Friday, February 26, 2021

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farmer protest against farm bills

दिल्ली में किसानों के वेश में गुंडों-दंगाइयों-आतंकियों का हिंसक प्रदर्शन

गणतंत्र-दिवस के दिन इन्होंने अपनी काली करतूतों से समस्त देशवासियों का सिर पूरी दुनिया में झुका दिया है। इतिहास इन्हें कभी माफ़ नहीं करेगा।

Part-6: Are the protests non-political?

While the ruling party has accused the Congress, SAD and AAP of both promising and supporting changes in APMC earlier and now walking back on their word, these parties in turn accuse the BJP of the same hypocrisy of opposing farm law reform during Congress rule.

Part-1: Introduction to Indian agriculture reforms

Part 1 of a 9 part series: Doleouts, subsidies and lack of foresight has meant that Indian agriculture has deteriorated into a logjam of vested interests trying to push forward their interests at any cost, with little regard to the welfare of the poor farmers on the ground or their own future.

तौल में “ग्राम संख्या को सम्मिलत ना करने” एवम् “छूट काटने” जैसी कुप्रथाओ के कारण से किसानो को दशकों से होता आ रहा नुकसान

मंडी के क्षेत्र में काफी रिसर्च करने के बाद, कई बिंदु ऐसे निकल के आये जिन कारण से किसानो को नुकसान उठाना पड़ता है। इस पूरे शोध कार्य को अपने लोगो ने उत्तर प्रदेश के आलू किसानो के सन्दर्भ से किया है।

Who gets to decide?

Who gets to decide: If there are number of farmers protesting these laws, there are also other farmers who appear to be satisfied with the new laws and want them to remain in-forced.

Central subsidy through MSP, and the pampered Punjab farmers

It comes as a shock to many that Punjab IS NOT the most wheat producing state in India. That honour goes to Uttar Pradesh.

किसान आंदोलन- एक पहलू

विरोध कीजिए, असहमति जताइए लोगो के बीच जाइए अपना पक्ष रखिए और आने वाले चुनाव में अपने समर्थन में मत मांगिए, लोकतंत्र में यही एकमात्र न्यायिक व उचित शासन परिवर्तन की व्यवस्था है, इसके विपरीत कोई भी और विकल्प केवल प्रपंच है।

भाग 4/4 – कुछ लोग एमएसपी को एक कानून बनाने पर जोर क्यों दे रहे हैं?

ये खेत कानून एक अच्छा पहला कदम है, और वह भी सही दिशा में। यह महत्वपूर्ण है कि हम सभी को लाभकारी बनाने के लिए उचित सुरक्षा उपायों पर काम करें।

भाग 3/4 – किसानों के लिए ऋण माफी एक घोटाला क्यों है?

"वेव-ऑफ" और "राइट-ऑफ" के बीच के अंतर से पूरी तरह अवगत हैं। वे जानबूझकर लोगों से छिपाते हैं कि बैंकों की "गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों" (एनपीए) को पुनः प्राप्त करने के लिए अमीरों की कितनी संपत्ति जब्त की गई है।

भाग 2/4- पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?

पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में किसानों को हमारे निर्यात से कोई सरोकार नहीं है, और वे अपने स्वयं के लाभ को देखते हैं, क्योंकि एमएसपी प्रणाली उन्हें अत्यधिक लाभ देती है, और उन्हें दुनिया की तुलना में प्रति किलोग्राम बेहतर कीमत मिल रही है।

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