Saturday, September 25, 2021

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Hinduism

तनिष्क, मान्यवर या आलिया भट्ट को दोष क्यों दें- अपनी संस्कृति से अनभिज्ञ होने के लिए खुद को दोष दें

मान्यवर में बेशर्म लोग सांस्कृतिक पोशाक बेच रहे हैं लेकिन भारतीय संस्कृति को शर्मसार कर रहे हैं। लेकिन उन्हें दोष क्यों दें? यह हम हैं - जिन्हें दोषी ठहराया जाना है। हम जिन्हें शिक्षा के वेश में वर्षों से कम्युनिस्टों द्वारा झूठ खिलाया गया है। हम ही अपनी संस्कृति को नहीं समझ पाते हैं।

Neo Carvaka and Vedanta: Two poles apart philosophies questioning each other on the ground of Hinduism

In ancient India, sage Brihaspati introduced a philosophical idea against the popular idea of Vedanta and termed as Carvaka. This is the first materialistic ideology developed in India which rejects the essence of Vedic philosophy that is the existence of God.

Just can’t ignore Twitter & NYT bravados

If the citizens of India won’t wake up now against the all-round, well-planned and organized assaults on our national sovereignty, forget that there will ever have any time for India to recoup.

Seasonal Hindus: Loving Hindus sometimes; hating them most times

Standing up for your religion, doesn't make you a hardliner. Being a Hindu, isn't a crime, you needn't be "ashamed".

False correlation between a religion and a political party: Strategy to make a religion dead

Whenever someone tries to take a stand for Hinduism, he is immediately associated to BJP or RSS. Whole focus shifts from the main issue to the political debate.

“बिशुन बिशुन बार बार”– खो गया परम्परा का प्रवाह

हम उस पीढ़ी से हैं जिसने बचपन में लोकपर्व बहुत आनन्द लिया है और अब धीरे धीरे इसका विलोपन सा होते देख रही है। तब ये छोटे छोटे लोकपर्व भी महापर्व हुआ करते थे।

हिंदूओं के वीर संगठनों की धार कुंद कैसे हुई?

क्यों राजनैतिक नेतृत्व इन अराष्ट्रीय गतिविधियों के प्रति घोर उदासीन बना हुआ है। उसकी क्या सियासी मजबूरियां हैं। क्या वह जानबूझकर इन घटनाओं को अनदेखा कर रहा है? क्या हिंदू समाज को कमजोर करने में ही उसे अपनी सियासत नजर आ रही है?

Socio-Cultural significance of the Rath Yatra

The Rath Yatra besides its deep religious sanctity, spiritual appeal, aesthetic glamour has deep-rooted influence in the socio-cultural trend of Odisha. As a matter...

जैसा ज्ञान, वैसा भगवान

अपनी उत्पत्ति से ही मनुष्य ने अपने ईश्वर को जानने की कोशिश की है, भले ही अभी तक सफल न हो पाया हो पर शायद अपने ज्ञान के प्रति निरंतर प्रयासों से एक दिन वह अपने इस सृष्टि के निर्माता को समझ पाए।

Rise of Hindu vote in Tamil Nadu and West Bengal

it can be safely assumed that with new rising Hindu vote, the non traditional BJP states might also have got good influence on ideology of RSS.

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