कैपिटल गेन्स से सम्बन्धित वरिष्ठों की पीड़ा

मोदीजी बहुमत हासिल कर सत्ता वापसी की है इसलिये उन्हें ढेरों बधाई व शुभकामनायें। उन्होंने जनता को समस्याओं से सरकार को अवगत कराते रहने को कहा है।

वरिष्ठों से सम्बन्धित समस्याओं का निदान आवश्यक है। वरिष्ठ नागरिकों से सम्बन्धित [अनेक मुद्दों में से] एक मुख्य मुद्दा कैपिटल गेन्स से सम्बन्धित है। उसको पूरे तथ्यों के साथ सरकार के विचारर्णाथ पेश कर रहा हूँ ताकि सरकार आने वाले बजट से पूर्व चर्चा में, इन पर कैसे राहत प्रदान की जा सकती है, उन बिन्दुओं पर विचार कर आवश्यक कदम उठा सके।

आपके ध्याननार्थ अपने देश में वरिष्ठों की बडी संख्या तो असंगठित क्षेत्र से हैं जहाँ उन्हें पेंशन का लाभ नहीं हैं इसलिये ही उन्हें यह बहुत ज्यादा पीड़ादायक लगती है। मेरे सुझाव अनुसार शेयरों पर कैपिटल गेन्स यानि LTCG वाले मामले में राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी साथ में सही मायने में Senior Aged Small Stock Investors को उचित राहत भी मिल जायेगी। मैं अपेक्षा करता हूँ कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों की परेशानियों को ध्यान में रख, सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित कदम उठा, राहत दे देगी|

कैपिटल गेन्स से सम्बन्धित:-

जैसा आप जानते हैं गत बार प्रायोगिक तौर पर यानि 2018-19 वाले बजट में LTCG को टैक्स मुक्त से हटा कर दायरे में डाला है जो हमारे जैसे छोटे वरिष्ठ शेयरधारकों के लिये किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। आपकी जानकारी के लिये हम लोगों ने हमेशा अपने सभी कर चुकाने के बाद वाले बचत को तीन कारणों से शेयरों में लगाया। वे कारण हैं-

१) आप सभी सरकारें कहिये या बाकी सभी (Experts) यही सन्देश देते रहे हैं कि Share निवेश का मतलब है अप्रत्यक्ष रुप से राष्ट्र निर्माण में सहयोग इसलिये गोल्ड या भूमि में निवेश का सोचा ही नहीं।

२) चूकिं हममें से जो भी गैरसरकारी संस्थानों में नौकरी कर बचत करते थे तो उद्देश्य यही रहता कि हमें पेन्शन तो मिलनी नहीं है अतः हमारे बुढापे के लिये शेयर निवेश सब हिसाब से लाभप्रद रहेगा साथ में पहला point (उपर उल्लेखित) भी fulfill होता रहेगा और आने वाले समय में हमें हमारी आवश्यकता की पूर्ति इस शेयर निवेश से होती रहेगी इसका विश्वास भी था।

३) सोच समझकर शेयरों मेंं किया गया निवेश जोखिम मुक्त माना जाता रहा है साथ ही साथ आसानी से कर सकने वाला भी। इसके अलावा सभी पूर्ववर्ती सरकारों नें शेयर निवेश को बढावा देने के लिये लगातार न केवल प्रोत्साहित करते रहे थे बल्कि इस बात का हमेशा ध्यान रखा कि इसमें गिरावट न हो और इसलिये ही अपने अपने तरीके से (Cost Inflation Index लागू करना) हमेशा सकारात्मक कदम को बढ़ावा देते रहे।

आज ५०/६० साल तक निवेशित रहने के बाद यानि समय समय पर अपनी अपनी कमाई अनुसार टैक्स चुकाने के बाद जो भी बचत शेयरों में लगायी, यह जानते हुये कि इन में से कुछ में बहुत हानि भी हो सकती है और जो समय समय पर परिलक्षित भी हुयी। अब बडी मुश्किल से बाकी बचे शेयरों पर जो भी लाभ मिलने की उम्मीद है वह लाभ वापस टैक्स दायरे में आया तो मन में चोट लगी है, ग्लानि भी हुयी है और साथ साथ कष्ट भी पहुँचा है।

इसलिये लिखना यही है कि सरकार इस पर पुनर्विचार करे। सरकार चाहे तो Free LTCG के लिये Holding period एक साल से बढ़ा कर दो साल कर दे, न हो तो तीन साल कर दे। सरकार पाँच साल भी करती है तो वो इतना कष्टदायी नहीं होगा क्योंकि हमारी सोच कभी भी न तो सट्टाबाजी की रही है, न ही मुनाफाखोरी वगैरह की बल्कि बहुत गहन अध्ययन व आपसी सलाह, चिन्तन मनन पश्चात निवेश करते आये हैं।

वित्तमन्त्री का उपरोक्त विषय पर मत/साक्षात्कार बजट प्रस्तुत पश्चात अनेक चैनलों पर प्रसारित हुआ था और उसी विषय पर रजत शर्मा जी ने India TV पर भी बजट पश्चात उनका साक्षात्कार प्रसारित किया था। सभी चैनलों पर प्रसारित तो सुना ही, साथ साथ India TV वाला भी सुना, समझा और उन सभी पर गहन चिन्तन मनन भी किया। हम उनकी यानि वित्तमन्त्री की सोच का पूरा समर्थन करते हैं इसलिये ही आग्रह है कि वे Senior Aged Stock Investors’ की चिन्ताओं का ध्यान रखते हुये इस पर इस बार बजट में इस वर्ग द्वारा सुझाये गये सुझावों पर अवश्य ध्यान देकर राहत प्रदान करें।

आपके ध्याननार्थ बता दें कि सुझाया गया सुझाव है- Free LTCG का Holding period संशोधित कर दें या Senior Aged Small Stock Investors को इस प्रस्ताव से बाहर कर दें। यदि सरकार हमारे आग्रह अनुसार Holding period संशोधित करती है तो LTCG 1095 दिन से ज्यादा निवेशित शेयरों पर ही मिलेगा यानी 1095 दिन तक वाले निवेशित शेयर STCG श्रेणी में आ जायेंगे फलतः चालू system में domestic क्षेत्र से LTCG में जो भी राजस्व Senior Aged Stock investors से मिलेगा उससे ज्यादा या तो संशोधित करने पर STCG से ही मिल जायेगा या वह इतना नगण्य होगा जिसे सुधार कर देने से विशेष नुकसान तो होगा ही नहीं बल्कि Senior Aged Small Stock Investors वर्ग की सहनुभूति मिलेगी और आर्थिक सुधार वाली ब्यवस्था भी यथावत रह पायेगी।

हमारे तथ्यों की पुष्टि कई बार अनेक टेलीविजन परिचर्चाओं में आर्थिक पत्रकारों ने भी की है जब उन्होंने अपनी गणना अनुसार कहा कि इस टैक्स से बहुत ज्यादा राजस्व की प्राप्ति नहीं होगी या यों कहिये आशानुरूप राजस्व संग्रह होना कठिन है। आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि सरकार आवश्यक सुधारात्मक कदम उठा हम वरिष्ठ नागरिकों को उपरोक्त विषय में राहत दे देगी।

गोवर्धन दास बिन्नाणीजयनारायण ब्यास कालोनी, बीकानेर
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