शो मी योर सीवी (Curriculum Vitae) : नरेन्द्र मोदी vs. राहुल गांधी

2019 के लोकसभा चुनावों का शंखनाद हो चुका है। दुनिया के सबसे बड़े “लोकतंत्र के उत्सव” का कार्यक्रम घोषित हो गया है। 17 वीं लोकसभा को चुनने के लिए चुनाव आयोग 543 लोक सभा की सीटों के लिए “जनता के सेवक” पद के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा। यह “जाॅब” बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ‌ये ही लोग अगले पांच साल में देश की दशा और दिशा तय करेंगे। लोकतंत्र की भारतीय परम्परा के अनुसार ये चुने हुए एमपी मिलकर अपने एक नेता का चुनाव करते हैं जो प्रधानमंत्री बनता है ओर देश पर शासन करता है। इस प्रक्रिया में जनता का कोई दखल नहीं होता है और यही सारे फसाद की जड़ है। देवगोडा, गुजराल, मनमोहन सिंह कुछ ऐसे प्रधानमंत्री हुए हैं जिनके प्रधानमंत्री बनने के बारे में जनता ने ख्वाब में भी नहीं सोचा था। देवगोडा,गुजराल जहां स्टेबल सरकार नहीं दे पाए वही मनमोहन सिंह सिर्फ एक कठपुतली मात्र थे।

इस बार 130 करोड़ जनता ने फैसला किया की वह‌ खुद कुछ मुख्य दावेदारों का इंटरव्यू करेगी ओर फैसला करेंगी की वे प्रधानमंत्री पद के लायक है कि नहीं। उन्होंने यह जिम्मेदारी मुझे सोपते हुए कहा कि हमनें दो दावेदारों के “सीवी” (Curriculum vitae ) शार्ट लिस्ट किए है। अब आप इनका इन्टरव्यू करो ओर फैसला करो कि कोन इस पद के लायक है ओर कोन नहीं है। मैंने जनता जनार्दन के फैसले को मानते हुए प्रक्रिया प्रारंभ की ओर निश्चित दिन पर इंटरव्यू लेना प्रारंभ किया। “में यानि जनता” ओर दावेदारों के बीच हुएं संवाद के कुछ अंश पेश है।

पहले दावेदार, इन्कम्‌बन्ट्‌ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी थे।

जनता: आइए मोदीजी, बेठिए। अपने बारे में कुछ बताएं?

मोदी: नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी, गांव वडनगर, गुजरात। मैंने अपनी शुरुआत आरआरएस के प्रचारक के रूप में की थी। फिर भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा ओर संगठन के लिए काम शुरू किया। वहां से…..

जनता: अच्छा अपने प्रशासनिक अनुभव और अचीवमेंट्स के बारे में कुछ बताएं?

मोदी: मुझे 2001 में भुज (गुजरात ) भूकंप के बाद गुजरात का मुख्यमंत्री बनाकर भेजा गया। मैं लगातार तीन बार जनता द्वारा गुजरात का मुख्यमंत्री चुना गया। हमने जन कल्याण के बहुत से काम किए ओर गुजरात को देश का नंबर 1 राज्य बना दिया। 2014 में पार्टी ने मुझे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया ओर हमने 282 सीटों के साथ एतिहासिक जीत दर्ज की। मुझे लगभग 13 वर्ष गुजरात में सरकार चलाने का सौभाग्य मिला और इसलिए मैं सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं से वाकिफ हूं। ब्यूरोक्रेसी, सरकारी सिस्टम,नियम कानून इन सबसे भलीभांति परिचित हूं। मैंने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बहुत से काम किए है जैसे स्वच्छ भारत अभियान, जन-धन अकाउंट, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना….

जनता: अच्छा अच्छा , आप यह बताएं…

मोदी: नहीं नहीं और है, हमने गरीबों के लिए आयुष्मान योजना बनाई, स्वच्छ गंगा अभियान चलाया, सड़कों का जाल तेज गति से बढ़ाया, सर्जिकल स्ट्राइक….

जनता: बस ठीक है मोदी जी, आप यह सब एक कागज़ पर लिखकर दे जाना।

मोदी: नहीं अभी और है। हमने स्टार्ट अप इंडिया,स्किल इंडिया,मेक इन इंडिया …..

जनता: ओके ठीक है मोदी जी,आप लिखकर दे जाएं।

मोदी जी ने एक मोटी सी किताब टेबल पर रखीं ।

जनता: यह क्या है ??

मोदी: यह लीजीए। इसमें पिछले पांच वर्षों में मेरी सरकार के कामकाज का लेखा जोखा है। साथ ही 2019-2024 में बनने वाली मेरी सरकार, 2024-2034 तक अमित शाह ओर उसके बाद योगी आदित्यनाथ की सरकार का विज़न डाक्यूमेट है।

जनता: यह तो बहुत भारी है, इस किताब का वजन कितना होगा ??

मोदी: जी, 56 किलो।

जनता: धन्यवाद मोदी जी,हम आपको इंफार्म कर देंगे जो भी फैसला होगा।

मोदी: धन्यवाद। मेरे साथ ज़ोर से बोलिए.. भारत माता की….जय।

नेक्स्ट; हमारे अगले दावेदार सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता राहुल गांधी थे।

जनता: आइए राहुल जी, बेठिए। अपने बारे में कुछ बताएं?

