Thursday, December 3, 2020

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वन्स अपॉन ऐ टाइम इन मुंबई …नाउ इन उत्तर प्रदेश!

आज सुशांत हमारे बीच नहीं है पर जब जब उत्तर प्रदेश फिल्म सिटी की बात की जाएगी सुशांत सिंह राजपूत का नाम स्वतः ही सबको याद आएगा। मेरी मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से सविनय निवेदन है की प्रस्तावित फिल्म सिटी में सुशांत के नाम पर कुछ न कुछ जरूर बनाया जाए।

यह कैसा लोकतंत्र जहां विरोध स्वीकार नहीं

लोकतंत्र में जनभावनाओं को समझना ही जीत की कुंजी होती है लेकिन शिवसेना लगातार अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही है।

Why Sushant Rajput’s mysterious death is a gateway to the troubled Bollywood and why India has to bring in the CBI to investigate it

The demand to probe Sushant Singh Rajput's death is OK but that will only make his fans and family happy. The CBI needs to investigate Bollywood itself. That will bring down Bollywood and it can convert to Indian cinema.

MNS bares its anti-Hindu fangs

Raj Thackeray’s haphazard attempt to relaunch his party as Hindu outfit has failed, leading to desperation and cheap politics.

ABVP and RSS volunteers conduct door-to-door screening of residents in Mumbai

Volunteers of ABVP and RSS began door to door screening in slum pockets of Nehru Nagar in Mumbai, equipped with PPE sets and directed by doctors on board, and screened over 500 people in total in the last three days.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जनकल्याण समिती “कोरोनामुक्त ठाणे” अभियान

नित्य राष्ट्र साधना प्रतिदिन की शाखा व समय-समय पर किये गये कार्यों व व्यक्ति चरित्र निर्माण संघ संस्कार के कारण ही दुनियां के सामने आज संघ राष्ट्रशक्ति बनकर उभरा है। ऐसे संगठन के बारे में तथ्यपूर्ण सही जानकारी होना आवश्यक है।

RSS जनकल्याण समिति की ओर से कांदिवली पश्चिम में रक्त दान शिबिर संपन्न

९ मई २०२० को थैलेसीमिया से पीडित बच्चों के लिए चारकाेप, कांदिवली पश्चिम में रक्त दान शिबिर संपन्न हुआ. सर्वोदय हॉस्पिटल समर्पण ब्लड बैंक, घाटकोपर के तत्वावधान में हुए इस रक्तदान शिबिर में सुबह ११ से दोपहर २.३० बजे के बीच ९२ यूनिट रक्त संग्रहित किया गया.

The metro-centric democracy

We need to move out of the metro cities not only physically but also psychologically. Let us not remain the “Metro-centric” democracy even in the 21st century.

This is the only way to solve Mumbai’s pothole problem

The contractors and the administration have failed Mumbai, miserably. It's time to rope in the serious players and promote corporate efficiency.

BSE Building Trademarked: One more Triumph for Mumbai

This means that from the time forward publishing BSE building’s picture will require prior approval from the company.

Latest News

प्राण व दैहिक स्वतंत्रता अनुच्छेद 21

हमारे सनातन धर्म की मूल भावना "जीयो और जीने दो" तथा "सभी जीवो को अपना जीवन अपनी ईच्छा से जीने का अधिकार है" में निहित है मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने भी अपने संपूर्ण जीवन काल मे प्रत्येक जीव के प्राण व दैहिक स्वतंत्रता को अमुल्य व सर्वोपरि मानकर प्रतिष्ठित किया

2020: An unprecedented, unpredictable, and uncertain year

Who could have imagined that the “unique 2020” would ironically turn into the most "unprecedented, unpredictable, and uncertain 2020" of historic proportions, perhaps not even worth remembering and writing about?

Mr. Ahmad Patel, they missed you!

Through the obituaries and condolences written by MSM journalists, one can easily see as to why these power brokers who used to enjoy the access to power corridors are so unnerved as they miss the absence of jugglers and conjurers in current regime.

गुपकार गैंग द्वारा रोशनी एक्ट की आड़ में किया गया 25000 करोड़ रुपए का घोटाला!

व्यवस्था का लाभ उठाकर 2001 से 2007 के बीच गुपकार गैंग वालों ने मिलकर जम्मू-कश्मीर को जहाँ से मौका मिला वहाँ से लूटा, खसोटा, बेचा व नीलाम किया और बेचारी जनता मायूसी के अंधकार में मूकदर्शक बनी देखती रही।

Death of the farmer vote bank

While in the case of a farmer the reform delivered double benefit but the political class faces double whammy, that of losing its captive vote bank that was dependent on its sops and secondly losing the massive income they earned as middlemen between the farmer and the consumer. Either the farmer is misinformed or wrongly instigated, otherwise it is impossible to conceive that any farmer should be actually unhappy or opposed for being given more choices, as to whom to sell their produce.

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एक सफल शासन की नींव समुद्रगप्त ने अपने शासनकाल में ही रख दी थी इसीलिए गुप्त सम्राटों का शासन अत्यधिक सफल रहा। साम्राज्य की दृढ़ता शांति और नागरिकों की उन्नति इसके प्रमाण थे।

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भारत में व्याप्त सामाजिक असामानता केवल एक वर्ग विशेष के साथ जिसे कि दलित कहा जाता है के साथ ही व्यापक रूप से प्रभावी है परंतु आर्थिक असमानता को केवल दलितों में ही व्याप्त नहीं माना जा सकता।

वर्ण व्यवस्था और जाति व्यवस्था के मध्य अंतर और हमारे इतिहास के साथ किया गया खिलवाड़

वास्तव में सनातन में जिस वर्ण व्यवस्था की परिकल्पना की गई उसी वर्ण व्यवस्था को छिन्न भिन्न करके समाज में जाति व्यवस्था को स्थापित कर दिया गया। समस्या यह है कि आज वर्ण और जाति को एक समान माना जाता है जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

Pt Deen Dayal Upadhyaya and Integral Humanism

According to Upadhyaya, the primary concern in India must be to develop an indigenous economic model that puts the human being at centre stage.

Daredevil of Indian Army: Para SF Major Mohit Sharma’s who became Iftikaar Bhatt to kill terrorists

Such brave souls of Bharat Mata who knows every minute of their life may become the last minute.