Tuesday, December 1, 2020

TOPIC

#LeftLiberals

सर्वहारा और मोदी

हे वामपंथी लम्पटों! अपने एलीटिज़म से बाहर निकलों, ज़मीनी हक़ीक़त को समझों और काम की बात करों। वर्ना सर्वहारा तो तुम्हारा मार्क्सवादी यूटोपिया कब की नकार ही चुकीं हैं, कहीं ये न हो कि बची कूची मान्यता भी ख़त्म हो जाए और कॉलेज-यूनिवर्सिटी के बाहर कोई श्वान भी ना पूछे।

असुराधिपति के प्रति सहानुभूति और कृतज्ञता का पर्व

राम को न मानने, न जानने और न समझने वालों को ये सामाजिक सन्देश युक्त शुभकामनाएँ और फोन फोन तक इनकी पहुंच अपने एजेंडा को जन जन तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम लगीं और उन्होंने इसका दोहन आरम्भ कर दिया।

Shyama Prasad Mukherjee ideological school vs leftist

We had this leader who gave his life for National Integrity and security, he always kept nation above everything.

Are young Indians reading the right history?

On one hand our historians praised the Soviet accomplishments beyond belief; and on the other hand, they totally sidestepped all the horrid and dark facts of the Soviet history, just to ensure that a decent impression should be left in the minds of Indian readers about the communist theory and leadership.

An irresponsible state under the responsible state

Country's minority group must understand that majority group can not be only responsible for maintaining the communal harmony in a society.

Cartoon: Violence by left in JNU

Left attacks innocents in JNU

CAB protest: Getting impaled on your own sword!

CAB, naturally addresses the historical wrongs committed against people from these 6 communities, who were caught in the crossfire and have suffered over the years.

Is India’s education system sustaining the Left?

Our education system is not in consonance with the land it lives and thrives on!

Why the conservative governments are on the rise all over the world

People have seen through the hypocrisy, hollowness, and elitism of this privileged lot which calls themselves as 'liberals' but are anything but that in true sense of the word.

वाकई सैक्यूलरिज्म या “स्टाकहोम सिंड्रोम”?

भारतीय दर्शन को देखने के पश्चात यह सुनिश्चित हो जाता है कि सैक्यूलरिज्म कुछ नहीं अपितु भय का विशिष्ट उत्पाद यानि स्टाकहोम सिंड्रोम ही है।

Latest News

गुपकार गैंग द्वारा रोशनी एक्ट की आड़ में किया गया 25000 करोड़ रुपए का घोटाला!

व्यवस्था का लाभ उठाकर 2001 से 2007 के बीच गुपकार गैंग वालों ने मिलकर जम्मू-कश्मीर को जहाँ से मौका मिला वहाँ से लूटा, खसोटा, बेचा व नीलाम किया और बेचारी जनता मायूसी के अंधकार में मूकदर्शक बनी देखती रही।

Death of the farmer vote bank

While in the case of a farmer the reform delivered double benefit but the political class faces double whammy, that of losing its captive vote bank that was dependent on its sops and secondly losing the massive income they earned as middlemen between the farmer and the consumer. Either the farmer is misinformed or wrongly instigated, otherwise it is impossible to conceive that any farmer should be actually unhappy or opposed for being given more choices, as to whom to sell their produce.

Teachers assign essays with a 280 character limit

This a satire news article, which 'reports' that the government has added 280 character essays to the educational curriculum in an attempt to train students to use Twitter in the future. Note: I have chosen an image of a school from your media library and added the twitter logo on top of it.

हिन्दू विरोधी वैचारिक प्रपंच, शब्दों का भ्रम (भाग-१)

धर्म शब्द को जिस प्रकार अनुचित अनर्थकारी व्याख्या के साथ प्रचलित किया गया है। इससे अधिक विनाशकारी आघात हिन्दू समाज को संभवतः ही किसी और शब्द से हुआ हो।

Ind vs Aus 1st ODI में ऑस्ट्रेलिया का भारत के खिलाफ नया वनडे रिकॉर्ड

आज का दिन भारतीय टीम के फैन्स के लिए निराशा भरा रहा जिसमे आज भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मे खेली जा रही 3 वनडे मैचों की सीरीज के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 66 रन से हरा दिया है और अब इस 3 एकदिवसीय मैच की सीरीज में 1-0 की लीड बना ली है।

Recently Popular

गुप्त काल को स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है

एक सफल शासन की नींव समुद्रगप्त ने अपने शासनकाल में ही रख दी थी इसीलिए गुप्त सम्राटों का शासन अत्यधिक सफल रहा। साम्राज्य की दृढ़ता शांति और नागरिकों की उन्नति इसके प्रमाण थे।

सामाजिक भेदभाव: कारण और निवारण

भारत में व्याप्त सामाजिक असामानता केवल एक वर्ग विशेष के साथ जिसे कि दलित कहा जाता है के साथ ही व्यापक रूप से प्रभावी है परंतु आर्थिक असमानता को केवल दलितों में ही व्याप्त नहीं माना जा सकता।

The story of Lord Jagannath and Krishna’s heart

But do we really know the significance of this temple and the story behind the incomplete idols of Lord Jagannath, Lord Balabhadra and Maa Shubhadra?

वर्ण व्यवस्था और जाति व्यवस्था के मध्य अंतर और हमारे इतिहास के साथ किया गया खिलवाड़

वास्तव में सनातन में जिस वर्ण व्यवस्था की परिकल्पना की गई उसी वर्ण व्यवस्था को छिन्न भिन्न करके समाज में जाति व्यवस्था को स्थापित कर दिया गया। समस्या यह है कि आज वर्ण और जाति को एक समान माना जाता है जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

Avrodh: the web-series that looks more realistic and closer to the truth!

The web-series isn't about the one Major who lead the attack, its actually about the strike and the events that lead to it, Major was a part of a big picture like others who fought alongside him, the snipers, the national security advisor so on and so forth.