दागों को अच्छा कैसे कहूँ?

दाग अच्छे हैं….लेकिन कौन से?

रंग के निशान और खून के दाग पर कई दिनों से सोशल मीडिया पर काफी पोस्ट व टिप्पणी देखने को मिली हैं जो एक विज्ञापन के विरोध या पक्ष में है जिसमें हिन्दू मुस्लिम भावनाओं के सहारे अपने प्रोडक्ट को बेचने की कोशिश की गई है।

लेकिन क्या सभी दाग अच्छे होते हैं?

हर दाग में दो पक्ष होते हैं, एक जो दाग लगाता है और एक जिसको दाग लगता है। लगने व लगाने वाले के मूल्यों, उद्देश्यों, आकांक्षाओं, उत्पत्ति और परिस्थितियों के हिसाब से दाग को परिभाषित किया जाता है।

दाग कपड़ों, दीवारों, वस्तुओं के साथ साथ शरीर, चरित्र व आत्मा पर भी लगते हैं। दाग लगाने के लिए सबसे आसान टारगेट में पहले नंबर पर किसी का चरित्र व दूसरे नंबर पर कपड़े आते हैं। दाग में निशान व घाव, जो रंजित, रक्तरंजित व रंजकहीन हो, आते हैं।

कपड़ों पर दाग अक्सर लगता रहता है लेकिन दाग की उत्पत्ति कहाँ से है और किस कपड़े पर लगा है ये मायने रखता है। दाग अगर होली के रंग का है और दोनों पक्षों ने खुशमिजाजी व हर्षोल्लास में लगाया है तो दाग अच्छे हैं लेकिन अगर अपने किसी स्वार्थ को पूरा कर अपने उद्देश्य को अग्रसर करने में जो दाग लगाए गए हैं उनको अच्छा कैसे कहूँ?

किसी मूक निरीह जानवर के शरीर से निकले रक्त के कपड़े पर लगे दाग को कैसे अच्छा कहूँ?
लिपटे सैनिक के खून के तिरंगे पर दाग को अच्छा कैसे कहूँ?
पत्थरबाजी से घायल जवान की वर्दी के रक्तिम दाग को अच्छा कैसे कहूँ?
कैसे कोई भी निम्न से निम्न स्तर का नरेटिव सेट कर इनको अच्छा घोषित कर सकता है?

शरीर पर लगे कुछ दाग जो कभी घाव रहे होंगे अच्छे भी होते हैं और बुरे भी। ट्रेनिंग में, खेल कूद में, युद्ध मे, कर्मभूमि में, बचपन मे लगे घाव के दाग विकास, कर्मठता, जोश, अल्हड़पन आदि दर्शातें हैं जबकि दुर्घटना व रोग आदि में बने दाग उत्तरजीविता सर्वाइवल दिखाते हैं इनको एक नज़रिए से अच्छे दाग कहा जा सकता है। लेकिन घरेलू हिंसा से बने दाग अच्छे कैसे हो सकते हैं? सिगरेट जलाने से बने बच्चे के शरीर के दाग कैसे अच्छे हो सकते हैं? किसी अबोध बालक के सम्प्रदाय के रिवाज़ के नाम पर अंग विच्छेद में लगे दाग को अच्छा कैसे कहूँ? किसी नवयौवना के सुंदर चेहरे पर किसी जाहिल द्वारा बनाये गए तेज़ाब के दाग को अच्छा कैसे कहूँ?

भीख मंगवाने के लिए नाराश्रित बालकों को दिव्यांग बनाने के दाग को अच्छा कैसे कहूँ?

दीवारों पर, दीवारों से घिरी या दीवार से बांटी गई किसी भूमि पर व उसके परिणामस्वरूप संबंधित मानविक अंतःकरण पर बने दागों को अच्छा बताने वाला कोई व्यक्ति विचार-विवेक-भावना शून्य वाला ही होगा। एक परिवार के आंगन में खींची जाने वाली दीवार के दाग को अच्छा कैसे कहूँ? तुष्टीकरण के उद्देश्य को पूरा करने के लिए खींची गई देश के बीच दीवार के दाग को अच्छा कैसे कहूँ? सम्प्रदाय के तुष्टीकरण के लिए लोगों के बीच खड़ी की गई नफरत की दीवार के दाग को अच्छा कैसे कहूँ? समुदाय विशेष की किसी मांग या उन्मादी भीड़ द्वारा की गई तोड़-फोड़, लूट, आगजनी, हत्या के दाग को अच्छा कैसे कहूँ?

नोआखली, मोपला, अहमदाबाद, कश्मीर, बंगाल, मेरठ, गोधरा हुए दंगो का चरित्र पर लगा दाग अच्छा कैसे कहूँ? सिक्खों के कत्लेआम के कर्ताओं के चरित्र के दाग को अच्छा कैसे कहूँ? कश्मीरी पंडितों के पलायन, बलात्कार और हत्या करने व करवाने वालों के चरित्र के दाग को अच्छा कैसे कहूँ? भारत मे रहकर पाकिस्तान की जय बोलने वालों और भारत के टुकड़े करने वालों के चरित्र पर लगे देशद्रोही गद्दार के दाग को भला अच्छा कैसे कहूँ? मरने के बाद हुस्न व शराब के चक्कर मे वीर सैनिक व आम जनता को मारने वाले जिहादियों के भारत माता पर लगाये गए दाग को अच्छा कैसे कहूँ?

बहुत सारे दाग हैं जिनको लिखना मुझ अकेले के वश में नही है। कुछ दागों को आपको भी उजागर करना होगा और बताना होगा कि दाग अच्छे नही हैं।

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