Tuesday, December 1, 2020
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हम कब सुधरेंगे और कुछ सीखेंगे

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कल इस देश की एक प्रतिभाशाली बेटी निकिता तोमर को इस देश के लोकतंत्र के मंदिर (पार्लियामेंट) से कुछ ही दूर गोलियों से भून दिया गय। उसको ये छोटी सी सजा उसकी एक बहुत बड़ी गलती के लिये दिया गय। सो कॉल्ड डरे हुए शोसित, शांतिप्रिय लोगो ने उसे देश में भाईचारा और गंगा जमुनी तहजीब में योगदान न देने के लिए ये सजा दी है। गंगा जमुनी तहजीब के किये उसे सिर्फ इस्लाम अपनाकर निकाह ही तो करना था।

और तो वो लोग  कुछ ज्यादा मांग नहीं रहे थे, उसपर भी इस देश की बेटी ने इस देश के तथाकथित शोसित, शांतिप्रिय लोगो को निरास ही किया। उसके भाई को भी सजा मिलनी चाहिए जो भाई चारा बढाने के लिए अपनी मासूम सी बच्ची को उन भाईजान उनके सामने चारा बनाकर नहीं डाल दिय। थोड़ा सा जिस्म ही तो नोचते, परन्तु इतना कर के देश में कितना भाई चारा बढ़ता ये नहीं पता था उसके भाई को। इस देश में भाईचारा बढ़ाने का सबसे सही तरीका यही है की हिन्दू अपनी बेटी और बहनो को चारा समझ कर उन भाईजान के सामने डाल दे।

आप न्यूज़ तो देखते ही होंंगे। इस देश के सबसे बड़े सिकुलर प्रोपेगंडा न्यूज़ चैनल NDTV ने तो इस को आज रात १:२४ बजे तक इसे छापना जरुरी नहीं समझा। कोई गाँधी, कोई आंका बांद्रा नहीं गए पीड़ित परिवार के पास। परिवार से मिलना तो दूर एक ट्वीट भी नहीं किया है। क्यों? क्योकि उन सबको पता है इस देश का हिन्दू डरपोक है। उसे कोई फर्क नहीं पड़ता है, उसे तो बस चिंता है, तो बस अपने रोजगार की और अपने बच्चो के भविष्य की। उसे ये समझ में नहीं आ रहा है की रोजगार मिलने के बाद भी उसके परिवार के लोगो की जानऔर इज्जत सुरक्षित है। आप सीसी टीवी फुटेज में देख सकते है लोग देख रहे है पर कोई उसे  बचाने की हिम्मत नहीं कर पाया। क्या फर्क पड़ता है किसी को? कल जब आप की बहन और बेटियों के साथ होगा तो समझ में आएगा।

अब आप इस को ऐसा सोचिये, यही घटना किसी मुस्लिम बेटी के साथ कोई हिन्दू किसी मुस्लिम एरिया में करता तो क्या हालत होती। पहली बात तो ये है की वो उन हिन्दू लड़को का क्या करते, ये बात आप भलीभांति सोच सकते है। दूसरी बात, ये तथाकथित पत्रकार, भारत से ले कर अमेरिका तक भारत का नाम रोशन कर चुके होते।  हिन्दू रेपिस्ट और दरिंदा भी पैदा हो चूका होता, हिन्दू आतंकवादी की तरह। तीसरी बात, ये सिकुलर फुट फुट कर रुदन करते हुए हिन्दू लड़के की कास्ट ढूढ़ रहे होते। और आप घर में टीवी देखते हुए उसे गली दे रहे होते।

इस तरह की घटनाओ का उपचार क्या है? पुलिस या गवर्नमेंट। जी नहीं आप गलत सोचते है, दोनों नहीं है। पुलिस हरा एक लड़की के साथ तो नहीं रह सकती। न ही भारत की सरकार वोट बैंक पॉलिटिक्स से निकल सकती है, चाहे जिसकी भी सरकार हो। भूल जाओ कोई भी गवर्मेन्ट कुछ करने वाली है। आज से दो साल पहले भी इसी बच्ची को किडनैप कर लिये गया था।  इन्ही शांतिप्रिय लोगो के द्वारा। पुलिस ने क्या किया? प्रेशर डाल के समझौता कारा दिय। लोकल विधायक ने भी कुछ नहीं किया।

एक बात हम और आप समझ जितना जल्दी समझ ले उतना ही अच्छा है, की कोई भी आपके लिए कुछ नहीं करेगा। जो करना है, आप को ही करना है। इसके  दो ही उपाय हैं, पहला, एक हिन्दू की तरह एक होना और दूसरा उन्हें उनकी ही भाषा में समझाना। जब तक आप यूनाइट नहीं होंगे, निडर हो कर आप खुद सामना नहीं करोगे, आप के साथ ये होता ही रहेगा, क्योकि उनके अंदर इतनी शक्ति तो आप ने ही भरी है, की आपके सामने आपके बच्ची को उठा ले जाते है, मार देते है और आप पुलिस और गवर्नमेंट के नाम पे रोते रहते है।  

ऐसा क्यों करते है हम और आप? या तो हम सबने ने खुद को कमजोर बना लिया है, या फिर कमजोर होने का बहाना बना रहे है। खुद कुछ नहीं कर सकते है। जब तक आप कमजोर है, न कांग्रेस आएगी, न बीजेपी आएगी न ही पुलिस आएग। आपको अपने बच्चो को सही शिक्षा देना होगा जो स्कूल नहीं देते है। अपने आप को बजबूत बनाना होगा, आपके बच्चियों और बहनो के ओर उठने वाले हाथो को  तोडना और आँखों को फोड़ना होगा। तभी कुछ समय के बाद पुलिस और सरकार भी आप की मदद के लिए आगे आएगी, क्योकि की मजबूत के सभी मदद करते है तथा कायरो और कमजोरो की कोई भी मदद नहीं करना चाहता, आप स्वयं भी दूसरे कमजोरो की मदद नहीं करेंगे। दूसरो से आशा रखने से बेहतर है की खुद के लिए खड़े होना सीखिए। जब आप ये सीख जायेंगे, लोग आगे आएंगे आप की मदद करने के लिए, उससे पहले मदद की आशा रखना बेईमानी है।

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