Friday, June 25, 2021
Home Hindi कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी होगी

कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी होगी

Also Read

वैश्विक महामारी कोरोना ने पूरी दुनिया बदल दी है इस तथ्य को कोई नकार नहीं सकता। आपके ध्यान्नार्थ किंग्स कॉलेज – लन्दन के शोधकर्ताओं के विश्लेषण का निष्कर्ष यही रहा था कि कोविद-१९ छह तरह से हमला कर रहा है और यही कारण है की कोरोना संक्रमितों की संख्या दिन प्रतिदिन बढती जा रही है। अभी कुछ दिन पहले ही सुप्रसिद्ध नारायणा हृदयालय के डॉ देवी शेट्टी ने बताया कि स्थिति भयावह होने वाली है।डॉक्टरों की भी कमी पड़ जायेगी इसलिये  सरकार से अविलम्ब 5000 डॉक्टरों की भर्ती करने का आग्रह किया है और जनता को सलाह दी है कि हर हालात में भीड़ से बचें। जाँच व इलाज में देरी घातक हो सकती है।

इन बढ़ते हुए संक्रमितों के कारण आज अस्पतालों में पलंग उपलब्ध नहीं हैं। अपना कमाया धन भी काम नहीं आ रहा है। अस्वस्थ सदस्य की हम ईच्छा होते हुए भी सेवा नहीं कर पा रहें हैं यानि चाहते हुए भी सेवा करने से घबराहट हो रही है। और तो और स्थिति यह हो गयी है कि परिवार के सदस्य अंतिम क्रिया में भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं। जिन घरों में गमी हुई है, उनको भी हम  दिलासा / संवेदना फोन पर ही दे रहे हैं। यानि हमें  इन सबको ख़ामोशी से देखने के अलावा कोई उपाय नज़र नहीं आ रहा है।

इसलिये हमें विगत दिनों की तरह लॉक डाउन के समय में जो नियम पालन करते थे, वह अब और कठोरता से पालन करना पड़ेगा, नहीं तो हम जीवित नही बच पायेंगे। हमारे सामने परिवार को सुरक्षित बचाये रखने की एक खुली चुनोती है।हम रहेगें तभी हमारा व्यापार, पैसा, परिवार और समाज सुरक्षित रहेगा ।
उपरोक्त लिखा हुआ अवश्य ही चुभता होगा लेकिन क्या यह कटु सत्य नहीं है ?

अब हमें बिना समय गँवाये “एक कठोर निर्णय लेना” पड़ेगा।

और अब हमें इसी परिस्थिति में सुझाये गये उपायों का कठोरता से पालन करते हुये जीने की आदत डालनी होगी क्योंकि सभी विशेषज्ञों ने बता दिया है कि २०२१ तक हमें इस महामारी से छुटकारा मिलना मुस्किल है इसलिये सरकार भी धीरे धीरे सभी चीजें खोल रही है। याद रखें यह साल कमाने का नहीं है बल्कि पूरे परिवार के साथ सुरक्षित रहने का है।

और सुरक्षित रहने के लिये जैसा पाठकगण आप जानते हैं कि सभी विशेषज्ञों ने कोरोना महामारी से बचने के लिये चार मुख्य उपाय बताये हैं और हम सभी उन उपायों से भलिभांति परिचित भी हो गए हैं।  फिर भी आप की जानकारी के लिये वे चार मुख्य उपाय यहाँ नीचे प्रस्तुत कर दे रहा हूँ –

1) इम्यूनिटी मजबूत बनाये रखें।

2) हर तरह से सामाजिक दूरी की पालना करें।

3) फेस मास्क का निरन्तर प्रयोग।

4) हाथ या तो साबुन से धोते रहें या सैनेटाईज कर लें।

मानसून सत्र के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “कोरोना भी है और कर्तव्य का पालन भी करना है”। साथ ही उन्होंने देशवासियों को चेताते हुये यह भी सन्देश दिया कि “जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं”। इससे पहले उन्होंने “दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी” की पालना का आह्वान किया हुआ है ही।

एकबार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने 17 सितंबर यानी गुरुवार को अपने 70वां जन्मदिन के दिन रात 12.38 मिनट पर ट्वीट किया, ‘चूंकि कई लोगों ने पूछा है कि मैं अपने जन्मदिन पर क्या चाहता हूं, इसलिए मैं यहां वो चीजें बता रहा हूं जो मैं अभी चाहता हूं।’ इसके बाद पीएम मोदी ने अपनी विश लिस्ट गिनाई जो इस प्रकार है-

मास्क पहनते रहिए और इसे ठीक से पहनिए।
सोशल डिस्टैंसिंग का पालन कीजिए। 
दो गज की दूरी को हमेशा ध्यान में रखिए। 
भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचिए। 
अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाइए।
इसके बाद अंत में पीएम मोदी ने कहा आइए हम अपनी दुनिया को स्वस्थ बनाएं।

उपरोक्त सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अन्त में यही निवेदन रहेगा कि कोरोना पर विजय पाना है तो जरूरी हो तभी घर से सुरक्षा नियमों का पालन करते हुये निकलें।सुरक्षित होकर पुन: स्वतः को अनुशासित करें। 

तभी हम कॅरोना पर विजय पा सकेंगे। सरकार ने तो सब कुछ खुला छोड़ रखा है,अब केवल व केवल हमे और आपको अपने आप को बचाना है।

आशा है आप सभी बतायी गयी सारी सावधानीयां बरतते हुए स्वस्थ व प्रसन्न जीवन का आनंद उठाते रहेंगे ।

गोवर्धन दास बिन्नाणी “राजा बाबू”

  Support Us  

OpIndia is not rich like the mainstream media. Even a small contribution by you will help us keep running. Consider making a voluntary payment.

Trending now

Latest News

Recently Popular

गुप्त काल को स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है

एक सफल शासन की नींव समुद्रगप्त ने अपने शासनकाल में ही रख दी थी इसीलिए गुप्त सम्राटों का शासन अत्यधिक सफल रहा। साम्राज्य की दृढ़ता शांति और नागरिकों की उन्नति इसके प्रमाण थे।

The story of Lord Jagannath and Krishna’s heart

But do we really know the significance of this temple and the story behind the incomplete idols of Lord Jagannath, Lord Balabhadra and Maa Shubhadra?

सामाजिक भेदभाव: कारण और निवारण

भारत में व्याप्त सामाजिक असामानता केवल एक वर्ग विशेष के साथ जिसे कि दलित कहा जाता है के साथ ही व्यापक रूप से प्रभावी है परंतु आर्थिक असमानता को केवल दलितों में ही व्याप्त नहीं माना जा सकता।

मनुस्मृति और जाति प्रथा! सत्य क्या है?

मनुस्मृति उस काल की है जब जन्मना जाति व्यवस्था के विचार का भी कोई अस्तित्व नहीं था. अत: मनुस्मृति जन्मना समाज व्यवस्था का कहीं भी समर्थन नहीं करती.

The origin of Islam- from historical perspective

It is no wonder that all the present day problems of Islam are rooted in its origin only. Let us see as to how MBS can reform Islam and how Muslims of India, Pakistan and Bangladesh react to the proposed reform of MBS.