Tuesday, May 21, 2024

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Kashi Vishwanath temple

The places of worship (special provisions) act, 1991, काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद

मुसलिम तुष्टिकरण के अंधी दौड़ में आँखे बांधकर दौड़ने वाली अंग्रेजो द्वारा निर्मित कांग्रेस किस प्रकार हम सनातन धर्मीयो को धोखा देती चली आ रही है। खैर ये अधिनियम तो बिलकुल भी ओवैसी और कश्मीर की ज़हर उगलने वाली खातून मेहबूबा मुफ़्ती को कुछ भी नहीं दे पायेगा।

काशी की धरा अब डोल रही है मुक्ति मुक्ति बोल रही है – कविता

काशी की धरा अब डोल रही है; मुक्ति मुक्ति बोल रही है. बाबा का नंदी जाग उठा है; प्रभु के दर्शन को खड़ा है

काशी विश्वनाथ मंदिर और बाह्य अक्रान्ताओ का आक्रमण

दैवीय और असुरी शक्तियों के मध्य अनादिकाल से ही सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के सञ्चालन के संदर्भ में मतभेद रहे हैं और इसी कारण असुरी शक्तियों ने सदैव दैवीय शक्तियों के विनाश के लिए अनवरत प्रयास किया है

योगी आदित्यनाथ दुबारा बनेंगे मुख्यमंत्री; राजतिलक की करो तैयारी

उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बना रहे है योगी आदित्यनाथ

UP election: The perfect blend of “Kamandal and Mandal” politics

With more than 400 state assembly seats and around 80 loksabha seats UP tops the priority meter of any political party weather it is...

Restoration of glory of Sanathan Dharma and true narration of history of Bharat by PM Modi

“For Every Aurangazeb, there has been a Shivaji”- One of the most powerful & meaningful statements reflecting the history of world’s most ancient civilization...

India towards fulling Kabiguru Tagore’s dream on Hindu heritage

Hindu people will be grateful to the Prime Minster Narendra Modi for his monumental efforts to bring back and rekindle the long lost heritage of Kashi, the landmark of Sanatani culture.

कैसे बना नरेंद मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘दिव्य काशी, से भव्य काशी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को 54 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बने काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास किया था। शिलान्यास के 33 महीने और 4 दिन बाद, 13 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे लोकार्पण। इसके साक्षी केवल उत्तर प्रदेश के काशी की जनता ही नही बल्कि पूरा देश, और दुनिया के शिव भक्त भी बनेंगे।

A Nandi that’s facing the wall

The original temple of Kashi was demolished by Aurangzeb and there was no Kashi Vishwanath temple for more than 100 years. Later in 1775, Ahalyabai Holkar built a new structure adjacent to Gyanvapi Mosque which we now worship as Kashi Vishwanath Temple.

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