Wednesday, June 3, 2020
Home Hindi कांग्रेस पार्टी की कठपुतली बना चुनाव आयोग

कांग्रेस पार्टी की कठपुतली बना चुनाव आयोग

Also Read

RAJEEV GUPTAhttp://www.carajeevgupta.blogspot.in
Chartered Accountant,Blogger,Writer and Political Analyst. Author of the Book- इस दशक के नेता : नरेंद्र मोदी.

जमात-ए-इस्लामी ने मुसलमानों से लिखित अपील करके सपा-बसपा को वोट करने के लिये कहा है. इससे पहले खुद मायावती खुले आम मुसलमानों से यह अपील कर चुकी हैं कि वोट सिर्फ सपा-बसपा को दिये जाएं. कांग्रेस पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र मे 72000 रुपये सालाना की “कैश फॉर वोट” स्कीम शामिल की जाती है. कांग्रेस पार्टी और उसके नेता 767 करोड़ रुपयों के “तुग़लक़ रोड चुनावी घोटाला” मे रंगे हाथों पकड़े जाते हैं. इस घोटाले मे 281 करोड़ रुपये नकद पकड़े गये हैं जिसमे से 20 करोड़ रुपये राहुल गाँधी को हवाला की मार्फत उनके तुग़लक़ रोड स्थित आवास पर भेजे गये हैं.

चुनाव आयोग को यह सब कुछ ना तो दिख रहा है और अगर दिख भी रहा है तो उस पर कोई कार्यवाही होती नज़र नही आ रही है. चुनावों मे काले धन का इस्तेमाल वोट खरीदने और वोटरों को प्रभावित करने के लिये बिल्कुल ना हो, यह जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है. चुनाव आयोग खुद तो इस जिम्मेदारी को निभाने मे पूरी तरह से नाकाम रहा है और जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट खुद आगे बढ़कर चुनाव आयोग की मदद कर रहा है और कांग्रेस पार्टी और उसके नेता रंगे हाथों आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुये पकड़े जा रहे हैं तो चुनाव आयोग को बहुत तकलीफ हो रही है और इनकम टैक्स विभाग को शाबाशी देने की बजाये डांट लगा रहा है. देश की जनता चुनाव आयोग की इन सब हरकतों का गंभीरता से संज्ञान ले रही हैं और इसका जबाब वोट से देने का मन बना चुकी है.

ऐसा नही है कि चुनाव आयोग कुछ भी नही कर रहा है. कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष द्वारा अगर भाजपा के खिलाफ कोई बेबुनियाद शिकायत भी चुनाव आयोग से की जाती है तो चुनाव आयोग सारा काम धंधा छोड़कर उस पर कार्यवाही करने के लिये एकदम तत्पर नज़र आ रहा है. मोदी के जीवन पर बनने वाली फिल्म पर बैन लगाना और नमो टी वी पर बैन लगाकर चुनाव आयोग शायद यह समझ रहा है कि देश की जनता कुछ नही समझ रही है और वह अपने मनसूबों मे कामयाब हो जायेगा. मतलब कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष किसी भी तरह से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करता रहे, उस पर चुनाव आयोग गहरी चुप्पी लगाकर बैठा रहेगा और जहाँ उसे लगेगा कि किसी भी तरह से किसी भी वजह से भाजपा को चुनावी फायदा मिलने की दूर दूर तक भी कोई संभावना है तो वहां वह आदर्श आचार संहिता की दुहाई देकर भाजपा पर अपना डंडा फौरन चला देगा. जब “उडता पंजाब” नाम की फिल्म बनाकर पंजाब की सत्ता कांग्रेस ने हथियाई थी, तब चुनाव आयोग क्या सो रहा था?

