने पिछले तीन दिनों में भारत के लिए सात उड़ानें वापस भेजी हैं । प्रत्येक उड़ान से लगभग 200 भारतीय नागरिक स्वदेश लौटे हैं। कुछ छात्र जो वारसॉ पहुंचे हैं, उनके रिश्तेदारों और दोस्तों ने वहां रहने का फैसला किया है; पोलैंड में वे सुरक्षित हैं। वीके सिंह ने कहा कि कल पोलैंड के रेजस्जो से चार उड़ानें और वारसॉ से एक उड़ान भेजी जाएंगी। हम 800-900 छात्रों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उनके पास यहां रहने के लिए जगह नहीं है। उन्हें रखने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था की गई है, लेकिन इन जगहों पर वे उतने सहज नहीं हैं।

किसके साथ खड़ा है भारत?

रूस-यूक्रेन के विवाद में भारत की स्थिति भी बहुत महत्वपूर्ण है, रूस और अमेरिका दोनों भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं भारत अभी भी अपने 55 फीसदी हथियार रूस से खरीदता है जबकि अमेरिका के साथ भारत के संबंध पिछले 10 वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं। जिस देश में यूक्रेन ने सबसे पहले फरवरी 1993 में एशिया में अपना दूतावास खोला वह भारत था तब से भारत और यूक्रेन के बीच व्यापारिक, रणनीतिक और राजनयिक संबंध मजबूत हुए हैं यानी भारत इनमें से किसी भी देश को परेशान करने का जोखिम नहीं उठा सकता। रूस ने अब तक भारत-चीन सीमा विवाद पर तटस्थ रुख अपनाया है, अगर भारत यूक्रेन का समर्थन करता है तो वह कूटनीतिक रूप से रूस को चीन के पक्ष में ले जाएगा। शायद यही कारण है कि हाल ही में जब अमेरिका सहित 10 देश संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन पर एक प्रस्ताव लेकर आए भारत ने किसी के पक्ष में मतदान नहीं किया, भारत के लिए चिंता की बात यह भी है कि इस समय यूक्रेन में करीब 20,000 भारतीय फंसे हुए हैं जिनमें से 18 हजार मेडिकल के छात्र हैं।

यूक्रेन और रूस के रिश्ते को समझना बहुत मुश्किल है यूक्रेन के लोग स्वतंत्र रहना चाहते हैं, लेकिन पूर्वी यूक्रेन के लोगों की मांग है कि यूक्रेन को रूस के प्रति वफादार रहना चाहिए । यूक्रेन की राजनीति में नेता दो गुटों में बंटे हुए हैं एक दल खुले तौर पर रूस का समर्थन करता है और दूसरा दल पश्चिमी देशों का समर्थन करता है। यही वजह है कि आज यूक्रेन दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच फंसा हुआ है।

यूक्रेन की सेना का कहना है कि उन्हें लगता है कि बेलारूस ने गुरुवार को अपने सैनिकों को यूक्रेन में घुसकर लड़ाई में शामिल होने का आदेश दे दिया है एक फ़ेसबुक पोस्ट में यूक्रेन की सेना की तरफ़ से कहा गया है कि “बेलारूस की सैन्य यूनिट की कमान को सीमा पार कर यूक्रेन में घुसने का आदेश दे दिया गया है.” यूक्रेन का आरोप है कि रूस मिसाइलें दागने के लिए बेलारूस की ज़मीन का इस्तेमाल कर रहा है बेलारूस एक पूर्व सोवियत राष्ट्र है जिसकी सीमाएं यूक्रेन से सटी हैं, माना जाता है कि रूस का बेलारूस की सत्ता पर ग़हरा प्रभाव है कई विश्लेषक बेलारूस को रूस का आश्रित राज्य मानते हैं कीएव की तरफ़ बढ़ रहा रूस का विशाल सैन्य बेड़ा भी बेलारूस के रास्ते ही घुसा है।

सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने अपने अंदाज में युद्ध रोकने की अपील की :
ओडिशा के प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने रूस यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को रोकने का संदेश देते हुए पुरी समुद्र तट पर सैंड आर्ट का निर्माण किया। इस तस्वीर में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तस्वीर बनाकर दोनों से युद्ध रोकने की अपील की है।

अब रुसी मीडिया ने दावा किया है की जलन्स्की यूक्रेन छोडकर पोलेंड पहुच चुके है।

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