Thursday, January 28, 2021

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Liberals' Sympathy with terrorists

देशहित से ऊपर राजनैतिक हित

केजरीवाल ने जो कल बयान दिया वो उसने राजनैतिक लाभ के इरादे से दिया जो देश विरोधी बयान साबित हो चुका है विपक्ष समझ नहीं रहा है कि वो मोदी विरोध में देश का विरोध कर रहे हैं जिसका भरपूर फायदा हमारा दुश्मन मुल्क पाकिस्तान बखूबी उठा रहा है।

What should be India’s next steps? #PulwamaAttack #IndiaStrikesback #WelcomeBackAbhinandan

The question on everyone’s mind (In India) should be “Is the job done? Have we achieved what we wanted as a nation in Kashmir after the Pulwama?”. The answer is a blatant NO.

What am I ashamed of as an Indian!

Pakistan released a statement stating his return owing to heavy diplomatic pressure built by India and its clear intimidation to Pakistan. It is no “gesture of peace”. It is no goodwill on the part of Pakistan. It is no gracious gift from Pakistan.

Say #YesToJustice for our Abhinandans!

44 Abhinandans were not martyred but murdered mercilessly on Valentine's day and then 'MURDER' of those Abhinandans were celebrated as well in some parts of India.

The cost of #SayNoToWar- A message to India’s “peacekeepers”

India has lost more soldiers in "peace" time than in actual war and our soldiers were not trained to stand by and watch your "Aman ki Asha" Tamasha. Let us allow them to do their jobs.

एक पत्र लेफ्ट लिबरल्स के नाम

प्रिय लेफ्ट लिबरल्स, ये जान लो, तुम्हारी नौटंकियों का समय अब समाप्त होता हैं। बहुत दिनों से हमको बहुत बेवकूफ बना लिया अब और नहीं। तुम्हारी एक एक चाल हम समझते है और समय पड़ने पर तुमको कड़ी टक्कर मिलती रहेगी।

आतंकवाद के आंतरिक समर्थक

आतंकवाद का कोई धर्म नही होता; पर सेना के सैनिकों का होता है

मोदी विरोध के नाम पर देश विरोध कब तक?

हमारे ही देश से आतंकियो के समर्थन में कई आवाजें उठी और बाहर आई जो अकेले पाकिस्तान को यह अहसास दिलाने के लिए काफी है कि वो अकेले नही है।

पुलवामा: एक परिप्रेक्ष्य

क्या कभी भी हमने हमारे बीच रह रहे शहरी नक्सलियों के इन आतंकी सहायता समूहों को, इन स्लीपर सेल्स को जवाबदेह ठहराया है जो हमारी शिक्षा, मीडिया, मनोरंजन, राजनीति, कानून, न्यायपालिका में घर कर चुके हैं और उन्हें भीतर ही भीतर दीमक कि तरह खाये जा रहे हैं?

The Indian National Congress of conspiracy theorists

When Sanjay, Indira and Rajiv Gandhi were murdered, nobody questioned any political conspiracy. Spare the nation, Congress and Liberals and dont tag this gruesome Pulwama attack a conspiracy of BJP!

Latest News

Interesting “Tandav” challenges the conventional entertainment in India

Tandav actually challenges the way conventional entertainment has been in India not only for years but for decades now. It's a good story if a right wing student leader is corrupt and greedy but it is not a good story if the left leaning student leader does the same thing.

११वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस आज, अब ई-मतदाता पहचान पत्र कर सकेंगे डाऊनलोड

आज राष्ट्र ग्यारहवाँ राष्ट्रीय मतदाता दिवस मना रहा है, यह दिवस वर्ष १९५० में आज ही के दिन, चुनाव आयोग की स्थापना के उपलक्ष्य में वर्ष २०११ से मनाया जा रहा है।

The bar of being at “The Bar”

The present structure of the Indian judicial system is a continuation of what was left to us by the colonial rulers.

Partition of India and Netaji

Had all Indians taken arms against British and supported Azad Hind Fauz of Netaji from within India in 1942 instead of allowing the Congress to launch non-violent ‘Quite India Movement’ of Gandhi, the history of sub-continent would have been different.

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयंती विशेष: हर भारतीयों के लिए पराक्रम के प्रतीक

भारत माता के सपूत के स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को केंद्र सरकार ने हर साल पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है।

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Daredevil of Indian Army: Para SF Major Mohit Sharma’s who became Iftikaar Bhatt to kill terrorists

Such brave souls of Bharat Mata who knows every minute of their life may become the last minute.

गुप्त काल को स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है

एक सफल शासन की नींव समुद्रगप्त ने अपने शासनकाल में ही रख दी थी इसीलिए गुप्त सम्राटों का शासन अत्यधिक सफल रहा। साम्राज्य की दृढ़ता शांति और नागरिकों की उन्नति इसके प्रमाण थे।

The reality of Akbar that our history textbooks don’t teach!

Akbar had over 5,000 wives in his harems, and was regularly asked by his Sunni court officials to limit the number of his wives to 4, due to it being prescribed by the Quran. Miffed with the regular criticism of him violating the Quran, he founded the religion Din-e-illahi

सामाजिक भेदभाव: कारण और निवारण

भारत में व्याप्त सामाजिक असामानता केवल एक वर्ग विशेष के साथ जिसे कि दलित कहा जाता है के साथ ही व्यापक रूप से प्रभावी है परंतु आर्थिक असमानता को केवल दलितों में ही व्याप्त नहीं माना जा सकता।

वर्ण व्यवस्था और जाति व्यवस्था के मध्य अंतर और हमारे इतिहास के साथ किया गया खिलवाड़

वास्तव में सनातन में जिस वर्ण व्यवस्था की परिकल्पना की गई उसी वर्ण व्यवस्था को छिन्न भिन्न करके समाज में जाति व्यवस्था को स्थापित कर दिया गया। समस्या यह है कि आज वर्ण और जाति को एक समान माना जाता है जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।