Monday, July 15, 2024
HomeHindiहिन्दुफोबिआ को करारा जवाब जार्जिया (USA) द्वारा

हिन्दुफोबिआ को करारा जवाब जार्जिया (USA) द्वारा

Also Read

Nagendra Pratap Singh
Nagendra Pratap Singhhttp://kanoonforall.com
An Advocate with 15+ years experience. A Social worker. Worked with WHO in its Intensive Pulse Polio immunisation movement at Uttar Pradesh and Bihar.

जी हाँ मित्रों आपको ध्यान होगा कि हमारे देश के आस्तीन में छिपे विषधारियों ने “हिंदुत्व” की मानहानि कर एक अरब से भी अधिक संख्या वाले सनातन धर्मियों को अपमानित करने हेतु झूठ और पाखंड का दौर चलाया था और आज भी चला रखा है।

“भगवा आतंकवाद” की महाझूठी अवधारणा रचने और प्रचारित कटने से लेकर “Dismantling Hinduism” का घृणित षड्यंत्र रचने और इसके लिए विश्वव्यापी तौर पर सम्मेलन बुलाने तक अनेक विकृत मानसिकता को प्रसारित और प्रचारित किया गया। परन्तु सनातन धर्म की सरलता, सहजता, पवित्रता, महान कुटुंबकीय अवधारणा, वसुधैव कुटुंबकम की सकारात्मक सोच, समय समय पर अपने दुश्मनो के साथ भी दर्शायी गयी मानवीयता और सर्वश्रेष्ठ संस्कृति और सुसंस्कारों से प्रभावित होकर सम्पूर्ण विश्व धीरे धीरे इसकी ओर पुन: आकर्षित हो रहा है और अपनी घर वापसी कर रहा है।

इसी क्रम में जार्जिया नामक देश ने हिन्दुफोबिया के विरुद्ध एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। इस क्रांतिकारी कदम पर चर्चा करने से पूर्व आइये जार्जिया के बारे में थोड़ी जानकारी प्राप्त कर लेते हैँ।

जार्जिया (Georgia):- इसकी स्थापना वर्ष १७३२ में एक प्रांत के रूप में हुआ था और वर्ष १७३३ ई तक यह बस चुका था। जॉर्जिया वर्ष १७५२ ई में एक ब्रिटिश शाही उपनिवेश बन गया। यह ब्रिटिश शासन द्वारा स्थापित होने वाली मूल तेरह कालोनियों में से सबसे अंतिम और सबसे दक्षिणी सिरे पर स्थित था। ब्रिटेन के किंग जॉर्ज द्वितीय के नाम पर, इसका नामकरण “जॉर्जिया” के रूप में हुआ और इसका क्षेत्रफल मिसिसिपी नदी पर दक्षिण कैरोलिना के दक्षिण भाग से स्पेनिश फ्लोरिडा और पश्चिम से फ्रेंच लुइसियाना तक कर दिया गया।

मित्रों आपको बताते चलें कि दिनांक २ जनवरी, १७८८ ई को, जॉर्जिया संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान को अंगीकार करने वाला चौथा राज्य बन गया। जॉर्जिया ने दिनांक १९ जनवरी, १८६१ को संघ (USA) से अपने अलगाव की घोषणा की, और वह इस प्रकार अलग होने वाला मूल सात संघीय राज्यों में से एक था। गृह युद्ध के बाद, यह दिनाक १५ जुलाई, १८७० को संघ (USA) में बहाल होने वाला अंतिम राज्य था।

