Tuesday, November 24, 2020

TOPIC

Indian pseudo feminism

Is application of western feminist logic to Indic practices justifiable?

Self styled feminists eagerly wait for occasions like Navaratri and Durgostsava to slander Indic virtues. But to what extent does this criticism holds ground is a matter of question which we need to address.

Western feminism विष, नारी शक्ति अमृत है

विश्व के मुख्य तीन बड़े धर्म इस्लाम, क्रिश्चियनिटी और सत्य सनातन हिंदू धर्म में से हिंदू धर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म है जिसमें परमेश्वर के स्त्री रूप को समान मान्यता दी गई है। भगवान शिव को कई अलग-अलग रूप में पूजा जाता है। जिनमें से एक है उनका अर्द्धनारीश्वर रूप। शिव का यह अवतार स्त्री और पुरुष की समानता दर्शाता है।

सुनो तेजस्विनी, सिगरेट, शराब, ड्रग्स, गाली गलौच “कूल” नहीं है

पिछले लगभग ढाई दशकों में कुछ अपवादों को छोड़कर स्त्री विकास या स्त्री सशक्तीकरण पर बाज़ार और उपभोक्ता संस्कृति का प्रत्यक्ष प्रभाव रहा है, जिसके कारण उसका संघर्ष शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, निर्णय क्षमता और अधिकार, आध्यात्मिक विकास जैसे मूल विषयों से भटक कर, “मैं जो चाहूं वो करूँ” पर सिमट कर रह गया है।

A case of conditional feminism

Why is the definition of feminism so shallow that a woman would support another woman ONLY if her agenda is met? Are we giving the right environment to our future generations?

Religious secularism

With the hypocritical standards which are followed in this country, a person is looked down upon to celebrate an historical moment in his religion.

सुनो तेजस्विनी, ब्रा स्ट्रैप में मत उलझो..

उदारवादी और वामपंथी महिला समूहों ने ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास किया मानो, ब्रा स्ट्रैप छुपाने के लिए टोका जाना ही आज की लड़की के जीवन की सबसे बड़ी समस्या है।

फेमिनिज्म वायरस की भारतीय सेना में घुसपैठ

सेना शायद राजनीतिक, मीडिया या सामाजिक दबाव में महिलाओं को रियायत दे भी दे, मगर क्या मुश्किल समय और सेना की कठोर नौकरी में आने वाली कोई आपातकालीन स्थिति हमको कोई रियायत देगी?

पितृसत्तात्मक समाज से वामपंथी नारीवादियों का महायुद्ध

यदि समाज इतना ही पितृ सत्तात्मक था तो ब्रह्म वादिनी स्त्रियाँ कहाँ से आयीं? यदि समाज इतना ही पितृ सत्तात्मक था तो शंकराचार्य और मंडन मिश्र के शास्त्रार्थ का निर्णायक भारती को क्यों बनाया गया?

Sita; the wisdom personified

These facts regarding Devi Sita suggest explicitly that, we must avoid being highly judgmental regarding her because she is sufficiently competent to prove herself unequivocally.

Savitri Katha – A tale of a powerful woman

Savitri stood for everything which a modern feminist shall strive for. Independent, assertive, devotion, wisdom, intelligence, and a fighting spirit.

Latest News

अस्थिर और बौखलाए पाकिस्तान का विधुर विलाप

बीते सप्ताह पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी एवं आईएसपीआर के डायरेक्टर जनरल बाबर इफ्तिखार ने एक प्रेस वार्ता के दौरान भारत पर तंज कसते हुए यह आरोप लगाया के भारत, पाकिस्तान को अस्थिर करने की मंशा रखने के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। यह वैसा ही है जैसा फिल्म वेलकम में उदय भाई का कहना कि मजनूं उनकी एक्टिंग स्किल्स से जलता है।

प्लास्टिक एक घातक हथियार

क्या आपने कभी प्लास्टिक प्रदूषण के नकारात्मक प्रभावों के बारे में सोचा है कि हम अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण पर दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं?

A deliberate attempt of Varanasi

A city beyond imagination, a city where India starts and ends. A city of magical moments and experience of life.

The second childhood

Statistics show that old age homes in India are increasing rapidly. According to 2020 study, over 39 thousand senior citizens in India received institutional assistance.

Why has “Dangal” become the highest grossing Hindi film?

Dangal won many awards such as Filmfare Awards, Mirchi Music Awards, News 18 Movies Awards, Zee Cine Awards, National Film Awards, Star Screen Awards, and many more.

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Republic’s democracy gets vanquished in inequity

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गुप्त काल को स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है

एक सफल शासन की नींव समुद्रगप्त ने अपने शासनकाल में ही रख दी थी इसीलिए गुप्त सम्राटों का शासन अत्यधिक सफल रहा। साम्राज्य की दृढ़ता शांति और नागरिकों की उन्नति इसके प्रमाण थे।

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