Wednesday, November 25, 2020
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“जान भी, जहान भी”

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इसी 13 जुलाई, सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिर्देशक ने एक चेतावनी जारी की कि आने वाले समय में संक्रमण की स्थिति और भयावह होगी और हमारे यहाँ उसके बाद रविवार 19 जुलाई को इन्डियन मेडीकल एसोसिएशन के चेयरमैन डॉक्टर वी के मोंगा  ने  स्पष्ट शब्दों में घोषणा की है कि देश में कोरोना का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन यानि सामुदायिक फैलाव शुरू हो चुका है। यानी हालात आगे और बिगड़ सकते हैं। ग्रामीण इलाकों में संक्रमण फैल रहा है वह बहुत ही चिंता का विषय है। उसके अलावा जिस तरह से संक्रमितों की संख्या रोज सामने आ रही है वह इसको पुष्ट भी करता है हाँलाकि हमारे यहाँ दिल्ली में इसे नियंत्रण करने में सफलता भी मिली है और बाकी हिस्सों में भी संक्रमण से मुक्त होने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। लेकिन एक बात तो स्पष्ट हो रही है कि भविष्य में हालात सुधरने वाले है नहीं क्योंकि अभी तक तमाम प्रयासों के बावजूद भी इसका कोई ठोस ट्रीटमेंट उपलब्ध नहीं हुआ है हाँलाकि इसके उपचार वाली वैक्सीन का अब अन्तिम परीक्षण चालू हो चूका है।

जैसा आप सभी जानते हैं कि सबसे पहले सरकार ने संक्रमण की गति पर विराम लगाने के उद्देश्य से पूर्णबन्दी लागू की लेकिन उम्मीद के मुताबिक हालात में सुधार नहीं देखने मिला जिसके कारणों में से एक नागरिकों की लापरवाही वाली भूमिका ने सरकार को चिन्ताग्रस्त कर दिया। इसलिये ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने मंगलवार 30 जून को देश के नाम 16 मिनट का संबोधन दिया। उनका पूरा भाषण कोरोना पर फोकस रहा। उन्होंने लोगों से लापरवाही न करने की अपील की। कहा,”अब हमें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, पर अब हम ज्यादा लापरवाह होते जा रहे हैं।” उन्होंने हाथ जोड़कर  कहा की आज जब हमें ज्यादा सतर्कता की जरूरत है तो लापरवाही बढ़ना बहुत ही चिंता का कारण है। आगे प्रधानमंत्री ने कहा कि आपसे प्रार्थना करता हूँँ, आग्रह करता हूँँ कि स्वस्थ रहिए। दो गज की दूरी का पालन करते रहिए। गमछा, फेसकवर, मास्क का उपयोग करिए और कोई लापरवाही मत करिए। जिस तरह से सोशल डिस्टेंसिंग को समझाया  और अनुपालना पर जोर दिया और सरकारी एडवाइजरी का पालन करते हुये सोशल डिस्टेंसिंग को सही ढ़ंग से अपनाने का जो अनुरोध किया यानि उनके द्वारा बतायेगये महत्व को समझने के पश्चात सभी पक्ष प्रधानमंत्रीजी की सोशल डिस्टेंसिंग वाली सलाह की पालना पर  जोर दे रहे हैं।

वैसे तो हमारे लिये  सोशल डिस्टेंसिंग का अर्थ यही है कि आपस में मिलने-जुलने या सामाजिक आयोजनों का हिस्सा होने से बचना यानि  एक-दूसरे से दूरी बना कर रहना ताकि संक्रमण के ख़तरे को टाला या कहिये कम किया जा सके लेकिन वास्तव में इसका अर्थ इससे कहीं विस्तृत है/ ब्यापक है। इसलिये सामाजिक रूप से दूरी तो रखनी ही है इसके अलावा भी अनेक तरह की दूरी रखनी है जिसको ठीक तरह से समझ लीजिये। जो इस प्रकार है –