जॉर्जिया संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिणपूर्वी क्षेत्र में स्थित राज्य है, जो उत्तर में टेनेसी और उत्तरी कैरोलिना से घिरा है; दक्षिण कैरोलिना द्वारा उत्तर पूर्व में; अटलांटिक महासागर द्वारा दक्षिण पूर्व में; फ्लोरिडा द्वारा दक्षिण में; और पश्चिम दिशा में अलबामा द्वारा घिरा है।जॉर्जिया क्षेत्रफल में संयुक्त राज्य अमेरिका का २४वां सबसे बड़ा राज्य है और ८वां सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के अनुसार, इसकी वर्ष २०२० में आबादी १०७११९०८ थी। जॉर्जिया की राजधानी अटलांटा नामक शहर है। अटलांटा इसका सबसे बड़ा शहर है। वर्ष २०२१ में ६ मिलियन से अधिक लोगों की आबादी के साथ, संयुक्त राज्य अमेरिका में अटलांटा ८वां सबसे अधिक आबादी वाला महानगरीय क्षेत्र है और इसमें जॉर्जिया की पूरी आबादी का लगभग ५७% शामिल है।

अब आइये इसी जॉर्जिए द्वारा हिन्दुफोबिया के विरुद्ध पारित किये गये रिसोलुशन के बारे में चर्चा करते हैँ:-

मित्रों CoHNA (Coalition of Hindus of North America) नामक एक संस्था है, जो उत्तरी आमेरिका सहित सम्पूर्ण यूरोप में हिन्दु, हिंदुत्व या सनातन धर्म के विरुद्ध प्रसारित और प्रचारित किये जाने वाले प्रॉपगेंडा के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करती है और इसके साथ हि वो हिन्दुओ में एकता, समंजस्य्ता, सौहार्दयता और आपसी विश्वाश बढ़ाने का कार्य करती है।

इसी संस्था के अथक प्रयासों से जार्जिया (Georgia) के House of Representatives में Lauren Mcdonal और Todd Jones की सहायता से Condemning Hindufobia and anti Hindu biogatory -Resolution ध्वनि मतों से पेश और फिर पारित कर दिया गया। आइये देखते हैँ इस रिसोलुशन के कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओ को:-
रिसोलुशन में स्पष्ट रूप से उद्धृत किया गया है कि:

१:-हिंदू धर्म १०० से अधिक देशों में १.२ अरब से अधिक अनुयायियों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा और पुराना धर्म है और जिसमें स्वीकृति, आपसी सम्मान और शांति के मूल्यों के साथ विविध परंपराओं और विश्वास प्रणाली की एक श्रृंखला शामिल है।

२:-संयुक्त राज्य हमेशा आशा, प्रगति और नवाचार का एक प्रकाश स्तंभ रहा है, दुनिया भर के लोगों को एक बेहतर और पूर्ण जीवन बनाने और जीने के लिए आकर्षित करता है, और दुनिया के सभी कोनों से 4 मिलियन से अधिक हिंदुओं का स्वागत किया है और उन्हें बेहतर अवसर दिए हैं। और हिंदू धर्म (जिसे “सनातन धर्म” भी कहा जाता है) का अभ्यास करने की स्वतंत्रता दिया है।

३:-अमेरिकी हिंदू समुदाय का चिकित्सा, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, आतिथ्य, वित्त, शिक्षा, विनिर्माण, ऊर्जा, खुदरा व्यापार और बहुत कुछ जैसे विविध क्षेत्रों में प्रमुख योगदान रहा है।

४: योग, आयुर्वेद, ध्यान, भोजन, संगीत, कला और अन्य क्षेत्रो में हिंदू योगदान ने लाखों लोगों के जीवन को समृद्ध किया है।

५: हिंदूफोबिया, जैसा कि “हिंदूफोबिया पहलों को समझने” द्वारा वर्णित किया गया है, “सनातन धर्म” (हिंदू धर्म) और हिंदुओं के प्रति विरोधी, विनाशकारी और अपमानजनक व्यवहार और व्यवहार का एक समूह है जो पूर्वाग्रह, भय या नुकसान के रूप में प्रकट हो सकता है। (Hodophobia, as decided by the “understanding Indophobia initiatives, is a list of antagonistic, destructive, and derogatory attitudes and behaviours towards “Sanatan Dhrma” (Hinduism) and Hindus that may manifest as prejudice, fear or hatred.)

