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महेंद्र सिंह धोनी: A natural leader

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महेंद्र सिंह धोनी: A natural leader

2004-05 में एक लंबे बालों वाला लड़का भारतीय क्रिकेट टीम में चयनित होता है, जिस देश में क्रिकेट एक धर्म के समान है, वहां भी क्रिकेट प्रेमियों को ये नहीं पता था कि आगे चलकर ये लड़का क्या करने वाला है, शुरूआत में तो वे बस लंबे लंबे छक्के देखकर ही खुश होते रहे, क्रिकेट खलीफाओं ने आरोप लगाए विकेट कीपिंग तो अच्छी है लेकिन बल्लेबाज़ी अपरम्परागत ढंग की है।

कारण भी था, पहले कुछ मैचों में औसत प्रदर्शन, सेलेक्टर्स ने और मौका दिया, और इसके मौके को भुनाया भी गया। चाहे पाकिस्तान के खिलाफ 148 या श्रीलंका के खिलाफ 300+ रनों के लक्ष्य का मज़ाक बनाते हुए 183 रन की पारी हो।

धीरे धीरे करके 3 साल बाद टीम की कप्तानी सौंप दी जाती है, फिर शुरुआत होती है भारतीय क्रिकेट के एक नए युग की।

उस वक्त विश्व क्रिकेट पे ऑस्ट्रेलिया का दबदबा हुआ करता था, इस खिलाड़ी के नेतृत्व में टीम 2007 का टी ट्वेंटी वर्ल्डकप जीत के ये दिखा देती है कि हम किसी से कम नहीं, मैच दर मैच, घरेलू हो या बाहरी इस खिलाड़ी ने हर वो करतब कर दिखाया जो क्रिकेट प्रेमी मन में भी नहीं सोच सकते थे।

जिस मैच में उम्मीदें खत्म हो जाती थीं, 5वे नम्बर पे आकर बल्लेबाज़ी करने वाले ने आखिरी गेंद तक संघर्ष कर के मैच जिताया।

2011 का विश्वकप जीतने के बाद तो मानो एक धारणा बन गयी, जैसे सचिन के आउट होने के बाद माना जाता था कि मैच गया हाथ से, वैसे ही फंसे हुए मैच में ये देखकर सुकून रहता था कि अपना खिलाड़ी है अभी, संभाल लेगा।

देश की सेना से असीम प्रेम झलकता रहा इस खिलाड़ी के हर छोटे बड़े कारनामों में। चाहे वो कश्मीर में पैट्रोलिंग की ड्यूटी हो, या मैदान पे सेना के ‘बलिदान’ बैज वाले ग्लव्स पहन के उतरना।

यूपी, बिहार, झारखंड के वो खिलाड़ी जो बड़ी बड़ी अकादमी के दम पर नहीं अपनी मेहनत और लगन के दम पर आए और छा गए, वो एक संदेश देते हैं कि कुछ भी असंभव नहीं है, मेहनत की जाए तो सफलता मिलनी ही है, वरना टिकट चेकर कोई बुरा काम नहीं है, लेकिन जो सपना देखा, वो पूरा किया मेहनत से।

आखिर में यही कहना है चाहे जो आये जाए धोनी बनना आसान नहीं है जिसे रिस्क से इश्क हो जाता है, जो जुनून को जीने की आदत बना लेता है वही धोनी कहलाता है, यादें कभी रिटायर नहीं होतीं चाहे वो पलक झपकते विकेट के पीछे से गिल्लियां उड़ाने की हों या आखिरी गेंद पे बाउंड्री मार के मैच जिताने की।

पद्म श्री, पदम् भूषण, खेल रत्न, लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी, देश को सेवाएं देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।
Thank you Dhoni.

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