Tuesday, October 20, 2020

TOPIC

Sushant Singh Rajput

BJP cannot afford to be indecisive in Sushant Singh’s case

BJP should realize that majority is with them because they know BJP is bringing in changes and justice with transparency. Now it’s time for the BJP leadership to show that investigating agencies are truly independent, fearless, and if required they can act against person of any privilege and stature.

वन्स अपॉन ऐ टाइम इन मुंबई …नाउ इन उत्तर प्रदेश!

आज सुशांत हमारे बीच नहीं है पर जब जब उत्तर प्रदेश फिल्म सिटी की बात की जाएगी सुशांत सिंह राजपूत का नाम स्वतः ही सबको याद आएगा। मेरी मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से सविनय निवेदन है की प्रस्तावित फिल्म सिटी में सुशांत के नाम पर कुछ न कुछ जरूर बनाया जाए।

India is watching

Every institution in the country, however powerful, derives its justification from the people. The reawakening in the civilisation is visible. The cause of the yearning is not because Modi is in power. Modi is in power because of the awakening. The expression has just begun.

Powerless and insignificant tech savvy fans!

If the laws, rules and regulations are same for the people of the industry and the rest of India, then who is responsible for carving out a different set of rules for the popular celebrities in the industry?

Why Sushant Rajput’s mysterious death is a gateway to the troubled Bollywood and why India has to bring in the CBI to investigate it

The demand to probe Sushant Singh Rajput's death is OK but that will only make his fans and family happy. The CBI needs to investigate Bollywood itself. That will bring down Bollywood and it can convert to Indian cinema.

ये दर्द काहे खत्म नही होता, बे

बुद्धिजीवि पत्रकार, प्रोफेसर, बिन्दी झोला ब्रिगेड, सर्पनगरी बॉलीवुड के शेषनाग इत्यादि लोग ऐसे तर्क प्रस्तुत करते है, जो हमारी सूक्ष्म सोच पर वज्र सा प्रहार करते है, मस्तिष्क सुन्न हो जाता है।

A case of conditional feminism

Why is the definition of feminism so shallow that a woman would support another woman ONLY if her agenda is met? Are we giving the right environment to our future generations?

स्तरहीन पत्रकारिता का दौर

गर्व करने योग्य देश की उपलब्धियां हैं बल्कि जनमानस में सकारात्मकता फैलाने वाली खबरें हैं- आपदा को अवसर में बदलने की बहुत से कदम भी उठाए गए जैसे आत्मनिर्भर भारत की नींव और वोकल फ़ॉर लोकल का संकल्प। लेकिन शायद ही खुद को चौथा स्तंभ मानने वाली देश की मीडिया ने इन खबरों का प्रसारण किया हो अथवा किसी भी प्रकार से देश की इन उपलब्धियों से देश की जनता को रूबरू कराने का प्रयत्न किया हो।

Time for nepotism is over

Bollywood influences our lives, but all in wrong ways!

जांच या न्याय (सुशांत सिंह राजपूत)

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के बिहार सरकार के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बरकरार रखा।

Latest News

शांत कश्मीर और चिदंबरम का 370 वाला तीर

डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के सबसे शक्तिशाली मंत्रियो में से एक चिदंबरम आज वही भाषा बोल रहे है जो पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर बोलता आया है। चिदंबरम यही नहीं रुके उन्होंने अलगाववादियों को भी महत्व देने की बात कही है।

मिले न मिले हम- स्टारिंग चिराग पासवान

आज के परिपेक्ष्य में बिहार का चुनाव कई मायनो में अलग है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पारम्परिक राजनीती वाली रणनीति का अनुसरण कर रहे है तो वही युवा चिराग और तेजस्वी विरासती जनाधार को नए भविष्य का सपना दिखने का प्रयास कर रहे है।

How BJP can win seats in Tamil Nadu and Kerala

It is time for BJP to eye on Tamil Nadu and Kerala. In Lok Sabha election 2024 BJP will win ±15 seats in TN and ±3 seats in Kerala.

Brace for ad Jihad

Delusionary fairy tale

Why this hullabaloo about shifting Bollywood?

Let the new film city emerge as the genuine centre for producing high quality films that are genuinely Indian and be helpful in building a strong value-based society.

Recently Popular

Jallikattu – the popular sentiment & ‘The Kiss of Judas Bull’ incident

A contrarian view on the issue being hotly debated.

सामाजिक भेदभाव: कारण और निवारण

भारत में व्याप्त सामाजिक असामानता केवल एक वर्ग विशेष के साथ जिसे कि दलित कहा जाता है के साथ ही व्यापक रूप से प्रभावी है परंतु आर्थिक असमानता को केवल दलितों में ही व्याप्त नहीं माना जा सकता।

How I was saved from Love Jihad

A personal experience of a liberal urban woman and her close brush with Islam.

Twitter wrongfully reports Jammu & Kashmir’s location again

In February of this year Twitter was accused of getting Jammu & Kashmir’s location wrong.

हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाना कहां तक उचित है??

विज्ञापन में दिखाए गए पात्रों के धर्म एक दूसरे से बदल दिए जाएं तो क्या देश में अभी शांति रहती। क्या तनिष्क के शोरूम सुरक्षित रहते। क्या लिबरल तब भी अभिभ्यक्ती की स्वतन्त्रता की बात करते।