६: देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दशकों में हिंदू अमेरिकियों के खिलाफ घृणा अपराधों के दस्तावेजी साक्ष्य दर्ज किए गए हैं।

७: शिक्षा के स्थानों (विश्वविद्यालयों) में कुछ लोगों द्वारा हिंदूफोबिया को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है, जो हिंदू धर्म के विघटन का समर्थन करते हैं और इसके पवित्र ग्रंथों पर हिंसा और उत्पीड़न की सांस्कृतिक प्रथाओं का आरोप लगाते हैं।

८: जुलाई 2022 में, रटगर्स यूनिवर्सिटी द्वारा जारी एक रिपोर्ट जिसका शीर्षक था “एंटी हिंदू डिसइंफॉर्मेशन: ए केस स्टडी ऑफ हिंदूफोबिया ऑन सोशल मीडिया” में विस्तार से बताया गया है कि कैसे सोशल मीडिया में नफरत भरे संदेश हिंदू धर्म के लोगों के लिए वास्तविक जीवन के खतरों में बदल जाते हैं।

और इस प्रकार के अकाट्य तथ्यों का प्रकटीकरण करते हुए “हिन्दुफोबिआ” का ना केवल् खंडन किया गया है, अपितु इसे समाज के लिए खतरा भी माना गया है।

जार्जिया नामक देश में पारित इस संकल्प ने ना केवल विश्व में अपितु भारत में भी कांग्रेसियों और वामपंथियों के काले मनसूबो पर करारी लात मारी है। इस लात के घात से उनके कानो पर उभर रही गुंज इन कुत्सित और विकृत कांग्रेसियों और वामपंथियों को इनके उम्र भर दर्पण दिखाती रहेगी।

वो विकृत और निकृष्ट मानसिकता के कांग्रेसी और वामपंथी जो सनातन धर्म को अपमानित करने हेतु नँगा नाच करने को तैयार रहते हैँ जो अपने आपको बेच देने की हद तक नैतिक और मौलिक रुप से गिर जाते हैँ, कुछ ना कुछ तो शर्म अवश्य महसूस कर रहे होंगे। खैर ये दैत्य और पिसाचवंशी जितना भी सनातन धर्म को अपमानित करने का प्रयास करेंगे और चाहे जितना भी जोर लगा लेंगे पर निश्चित हि सबसे आगे होंगे “हिंदुस्तानी”।और ये केवल हम नहीं कह रहे आज धीरे धीरे पुरा विश्व स्वीकार कर रहा है।

CoHNA (Coalition of Hindus of North America) के उपाध्यक्ष श्री राजीव मेनन ने Lauren Mcdonal और Todd Jones की भरी भूरी प्रसंशा करते हुए उनका धन्यवाद दिया।

हम तो ईश्वर से बस यही प्रार्थना करते हैँ:-
नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोहम्।
महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते।।

हे वात्सल्य मयी मातृ भूमि, तुम्हें सदा प्रणाम करता हूँ। इस मातृभूमि ने अपने बच्चों की तरह प्रेम और स्नेह दिया है। हमें इस सुखपूर्वक हिन्दू भूमि पर में बड़ा हुआ हूँ। यह भूमि मंगलमय और पुण्यभूमि है। इस भूमि के लिए में अपने नश्वर शरीर को मातृभूमि के लिए अर्पण करते हुए इस भूमि को बार बार प्रणाम करता हूँ।

  Support Us  

OpIndia is not rich like the mainstream media. Even a small contribution by you will help us keep running. Consider making a voluntary payment.

Trending now

Nagendra Pratap Singh
Nagendra Pratap Singhhttp://kanoonforall.com
An Advocate with 15+ years experience. A Social worker. Worked with WHO in its Intensive Pulse Polio immunisation movement at Uttar Pradesh and Bihar.
- Advertisement -

Latest News

Recently Popular