 

अगर चुनाव आयोग को अपनी बची खुची साख और विश्वसनीयता की थोड़ी सी भी फिक्र है तो वह तुरंत मायावती, जमात-ए-इस्लामी, कमलनाथ,अहमद पटेल और राहुल गाँधी के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन के लिये FIR कराये ताकि इन लोगों के खिलाफ अवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा सके. कांग्रेस पार्टी और बाकी विपक्षी पार्टियों की तरह चुनाव आयोग भी शायद इस गलतफ़हमी मे है कि जनता एकदम अनपढ और बेबकूफ है और उसे कुछ पता नही चल रहा है इसलिये अपनी मनमानी करते रहो. सोशल मीडिया की ताकत से चुनाव आयोग भी उतना ही अनजान मालूम पड रहा है जितना कि कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष है. चुनाव आयोग को मालूम होंना चाहिये कि उसके इस पक्षपात पूर्ण रवैये पर देश की जनता की कडी नज़र बनी हुई है. उम्मीद यही की जाती है कि चुनाव आयोग कम से कम अब तो अपने पक्षपात पूर्ण रवैये को छोड़कर विपक्षी पार्टियों द्वारा किये जा रहे आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों पर कुछ सख्ती दिखायेगा.

चुनाव आयोग इनकम टैक्स विभाग से कह रहा है कि काले धन पर छापा डालने से पहले हमे सूचना दो-क्या चुनाव आयोग ने इस बात की व्यवस्था कर रखी है कि यह सूचना उसके यहाँ से ” लीक “नही होगी और छापा पड़ने से पहले ही काला धन अपने ठिकानों से नही हटा लिया जायेगा?

- advertisement -

  Support Us  

OpIndia is not rich like the mainstream media. Even a small contribution by you will help us keep running. Consider making a voluntary payment.

Trending now

RAJEEV GUPTAhttp://www.carajeevgupta.blogspot.in
Chartered Accountant,Blogger,Writer and Political Analyst. Author of the Book- इस दशक के नेता : नरेंद्र मोदी.

Latest News

कोरोना काल: स्कूल बनाम अभिवावक

क्या बच्चों की पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ स्कूल की है, अभिभावकों की बिल्कुल भी नहीं? क्या कोरोनावायरस वैश्विक महामारी में जब दुनिया ज़्यादा से ज़्यादा चीजों को ऑनलाइन कर रही है तो ऑनलाइन शिक्षा से परहेज़ क्यों?

Redefining health in the pandemic

The fact that scores of individuals are successfully traversing sun-scorched lanes almost empty-stomach for days together, shows that one meal a day is enough to sustain your body.

PM-CARES: Why it is not under the ambit of RTI

PM-NRF, a similar trust was set up by PM, Jawaharlal Nehru in his "personal capacity" in the year 1948. Interestingly, PM-NRF too, isn't under the purview of RTI and CAG.

Congress campaign split up in it’s own

Sonia Gandhi announces the party will pay for the train tickets of the labourers and Rahul Gandhi doesn’t even tweet about it.

Who Is “it”?

Black lives matter, and Martin Luther showed us the Gandhian principle to show this to the world. Please do not incite violence as "it" thrives on one simple mistake of yours.

रचनाधर्मियों को गर्भस्थ बेटी का उत्तर

जो तुम्हें अग्नि परीक्षा देती असहाय सीता दिखती है, वो मुझे प्रबल आत्मविश्वास की धनी वो योद्धा दिखाई देती है जिसने रावण के आत्मविश्वास को छलनी कर इस धरा को रावण से मुक्त कराया.

Recently Popular

The one difference between the Congress of today and that of before 2014

For the sake of the future generations, for the sake of our children, please read more books about how Congress had been ruling the country and be aware of the dangers.

3 befitting replies of Narendra Modi

What strength, is PM Modi made up of, we will never be able to know. But we know one thing for sure. The man is class, India's pride. Even his detractors and critics wish for a Modi at their side!

साउथ कोरिया में संघ जरूरी क्यों

मैं विग़त 8 महीनो से साउथ कोरिया में रह रहा हूँ। यहाँ भारतीय लोगों की संख्या क़रीब 13 हज़ार हैं। पर एच॰एस॰एस न होने के आभाव में मैंने महसूस किया है, कि भारतीय लोग संगठित नहीं हैं। और संगठित नहीं होने के कारण लोग अपनी संस्कृति से दूर जा रहे हैं।

MNS bares its anti-Hindu fangs

Raj Thackeray’s haphazard attempt to relaunch his party as Hindu outfit has failed, leading to desperation and cheap politics.

In conversation with Nehru: On Savarkar’s mercy petitions

This conversation is only an attempt to present the comparative study of jail terms served by both Savarkar and Jawaharlal Nehru.