Friday, March 5, 2021
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FIR Jihad : एक आधुनिक जिहाद

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वैसे तो आप रोज नया नया तरह के जिहाद का नाम सुनने की आदी हो चुके होंगे मुझे इस नए प्रकार का जिहादो का नाम सुनकर कुछ आश्चर्य नहीं होता और ये FIR jihad उन्हीं सब में एक हैं। जी न्यूज की सुधीर चौधरी जी ने जिहाद का क्या सटीक विशलेषन किया हैं लेकिन उन्होने भी सभी प्रकार के जिहादो के बारे में नहीं बता पाए आखिर इतने कम समय में वो कैसे बता पाते क्योकि जिहाद की शुचि बहुत लंबी हैं।

FIR Jihad के बारे में जानने से पहले article 295 और article 19 A के बारे में जानना जरूरी हैं।

Article 295 के अनुसार कोई भी जानबूझकर किसी भी भारतीय नागरिक के धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाता हैं या अपमान करता है या उनके धार्मिक विश्वास का मजाक उड़ाता हैं तो यह दंडनीय अपराध हैं और उन्हें तीन साल का जेल या जुर्माना या दोनो हो सकता हैं।

Article 19 ये हमे बोलने की स्वतंत्रता देती हैं यह हमे इस बात कि स्वतंत्रता देती है की हम अपनी विचार वक्त कर सके।

वैसे तो आज कल राष्ट्रवादीयो पर FIR करना एक फैशन बन गया है जैसे अर्णव गोस्वामी जी पर सिर्फ सोनिया गांधी का असली नाम लेने पर FIR करना हो या सुधीर चौधरी पर जमीन जिहाद का सच्चाई उजागर करने पर यहाँ हम ऐसे ही कुछ घटनाओ का जिक्र करेंगे।

1) झारखण्ड की फल विक्रेता

झारखण्ड मे एक फल विक्रेता पर सिर्फ इसलिए FIR हो गया की उन्होने अपनी दुकान का नाम हिन्दू फल दूकान रखा था। वह भी सिर्फ किसी का एक ट्वीट के चलते जैसे उन्हें कुछ और काम ही नहीं और ऐसी ही एक घटना कर्णाटक में भी घटी जब ठेला से भगवा पताको को हटा दिया गया।

वैसे यहा गौर करने वाली बात यह हैं की इनको हलाल सर्टिफिकेशन से कोई तकलीफ नहीं और नहीं मुस्लिम दुकानो के नाम पर मुसलमान तो हर जगह अपना झंडा लगाकर रखते हैं लेकिन किसी को कोई परेशानी नहीं होती। एक बार अजान मे जो लाउडस्पीकर से कहा जाता है उसके बारे मे भी पता कर लीजिए वो article 295 का उल्लंघन नहीं है?

2) ऑपइंडिया पर FIR

OpIndia के अजीत भारती जी पर सिर्फ इसलिए FIR टर दिया गया कि उन्होने एक पीड़ित बच्चे के पिता का बयान दिखाया ये अलग बात है की वो अपने बयान से बाद मे पलट गये।

यहाँ भी गौर करने वाली बात है कि The Wire, The Quint, The Print, NDTV हमेशा गलत समाचार चलाते हैं लेकिन उनपर कोई FIR नहीं होती और न ही वो माफी मांगते हैं। यहाँ article 19 काम करती हैं।

3) आचार्य अंकुर आर्य।

आचार्य जी के ऊपर आरोप लगाया गया की उन्होने ख्वाजा गरीब नवाब को हिजड़ा बोला लेकिन अभी तक ये सिद्ध नहीं कर पाया। पर अगर उन्होने ऐसा कहा भी तो उनसे पहले एक मौलाना साहब ने भी वही बात कही और गूगल भी वही मानती हैं।

पर उन्हें इस बात का पता लग गया होगा की उन्होने गलत व्यक्ति से पंगा ले लिया है क्योंकि उनके समर्थन मे जो ट्विटर पर सनातनी एकता दिखी वो इससे पहले कभी नहीं देखी।

वो FIR करके हमारी साहस को तोड़ना चाहते हैं पर ऐसा होने वाला नहीं। उनका सिर्फ एक ही ईलाज है की हमे भी article 295 को समझकर उसका सही इस्तेमाल करना होगा।

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