Friday, June 25, 2021

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Supreme Court Judges

एक गलत फैसला और न्याय व्यवस्था पर उठते सवाल

नागपुर एकल पीठ की न्यायमूर्ति पुष्पा गनेडीवाला ने पौक्सो एक्ट को अपने तरीके से परिभाषित करते हुए 12 वर्षीय एक बच्ची पर हुए यौन हमले के लिए नागपुर सत्र न्यायालय द्वारा पौक्सो एक्ट के तहत इस मामले में दोषी ठहराए गए सतीश बंधु रगड़े को इस अपराध से मुक्त कर दिया।

“अवमानना (Contempt), न्यायालय की अवमानना व सर्वोच्च न्यायालय”

अदालत के लिए केवल एक आवश्यकता यह है कि उसके द्वारा ऐसी प्रक्रिया का पालन किया जाए, जो न्यायसंगत है, न्यायपूर्ण है और न्यायालय द्वारा तय किए गए नियमों और उस पर व्यक्त किये गये जनता के भरोसे के अनुसार है।

दो पहिए वाली भारतीय न्यायपालिका और न्याय व्यवस्था

भारत के मुख्य न्यायाधीश महोदय माननीय श्री शरद अरविंद बोबडे जी की एक फोटो सामने आई जिसमें वो नागपुर में एक महंगी विदेशी मोटरसाइकिल पर बैठे हुए देखे गए थे। लोगों ने इस तस्वीर को देखकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया जा़हिर की।

An open letter to the Prime Minister of India for judicial reform

By entertaining so much worthless Public Interest Litigation, Judiciary is able to successfully exert pressure on government and divert the focus from their incompetence because Public Interest Litigation give them undue popularity and hide their incompetence and shortcomings especially at the lower Judiciary level.

Take a bow our Supreme Court has now become truly supreme

We now have a bench strength of 34 which never sits together as one, but split as benches of 2 or more and hears a variety of causes on their Boards, as picked and chosen by the Chief Justice of India as Master of the Roster.

क्या केवल झूठ और छल फरेब पर ही टिकी है कांग्रेस की राजनीति?

कांग्रेस पार्टी ने पिछले 70 सालों में न्यायपालिका पर अपनी ऐसी पकड़ बनाई है और इस संस्था को इतना शर्मशार किया है जिसका अंदाज़ा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 5 सालों में मोदी सरकार किसी भी कांग्रेसी को तमाम सुबूतों के बाबजूद हवालात के अंदर नहीं डाल पायी है.

Dear Supreme Court of India, we the citizens expect just a little from you

The supreme court needs to understand that their job is not to govern people, their job is to ensure that the people of the country govern themselves in the best possible way

Do we need vague idea of ‘constitutional morality’ when we have written exhaustive constitution?

We have such an exhaustive elaborate written constitution suitable to the diversity and culture of India and the needs and aspirations of its people which just needs its textual interpretation depending upon the context.

Impeachment of the CJI is nothing but a desperate attempt by opposition to stay relevant

The opposition should ensure the charges are not inspired by political vendetta.

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