Friday, February 26, 2021

TOPIC

Liberals' problem with Hinduism

Smashing the false narrative on India’s Hindu movement

There is a narrative being pushed by ‘intellectuals’ in India that Modi and the Hindu movement in general pose a threat to this fundamental pillar of India’s Democracy. That narrative is laughable and deeply flawed.

Breaking News: “Indian Institutes of Victimology” to prepare our youth for the 21st Century

As per the new liberal, social justice enabled 'No Education Policy,' a new series of IIVs is going to be set up in all State Capitals of India, to prepare our youth in the avant-garde studies and reap its emergent economic possibilities by way of job-orientedness and 100% placement.

3 reasons why I am not a secular anymore

Why is it that we wake up one day and find ourselves in a Dharamsankat whether to choose the chalta hai attitude and be accepted or support the truth and ekla Chalo re?

भारत के गौरव के विषय वामपंथियों के काले दिवस

6 दिसंबर भारतीय समाज के लिए गौरव/शौर्य का दिन हैं। क्योंकि इसी दिन जन-जन के आराध्य अयोध्या पति प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था। भारतीयों ने इसे शौर्य दिवस के रूप में मनाया तो वामपंथियों ने खुलकर तो कांग्रेस ने लुकाछिपी करते हुए खून के आंसू बहाऐ!

प्राण व दैहिक स्वतंत्रता अनुच्छेद 21

हमारे सनातन धर्म की मूल भावना "जीयो और जीने दो" तथा "सभी जीवो को अपना जीवन अपनी ईच्छा से जीने का अधिकार है" में निहित है मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने भी अपने संपूर्ण जीवन काल मे प्रत्येक जीव के प्राण व दैहिक स्वतंत्रता को अमुल्य व सर्वोपरि मानकर प्रतिष्ठित किया

हिंदूफोबीया ग्रस्त बॉलीवुड और वेब सीरीस

आजकल भारतीय फ़िल्मों में हिंदू देवी देवताओं का, हिंदू धर्मगुरुओं का उपहास बहुत ही सहजता से आ जाता है। कई सिरीज़ में हिंदू बाबा विलेन के किरदार में भी दिखाई देते हैं। कुछ सिरीज़ में ऐसा भी दिखता है कि बॅकग्राउंड में मंत्र बज रहे हैं और कोई हिंदू पंडित हत्या करने जा रहा है या किसी को हत्या का आदेश दे रहा है।

iLL-Liberals

The story of Indian ‘liberals’ has mostly been one of loud words and selective actions to suit their own narrative. They act as self-appointed messiahs but have themselves become the type of dogmatic cult that they professed they wanted to fight against. It’s apt that we titled this article “ill liberals” because they have clearly been ill for a long time, suffering from the megalomaniacal belief that they are the sole custodian of truth and the gatekeepers of morality and justice stifling every opposing view.

उदारवादी या हिन्दू विरोधी?

लिबरल शब्द से तो ऐसा लगता है कि ये उदारवादी प्रवृत्ति के होंगे पर ऐसा नहीं है। ये अव्वल दर्जे के पाखंडी हैं जिनका एक मात्र काम है हिन्दू धर्म के खिलाफ टिप्पणी या कार्य करना। ये हर वो चीज़ का उपहास करेंगे जो हिंदुओं की भावनाओं से जुड़ी हुई हैं।

भारत में ब्राह्मण होना (अच्छा या बुरा)

शायद आज के भारत में ब्राह्मण होना 1930 के जर्मनी में यहूदी होने जैसा है। यहूदी जर्मनी की आबादी का एक बहुत छोटा हिस्सा थे, फिर भी जर्मनी की लगभग सभी समस्याओं के लिए दोषी ठहराया गया था।

वामपंथ: “अ” से लेकर “ज्ञ” तक

चूंकि वामपंथी अराजकता का समर्थन करते हैं और उनका मानना है कि वर्तमान में जो तंत्र, जो व्यवस्था देश में है वह भ्रष्टाचार से लिप्त है और इसे उखाड़ कर फेंक देना चाहिए और नये सिरे से साम्यवादी सिध्दांतों के साथ नया तंत्र बनाना चाहिए।

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