Tuesday, April 20, 2021

TOPIC

Left Liberals' hypocrisy

The myth of young left candidates in West Bengal poll 2021

It may not be far from truth to conclude that the young left leaders may be young only in terms of their bodily age. Their mind is as archaic and rigid as their senior colleagues.

क्या होता है राजद्रोह? क्या कहता है सर्वोच्च न्यायलय?: 124A (IPC)

९ फरवरी २०१६ को एक आतंकवादी की मौत पर मातम मानते हुए जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में " भारत तेरे टुकड़े होंगे ", "भारत की बर्बादी" "पाकिस्तान जिंदाबाद" के जो नारे लगाए जा रहे थे वो "राजद्रोह" की श्रेणी में आते हैं या नहीं?

सर्वहारा और मोदी

हे वामपंथी लम्पटों! अपने एलीटिज़म से बाहर निकलों, ज़मीनी हक़ीक़त को समझों और काम की बात करों। वर्ना सर्वहारा तो तुम्हारा मार्क्सवादी यूटोपिया कब की नकार ही चुकीं हैं, कहीं ये न हो कि बची कूची मान्यता भी ख़त्म हो जाए और कॉलेज-यूनिवर्सिटी के बाहर कोई श्वान भी ना पूछे।

The atrocities on Hindus by Moplah Muslims

It was exactly one hundred years back, that the Moplahs launched sustained atrocities on Hindus for multiple reasons. Nehruvian Indian History calls those mass atrocities on Hindus as ‘Moplah Rebellion’.

हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाना कहां तक उचित है??

विज्ञापन में दिखाए गए पात्रों के धर्म एक दूसरे से बदल दिए जाएं तो क्या देश में अभी शांति रहती। क्या तनिष्क के शोरूम सुरक्षित रहते। क्या लिबरल तब भी अभिभ्यक्ती की स्वतन्त्रता की बात करते।

“हिंदुत्व” भारतवर्ष की उदारता एवं मानवता के श्रेष्ठ गुणों का निचोड़ है

हिंदुत्व ही राष्ट्रीयत्व है। जहां हिंदुत्व घटा, देश वहां बटां। पूर्वोत्तर के राज्य तथा जम्मू-कश्मीर इसका ज्वलंत प्रमाण है।

Privileged and the prey

Privilege is denying Hindu genocide by Mughal and British rulers. Privilege is giving historical context to their tyranny. Privilege is lamenting this is not the India you knew over nationalist efforts to rebuild the India we once were.

The recipe for an ecosystem that can counter the narrative of anti-India forces

A myth or a far-fetched reality? What are the odds? How to make one? What needs to be done? What needs to be learnt? All questions answered.

आज न सिर्फ उत्सव मानना है अपितु कार सेवकों के बलिदान को याद कर प्रपंचों से भी लड़ना है

आज न सिर्फ राम मंदिर की आधारशिला रखी जा रही है, बल्कि नए भारत निर्माण के संकल्प का वास्तविक आगाज भी हो रहा है। आज से हर राम भक्त दायित्व है कि अपने धर्म के विरुद्ध रचे जाने वाले प्रपंच और मिथ्या दुष्प्रचार का खंडन करे तथा अपने धर्म और कार सेवकों के बलिदान की शुचिता बनाए रखे।

वामपंथ: “अ” से लेकर “ज्ञ” तक (दूसरा भाग)

आज बात करेंगे कि "साम्यवाद" और "वामपंथ" आखिर किस तरह काम करते हैं, किस तरह भारत देश की व्यवस्था में ये लोग सेंधमारी कर चुके हैं और इनका "नक्सलियों" से क्या संबंध है?

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