बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री स्वय को मुख्यमंत्री बनाये रखने के लिए किसी भी पार्टी की गोद में जाकर बैठ जाने से परहेज नहीं करते। इनका भी अपना ब्रांड वैल्यू है। पिछले १५ वर्षो से लगातार वो बिहार के मुख्यमंत्री है।
The political leaders of Bihar and their murky leadership is getting immensely heavy and harsh to their innocent natives with no sign of relief or empathy.
प्रथम अंक में हमने विवेचना की बिहार राज्य में सत्ता का सुख भोग रहे कुछ सत्ताविरो के मानसिक स्थिति और जनता के प्रति उनकी सोच और अवधारणा की। इस अंक में हम माननीय शिक्षा मंत्री के विषवमन का शिकार बने रामचरितमानस के दूसरे चौपाई के बारे में सूक्ष्म अवलोकन करेंगे।
कभी मगध और पाटलिपुत्र के गठजोड़ से दुनिया भर में अपने ज्ञान और सम्रद्धि से सम्पूर्ण विश्व को चकाचौंध कर देने वाला बिहार आज अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है।
नेता अख्तरुल इमाम ने कहा कि बिहार में बड़े राजनीतिक दल 2020 के विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद से उनकी पार्टी के विधायकों को उनके साथ जुड़ने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं।
When motion pictures tend to pick-up real-life events and personalities from our history and fictionalises them by adding such exaggerations, as is evident in this case, they end up doing grave historical misappropriation.
Atma Nirbhar Bihar was the campaign slogan of BJP in the 2020 Bihar Elections and helped Bhartiya Janta Party secured 74 seats in the last year’s elections. The verdict in BJP favor is clear that Bihar wants to progress.
This result has reduced the grand old party to the level of political pariah not only in Bihar but also in all over India, meaning any party before going to forge alliance with Congress-Gandhi has to think twice before forging alliance as benefit is doubtful.