Friday, December 4, 2020

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Liberals' problem with Hinduism

प्राण व दैहिक स्वतंत्रता अनुच्छेद 21

हमारे सनातन धर्म की मूल भावना "जीयो और जीने दो" तथा "सभी जीवो को अपना जीवन अपनी ईच्छा से जीने का अधिकार है" में निहित है मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने भी अपने संपूर्ण जीवन काल मे प्रत्येक जीव के प्राण व दैहिक स्वतंत्रता को अमुल्य व सर्वोपरि मानकर प्रतिष्ठित किया

हिंदूफोबीया ग्रस्त बॉलीवुड और वेब सीरीस

आजकल भारतीय फ़िल्मों में हिंदू देवी देवताओं का, हिंदू धर्मगुरुओं का उपहास बहुत ही सहजता से आ जाता है। कई सिरीज़ में हिंदू बाबा विलेन के किरदार में भी दिखाई देते हैं। कुछ सिरीज़ में ऐसा भी दिखता है कि बॅकग्राउंड में मंत्र बज रहे हैं और कोई हिंदू पंडित हत्या करने जा रहा है या किसी को हत्या का आदेश दे रहा है।

iLL-Liberals

The story of Indian ‘liberals’ has mostly been one of loud words and selective actions to suit their own narrative. They act as self-appointed messiahs but have themselves become the type of dogmatic cult that they professed they wanted to fight against. It’s apt that we titled this article “ill liberals” because they have clearly been ill for a long time, suffering from the megalomaniacal belief that they are the sole custodian of truth and the gatekeepers of morality and justice stifling every opposing view.

उदारवादी या हिन्दू विरोधी?

लिबरल शब्द से तो ऐसा लगता है कि ये उदारवादी प्रवृत्ति के होंगे पर ऐसा नहीं है। ये अव्वल दर्जे के पाखंडी हैं जिनका एक मात्र काम है हिन्दू धर्म के खिलाफ टिप्पणी या कार्य करना। ये हर वो चीज़ का उपहास करेंगे जो हिंदुओं की भावनाओं से जुड़ी हुई हैं।

भारत में ब्राह्मण होना (अच्छा या बुरा)

शायद आज के भारत में ब्राह्मण होना 1930 के जर्मनी में यहूदी होने जैसा है। यहूदी जर्मनी की आबादी का एक बहुत छोटा हिस्सा थे, फिर भी जर्मनी की लगभग सभी समस्याओं के लिए दोषी ठहराया गया था।

वामपंथ: “अ” से लेकर “ज्ञ” तक

चूंकि वामपंथी अराजकता का समर्थन करते हैं और उनका मानना है कि वर्तमान में जो तंत्र, जो व्यवस्था देश में है वह भ्रष्टाचार से लिप्त है और इसे उखाड़ कर फेंक देना चाहिए और नये सिरे से साम्यवादी सिध्दांतों के साथ नया तंत्र बनाना चाहिए।

Open letter to liberals

Many of you while writing about black lives matter have juxtaposed that Muslim lives too matter. However comparing Muslim lives in India to black lives is like comparing apples and oranges.

धुर्वीकरण की राजनीति से भारत का हितोपदेश

2014 के बाद देश कई तथाकथित राष्ट्र्वादी पत्रकार मैदान में उतरे हो जिसे उस बहुसंख्यक समाज ने ये मौका दिया जो तथाकथित महा उदारवादी पत्रकारों की न्यूज के व्यूज को गलत मान कर भी थाली में सरकाई रोटी खा रहा था।

यूट्यूब और कॉमेडी के मंच से लिब्रान्डुओं और वामपंथियों का हिन्दू विरोध का नया धंधा

भारत एक ऐसा धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र जहाँ हिन्दुओं के विषय तो कुछ भी कहा जा सकता है किन्तु मुसलमानों और ईसाईयों के विषय में कुछ कहना तो दूर सोचना भी अपराध है। संविधान द्वारा प्रदान की गई पूरी फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन मात्र हिन्दू धर्म और सनातन में पूज्य देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणियां करने में उपयोग में लाई जाती है।

Beginner’s guide for the Indian Liberalism exam

It is important to remember that Indian Liberal’s love for India is not desi love. Indian Liberal loves India the way an outsider would love India.

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