1) हर उस जीवित या निर्जीव वस्तु से दूरी है जिसे आप नहींं जानते है।
२ ) जहाँ जहाँ  सम्भव हो यानि खासकर आफिस / दुकान /पूजा स्थल यानि मन्दिर वगैरह / मॉल में घूसने और निकलने के लिए अलग गेट हों ताकि घुसते और निकलते समय एकदम पास से न निकलना पड़े।
३ ) आपको क्या पता सड़क और या सीढ़ियों पर जिस रेलिंग को आप छू रहे हैं उसे किसी संक्रमित व्यक्ति ने आपसे पहले छुआ है या नहीं  इसलिये किसी भी वास्तु को छूने की सख्त मनाही यानि छुएं ही नहीं।
४ ) बैंक में, किसी के ऑफिस या किसी दुकान पर जिस टेबल या डेस्क का सहारा लेकर आप खड़े हो जाते हैं उसको पहले किसी संक्रमित व्यक्ति ने छुआ है या नहीं  यह आप नहीं जानते इसलिये सहारा न लें ।
५ ) बाहर जाकर किसी भी सरफेस पर आप बिना सोचे समझे बैठ जाते है, आपको क्या पता पहले वहां कौन बैठा था या किसी संक्रमित व्यक्ति के ड्रापलेट वहां गिरे हए हैं या नही इसलिये किसी भी जगह बैठना बन्द कर दें।
६ ) नीचे जमीन पर और सीढ़ियों पर तो बिल्कुल ना बैठें।
७ ) घर पर भी मेहमान या रिश्तेदार आयेंगे ही तब आप घर में होते हुये भी मास्क पहन पूरी दो गज की दूरी से ही उनका आदर-सत्कार करें बल्कि मैं तो यही निवेदन करूँगा कि अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये घर में भी मास्क पहन कर ही रहें यानि किसी भी प्रकार की जोखिम न उठ़ायें।
८ ) अभिवादन का तरीका भी अब  नमस्कार हो गया है अतः दूर से ही आपस में नमस्ते कर औपचारिकता निभायें ताकि सोशल डिस्टेंसिंग की पालना हो जाये।
९ ) अक्सर यह देखा गया है की लोग कहीं भी अनजाने स्कूटर या कार का सहारा लेकर खड़े रहते है। ये भी पूरी तरह गलत है।
१०) कहीं भी जाए तो लिफ्ट का उपयोग ना करें। अगर कोई ऑपरेटर है तभी लिफ्ट का उपयोग करें ताकि आप लिफ्ट के सरफेस को ना छुए। थोड़ा सीढ़ियां चढ़ लेंगे तो स्वस्थ रहेंगे।
११) यदि स्वचालित लिफ्ट है तो गंतब्य तल्ले के बटन को टूथपिक से दबायें और उसे कचरे में डाल दें। लिफ्ट में भी सभी सोशल डिस्टेन्सिग की पालना का पूरा पूरा ध्यान रखें।
१२) अबसे आप जब भी आफिस से लौटें या बाजार से घर में प्रवेश के साथ साथ नहानघर में जाकर सारे कपड़े साबुन मिले गर्म पानी में ड़ुबोने के बाद स्वयं भी साबुन लगाकर नहा लें।

कहने का मतलब सिर्फ इतना है कि वायरस अब दो व्यक्तियों के कॉन्टैक्ट से भी ज्यादा किसी सरफेस को अनजाने में छूने से ज्यादा फैल रहा है। इसलिए दूरी बनाए रखने के साथ साथ किसी भी अनजानी  चीज़ या सरफेस को टच करने से बचेंअगर गलती से छू भी लिया तो तुरंत हाथ धोयें या सैनीटाइजर से हाथ साफ कर लें।

अनेक कोरोना पॉज़िटिव लोगों को उपरोक्त तथ्यों को जानकर बहुत आश्चर्य हुआ क्योंकि वे तो यही मान रहे थे कि वे तो सामाजिक दूरी वगैरह को फॉलो सही ढ़ग से कर रहे थे फिर वे कोरोना पॉज़िटिव कैसे हुये।

अन्त में मैं आप से निवेदन करता हूँ कुछ दिन बाद आने वाले राखी बन्धन पर आप न तो अपनी बहन/बेटियों को बुलायें और न ही अपनी बहन/बेटियों को उनके पीहर भेंजें। साथ ही राखी का भी आदान प्रदान न करें क्योंकि राखी बाजार से न भी लानी पड़े लेकिन सोच लीजिये कि कोरियर करने पर कितने हाथों से गुजरेगी और उसी सबसे हमें बचाव रखना आवश्यक है। इसलिये आप आपस में अभी से फोन पर  या वाट्सएप पर सूचना दे दें कि हम हमारे घर पर उपलब्ध राखी/मौली बँधवा लेंगे।

उपरोक्त तथ्यों के अलावा भी आपको और ज्ञात हो तो अच्छी बात है। मैंने तो याद कर आप सभी से इसलिये ही सांझा किया ताकि आप इन बातों को अपनाकर आने वाले समय में पूर्ण रूपेण सुरक्षित तरीक़े से जीवन बिता सकें क्योंकि प्रधानमंत्री मोदीजी ने भारत के उज्ज्वल भविष्य, समृद्ध और स्वस्थ भारत के लिए २४ मार्च, मंगलवार को समझाये गये “जान है तो जहान है” को बदल ११ अप्रैल, शनिवार को “जान भी, जहान भी” कहकर स्पष्ट सन्देश दिया कि अब जान और जहान दोनों पहलुओं पर ध्यान केन्द्रित करना आवश्यक है। अब देश का प्रत्येक व्यक्ति “जान भी, जहान भी”,  दोनों की चिंता करते हुए अपने दायित्व निभाएगा साथ ही साथ  सरकार और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा।

अगर आपकी समझ में आ गया हो तो अपने दोस्तों और सम्बन्धियों  को भी इसका लाभ दें।

गोवर्धन दास बिन्नाणी

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