Thursday, May 30, 2024

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Dying Hinduism

मंदिर को नष्ट करके जमीन हडपने की साजिश

भारत में लगातार मुस्लिम, वामपंथी, कांग्रेस, ईसाई चर्च के द्वारा के द्वारा ये कोशिश की जा रही है की मंदिर पे कब्ज़ा करके उस जमीन को हथिया लिया जाये या उस मंदिर को मजार में बदल दिया जाये, जम्मू कश्मीर में 1 हज़ार से भी ज्यादा मंदिर तोड़े गए हैं और उसमे से बहुत को मुस्लिम स्थल में बदल दिया गया है।

हिंदू: बेबस या डरा हुआ

जिन्होंने अपनी पहचान छोड़ी हैं वह हमेशा मिट गया, क्या हुआ फारस का? मिस्र की संस्कृति अब कहाँ सिर्फ पिरामिडो में? माया सभ्यता क्यों नहीं अब? जिन्होंने समझौता किया वो मिट गए, क्या ये सिलसिला अब भारत में नहीं चल पड़ा

A non intellectual Hindu perspective

After all the advantage Muslims have had in India, they don’t seem to be content, especially now that the current government is trying to equalize the status of all Indians irrespective of their religion.

Let us be

We, the Hindus must know that knowledge of our inception is unknown, but the threat of extinction looms ahead.

The after-effects of the Hindu Religious Endowments Act

From 1991, no religious and spiritual leaders are involved in maintenance and administration of the Hindu Temples and Charitable Endowments rather the Temple Management was taken over by the Government. But this was not the case with other religious buildings e.g. Mosques, Churches, Jain temples etc.

एक हिंदू की हिंदूइज़म में घर वापसी

वसुधैव कुटुंबकम में मेरा पूरा विश्वास है पर घर में नियम कायम रखना मेरी जिम्मेदारी भी है और इसके लिए reconcilitary या pacify approach नहीं होगी।

Fallacies of Hindutva

Though there are many positives in the modern Indian state, but not being able to analyse historical and present day threats will be catastrophic in the near future for each and every Indian.

धर्मो रक्षति रक्षितः, परन्तु कैसे?

नरेन्द्र मोदी एवं अन्य उच्च-स्तरीय नेता जैसे माननीय राजनाथ सिंह, अमित शाह आदि का गर्व के साथ अपनी हिन्दू आत्मता को सार्वजनिक जीवन में रखने से सामान्य हिन्दू को यह आत्मविश्वास एवं साहस मिला कि वह जिन बातों को निजी कक्षों में साथियों और मित्रों के बीच ही कहता था, अब उन्हें अभय होकर कर सड़कों तक पर कह पा रहा है।

देखो वो दीवानो ये काम ना करो, अपने अजेंडे के लिए हिंदू धर्म को बदनाम ना करो

बार-बार अपने स्वार्थ परायण के लिए हिंदू धर्म को निशाना बनाना इसलिए संभव है क्योंकि वसुधैव कुटुम्बकम्  इस धर्म की नीड़ में है।

India has charted new territories with the Ayodhya verdict: What the future holds now for other temple causes?

It won't be too optimist to say that the majority don’t have to be the apologists anymore, even after being the victims for centuries.

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