Sunday, October 2, 2022

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Mamata Banerjee Corruption

Electoral quagmire for CM Mamata

If severity of pandemic continues unabated and if the third wave arrives as predicted, then election commission will not be able to hold bye-election in West Bengal and CM Banerjee will have to step down as CM.

Quick to blame the PM for COVID, desperation ever so high for the By Elections.

Amidst the newly found success in the Assembly Elections, for the Bengal Chief Minister, Mamata Banerjee, threat of her possible resignation on November 05, still remains a factor to worry about.

नारदा स्टिंग ऑपरेशन और तहलका

क्या आपको कुछ नाम याद हैं जैसे तरुण तेजपाल या तहलका आदि? नहीं, शायद याद रखना मुश्किल है लेकिन अब हम एक शर्ट के धागे को उधेड़ने जा रहे हैं जो पुरानी है लेकिन फिर भी सार्थक और फायदेमंद है।

बंगाल चुनाव: 213:77 के अनुपात का अर्थ क्या? भा.ज.पा के लिए आशा की किरण या निराशा की वजह

“बंगाल में, भाजपा का 2016 में, 3 सीटों से बढ़ कर 2021 में, 77 सीटों पर आना, निश्चित ही सामान्य बात नहीं है, जहां 2016 के विधानसभा चुनावों में भाजपा का मत प्रतिशत 10% था, वहीं 2021 में, 38.1% हो गया है, हालांकि 2019 के लोक सभा चुनवों से ये, 2.2 प्रतिशत की घटत है, पर भविष्य में ये कौन सा मोड़ लेता हैं, यह देखना रुचिकर होगा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस व वाम दलों के शून्य पे सिमट जाने से, वर्त्तमान में, बंगाल के राजनीति का द्विध्रुवीकरण भी कई राजनैतिक आसंकाओ के उत्पत्ति का कारण है”।।

केन्द्र की अकर्मण्यता और बंगाल चुनाव परिणाम

जिस देश में दारू के एक बोतल और एक मुर्गे पर लोगो की राजनीतिक आस्था बदल जाती है वहां free and fair election की कामना कैसे कर सकते हैं?

खेला होबे या विकास होबे

मोदी जी का कहना है कि, ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास ‘ यही भारत के विकास के मूलमंत्र हैं। भारत की राजनीतिक पार्टियां इन नारों को आत्मसात कर ले, तो किसी प्रकार की खेला खेलने की जरूरत न होगी।

The real Parivartan is to be ushered in now

CM Mamata's politics of senseless appeasement like opposing the CAA and appointing a Muslim cleric on Tarkeshwar Temple Board have created much discontent and disillusionment.

Why West Bengal is important for BJP

After Left's loot in the state; Mamata Banerjee came promising employment and peace. But since then political killings and corruption have only increased not reduced.

Secular battle of Bengal

Earlier the dividing line was drawn between Communal BJP and Secular TMC. Then Congress and Left Parties have come together with more secularism to fight Communal BJP and less secular TMC.

Political violence in Bengal- A race to win over power

The culture of violence in bengal isn't a new phenomenon rather has existed for over 50 years. History provides enough evidences for understanding prevailing forms of violence.

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