Thursday, April 22, 2021

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Mamata Banerjee

खेला होबे या विकास होबे

मोदी जी का कहना है कि, ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास ‘ यही भारत के विकास के मूलमंत्र हैं। भारत की राजनीतिक पार्टियां इन नारों को आत्मसात कर ले, तो किसी प्रकार की खेला खेलने की जरूरत न होगी।

सी- वोटर के ओपिनियन पोल का सार दीदी की विदाई और भाजपा की अगुवाई?

ओपिनियन पोल में एक और जानकारी दी गयी है जो दीदी के सरकार बनाने के सपने को चकनाचूर कर सकती है.

AITC or IPAC: Who is running the show in West Bengal

Mamata Banerjee who has successfully led AITC since 1998, really needs an outsider like Prashant Kishor?

लोकतंत्र के महापर्व में जागृत होता बंगाल और ममता दीदी की बौखलाहट

मता ने कभी देश की परवाह ही नहीं की, उनके लिए चुनाव जीतना ही हमेशा महत्वपूर्ण रहा। चुनाव जीतने के इसी लालच में उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों को भी पश्चिम बंगाल में आने दिया। न सिर्फ आने दिया बल्कि उनको बसाया भी।

Political murder and Bengal

According to NCRB (National Crime Record Bureau) their data shows Bengal recorded highest political murders in 2019, Police data showed that 47 political killings involving BLP and TMC workers since 2019 Lok Sabha Elections.

बंगाल चुनाव देश की राजनीति की दिशा तय करेगा

बंगाल का यह चुनाव तृणमूल बनाम भाजपा मात्र दो दलों के बीच का चुनाव नहीं रह गया है बल्कि यह चुनाव देश की राजनीति के लिए भविष्य की दिशा भी तय करेगा। बंगाल की धरती शायद एक बार फिर देश के राजनैतिक दलों की सोच और कार्यशैली में मूलभूत बदलाव की क्रांति का आगाज़ करे।

जांबाज पुलिस

"बीजेपी और आरएसएस के एजेंट पाए जाने पर सख्त कार्यवाही होगी। बुकिंग था कि नहीं यह जांच का विषय नहीं है! धार्मिक आधार पर भेदभाव बर्दास्त नही होगी। "नो बॉडी विल ट्राय टू डिस्टर्ब कम्युनल हार्मोनी इन बंगाल! मा माटीर मानुस! जय बंगला! अमार बंगला! सोनार बंगला! विश्व बंगला! जय कोलकाता पुलिस।"

Mamata Banerjee and her oppression politics, can she win again?

As Bengal gearing up for upcoming "Vidhan Sabha" election, parties already preparing to build their consent through online campaigns, it is probably going to be the toughest challenge against Mamata Banerjee where her oppression politics has no gain.

Jinxed freedom of press and the government of West Bengal

Right to freedom of expression has definitely been jinxed in Bengal, be it for a common man or a media person. Day by day the situation is getting worse and you can't do anything about it but to mourn in silence while tweets like this keep mocking you.

Amphan and the indignant clamour of intellectual Bengalis on social media

Suddenly people see resilience and strength in their great leader Ms. Bannerjee irrespective of the fact that she mostly did nothing other than immediately started asking for funds from center and made token tours of a few areas.

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