Monday, March 1, 2021

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Fashion of abusing Hindu Culture

पत्रकार मनदीप पूनिया के प्रति मेरी घोर संवेदनाएं है!

मनदीप पूनिया एक पात्र है और ऐसे हजारों छात्र देश के हर विश्वविद्यालय में ट्रैप में फंसते हैं। व्यवस्था विरोध में फेक न्यूज की फैक्ट्री ही नहीं नक्सली भी बनते हैं। वो वैचारिक जोम्बी बनकर अपने आला का हुक्म बजाते हैं। फिर जोम्बिज का श्रृंखला बनता ही रहता है।

धार्मिक भावनाएं और अभिव्यक्ति की आज़ादी

पेंटर हुसैन हो या ताजातरीन केस ऑफ़ मुनव्वर फारुकी, ये सेलेक्टिवली सेक्युलर लोग हिन्दू देवी देवताओं का अपमान करने में खुद को कूल डूड समझ पैसा कमाते हैं।

3 reasons why I am not a secular anymore

Why is it that we wake up one day and find ourselves in a Dharamsankat whether to choose the chalta hai attitude and be accepted or support the truth and ekla Chalo re?

ठग लेंगे, ठग लेंगे, पण्डे ठग लेंगे – क्या सच में?

तथाकथित उदारवादियों और वामपंथियों ने अत्यंत सूक्ष्मता से हम सनातन लोगों के मानस में उस प्रत्येक व्यक्ति, प्रक्रिया, स्थान, विचार, संस्कार, परंपरा के प्रति अनासक्ति उत्पन्न की है जो हमें हमारी पहचान या मूल से जोड़ता है. हमें अपने अस्तित्व के प्रति आस्थावान बनाता है.

लाला लाजपत राय व आंबेडकर का वो डर हिन्दुओं के लिए इस्लाम को लेकर, देश को पुनः खंडित करने का आभास दिला रही है

ये चिंतन करने का विषय है कि आग कहीं न कहीं जलती रहती है इसीलिए इस देश के इतने टुकड़े करने के बाद भी धर्म के आधार पर फिर से उसी मोड़ पर खड़े होकर धुआं निकलते हुए देखते रहते हैं।

भगवान का धर्मंतार्ण हिन्दोस्तान में

हिंदुत्व धर्म से ज्यादा एक जीवन पद्धति है, जिसे कोई भी गैर-हिन्दु अपने धर्म में आस्था रखते हुए भी सिर्फ़ श्रधाभाव, सहिष्णुता और अच्छे आचरण से अपना सकता है।

Return of Aurangzeb era

Chhatrapati Shivaji was the champion of safronisation in Mughal Era, he never gave up the against the evil practices of Aurangzeb who is known...

What Twitter Trads have got wrong about Sadhguru Jaggi Vasudev and they must see the bigger picture!

The venom spewed on Sadhguru Jaggi Vasudev by the Left is obvious, but the "schooling" by the non-Left Trads is misplaced and born out of shortsightedness.

Hinduism vs Hindutva – The new ploy to guilt trap Hindus

Indian liberalism is an extension of Christianity rather than an independent rational line of thought. Such being the case, liberalism is pretty comfortable with Islam and Christianity.

Fallacies of Hindutva

Though there are many positives in the modern Indian state, but not being able to analyse historical and present day threats will be catastrophic in the near future for each and every Indian.

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