Category Archives: Open Letters

भारत की आत्मा निर्मल हृदय का अनुभव है, आतिश तासीर जी

अगर इस देश की आत्मा को समझना है, विनम्र बनिए, शिक्षार्थी की तरह श्रद्धा के साथ आइए, तभी इस राष्ट्र का ओर उसकी आत्मा का अनुभव आप कर पायेंगे, नहीं तो ऐसे ही अपना जीवन व्यर्थ समाप्त कर लेंगे.

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Poem in response to Varun Grover

हम कागज लेके आयेंगें, उनको जरूर दिखायेंगे। तुम हमको फासिस्ट बोलोगे, हम तब भी मुस्कुरायेंगे। तुम हिंदु की कब्र खोदोगे, हम तुमको गले लगायेंगे। हम कागज लेके आयेंगें, उनको जरूर दिखायेंगें।।

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