Home Hindi अर्धनारीश्वर का रूप माने जाने वाले किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी करने जा रही है ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अनोखी पहल

अर्धनारीश्वर का रूप माने जाने वाले किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी करने जा रही है ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अनोखी पहल

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अर्धनारीश्वर का रूप माने जाने वाले किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी करने जा रही है ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अनोखी पहल

किन्नर समुदाय के लिए एक अनोखी पहल करने जा रही है *डॉ लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी (महामंडलेश्वर किन्नर अखाड़ा) डॉ आसमा बेगम (वर्ल्ड वुमन की चेयरपर्सन) *अमरेंद्र खटुआ* रिटायर DG (ICCR)

15 दिसंबर 2021 बहुत खास
किन्नर समुदाय के लिए 15 दिसम्बर है खास क्योंकि उस दिन भारत मे पहली बार नेशलन ट्रांसजेंडर कॉन्क्लेव 2021 होने जा रहा है उस दिन रैंप वॉक बॉडी बिल्डिंग एग्जिबिशन संगीत नृत्य ग्रैंड फिनाले म्यूजिकल प्रोग्राम किया जाएगा।

अर्धनारीश्वर का रूप होते हुए भी क्यों दुत्कारें गए
किन्नर समुदाय भारत का ही एक हिस्सा है जिसे हमेशा से नजरअंदाज, भेदभाव, बदसलूकी जैसे कुकृत्य जैसी घटनाओं से होकर गुजरना पड़ता है, हालांकि अब हालात में कुछ हद तक सुधार देखा जा सकता है, लेकिन अब भी किन्नर समुदाय के लिए सभी को आगे आकर बहुत से कार्य करने की जरूरत है।

किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने हमेशा अपने समुदाय के लिए आवाज बुलंद की है और निरंतर वो अपने समुदाय के लिए कार्य करती रहती है, हाल ही में त्रिपाठी और उनकी टीम ने किन्नर समुदाय के महिला व पुरूष किन्नरों को फ्लिपकार्ट में भर्ती करवाई, और उन्होंने बताया कि उन किन्नरों के काम को देखते हुए फ्लिपकार्ट ने 500 नई भर्ती का ऐलान किया है जोकि सिर्फ किन्नर समुदाय की भर्ती करेगा, किन्नरों के उल्लेख हमारे ग्रंथ में भी है अर्धनारीश्वर रूप में भगवान शिव न पूर्ण रूप से पुरुष थे और न पूर्ण स्‍त्री।

अर्धनारीश्वर रूप से जहां सृष्टि में स्‍त्री रूप का सृजन हुआ वहीं किन्नर की भी परिकल्पना हुई। इसीलिए भगवान शिव ही किन्नरों को सृष्टि में लाने वाले माने जाते हैं। डॉ लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी जी के नेर्तत्व में 15 दिसम्बर 2021 को नेशलन ट्रांसजेंडर कॉन्क्लेव 2021 होने जा रहा है इस खबर से ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग बहुत खुश हैं। उनका कहना है कि यह बहुत ही अच्‍छा कदम है। इस समुदाय के लोग प्रोत्साहित होंगे और उन्‍हें समाज में सम्‍मान मिलेगा। और यह ना केवल इस समुदाय के लोगों का जीवन बदलेगा, बल्‍क‍ि दूसरों के जीवन पर भी इसका सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा।

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