राहुल: मैं राहुल गांधी, नाम तो सुना होगा! नेहरू जी का ग्रेट ग्रान्ड सन, इंद्रा गांधी जी का पोता, राजीव गांधी जी का..

जनता: बस बस ठीक है। अपने प्रशासनिक अनुभव और अचीवमेंटस के बारे में कुछ बताएं।

राहुल: में 2004 मे पहली बार अमेठी लोकसभा के लिए ओर उसके बाद से लगातार तीसरी बार 2014 में वहां से एमपी चुना गया हूं। आपको पता है मोदी जी ने अनिल अंबानी को 40000 रूपये दे दिये है, रफेल सोदे में।

जनता: आपने अमेठी की बात की, सुना है अमेठी में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है??

राहुल: कैसे होगा, वहां राज्य में पिछले कई सालों से हमारी सरकार नहीं है, काम कोन करेगा??

जनता: आपकी पार्टी 10 साल केन्द्र सरकार में थी कुछ तो कर सकते थे? वहां के लोगों ने आपको काम करने के लिए चुना था।

राहुल: देखो भैया अब प्रियंका भी पार्टी में शामिल हो गयी है।अब हम यूपी में सरकार बनाएंगे और अमेठी को चमका देंगे। मोदी जी ने अनिल अंबानी को जो 30000 करोड रूपए दिए हैं वह भी लाएंगे।

जनता: अच्छा अब कुछ अपने प्रशासनिक अनुभव के बारे में बताएं? आपकी पार्टी 10 साल केन्द्र में सत्ता में रही है।

राहुल: यह क्या होता है ? देखिए भैया, सरकार चलाने का ठेका मम्मी ने मनमोहन सिंह जी को दिया था और मम्मी ने उनका रिमोट अपने पास ही रखा था। मनमोहन जी ने अपने अंडर में चिदंबरम जी, शिंदे जी,डी राजा,मारन जी, कलमाड़ी जी जेसे लोगो को मंञी रखा था। वो ही सब देखते थे।

जनता: तो फिर आप क्या करते थे??

राहुल: कुछ नहीं, म..मेरा मतलब हे बहुत कुछ। पार्लियामेंट अटेंड करते थे, मम्मी के साथ सरकारी फंक्शन जाते थे। 10 सालों में कई देशों की यात्रा की जेसे थाइलैंड, बैंकाक, पटाया आदि ताकि देश के किसानों का भला हो, ग़रीबी खत्म हो

जनता: आप प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं आपको नहीं लगता कि आपको सरकार चलाने का अनुभव होना चाहिए? ब्यूरोक्रेसी से केसे काम लेना है, सरकारी व्यवस्था,नियम कानून, इकानामी, फोरेन अफेयर्स आदि?

राहुल: देखिए यह सब करने के लिए हमारे पास आदमी है. हर विषय के एक्सपर्ट, वो सब देख लेंगे। इकनॉमि के लिए राजन है, अपने रघुराम, शशी थरुर है वुमन वेलफेयर मिनिस्ट्री के लिए… और भी हीरे है हमारे पास।

जनता: राहुल जी बुरा मत मानना आपको नहीं लगता अगर आप यूपीए सरकार में मंत्री बनकर कुछ काम काज सीख लेते तो अच्छा होता?

राहुल: मतलब??

जनता: उदाहरण के लिए कुछ समय एंटनी अंकल के अंडर में डिफेंस मिनिस्ट्री में कुछ काम कर लिए होते तो आपको डिफेंस में खरीद की प्रक्रिया की समझ आ गई होती। आपने जो रफेल का रायता फेलाया है उसमें अब आप ही फिसलने लगे हैं या शायद आप स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री जाइन कर लेते तो उड़ीसा की उस बच्ची को जिसने आपसे बेडमिंटन कोर्ट की रिक्वेस्ट करी थी उसको सही जवाब मिल गया होता। आपने जवाब में उसको जो रफेल, हाल, अनिल अंबानी, 30000 करोड रूपए जेसे बम दे देकर मारे थे, वो बेचारी ओर दूसरे बच्चे आज भी सदमे में है। कम से कम जैसे कमलनाथ जी को फोन करके एक व्यापारी की मदद करी थी वैसे ही खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ को फोन कर देते, शायद बच्ची का काम बन जाता? आप होम मिनिस्ट्री में इंटरनल सिक्योरिटी विभाग ही जाइन कर लेते तो कम से कम जेएनयू में टुकड़े टुकड़े गेंग के साथ खड़े ना होते।
खैर छोड़िए अब तो जनता ही डिसाइड करेंगी।

जनता: अच्छा अपने कोई अचीवमेंट्स के बारे में बताइए??

राहुल: बस एक बार सरकार बनने दीजीए,वह भी बता देंगे।

जनता: धन्यवाद राहुल जी। जेसा भी कुछ फाइनल होता है तो आपको बताएंगे।

अब यह जनता जनार्दन को निर्णय करना है कि इन दोनों दावेदारों में से प्रधानमंत्री पद के “लायक” कोन है।

परिकल्पना :अनिल कुमार माथुर

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